भ्रष्टाचार कांड: SDPO गौतम कुमार की नौकरानी पारो भी निकली करोड़पति, थार-बुलेट और बंगले की मालकिन
News In Short
- पारो थार से घरेलू काम करने आती थी।
- उसके नाम थार, बुलेट और बंगला मिला।
- EOU ने बैंक खाते और संपत्ति जांच शुरू की।
- पारो पूरे परिवार के साथ फरार है अभी।
- गौतम ने 32 साल में 100 करोड़ जुटाए।
News In Detail
बिहार के किशनगंज में एसडीपीओ (SDPO) रहे गौतम कुमार का भ्रष्टाचार कांड (corruption scandal) हर दिन नया मोड़ ले रहा है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में अब उनकी कथित नौकरानी पारो करोड़पति निकली। थार कार से घरेलू काम करने आने वाली पारो के नाम थार, बुलेट और करोड़ों का बंगला मिला है।
SDPO गौतम की नौकरानी करोड़पति
बिहार के किशनगंज में इन दिनों एक ही नाम चर्चा में है। वो नाम है - पारो। पारो कथित रूप से किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ (SDPO) गौतम कुमार के घर काम करती थी।
एक आम घरेलू कामगार (domestic worker) की तरह दिखने वाली इस महिला की जिंदगी असल में बेहद शाही थी। वो थार गाड़ी (Thar car) से घर आती थी। उसके पास रॉयल एनफील्ड बुलेट बाइक भी थी। जानकारों के अनुसार यह बुलेट उसे उपहार में मिली थी।
EOU जांच में नए-नए खुलासे
आर्थिक अपराध इकाई (Economic Offences Unit) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे-वैसे इस मामले में नए किरदार सामने आ रहे हैं। पहले पत्नी रूबी कश्यप के नाम संपत्ति (property) मिली थी।
फिर गौतम की कथित प्रेमिका का नाम उजागर हुआ। और अब नौकरानी पारो भी करोड़पति निकली। EOU की अलग-अलग टीमें हर दिन नई जगहों पर दस्तक दे रही हैं। इस मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
थार, बुलेट और करोड़ों का बंगला
पारो की लाइफस्टाइल किसी अमीर शख्स से कम नहीं थी। सोशल मीडिया पर उसके फोटो और वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में उसके हाथ में लाखों रुपए का कैश दिख रहा है।
एक तस्वीर में वो किसी झंडोत्तोलन समारोह में अधिकारी के साथ खड़ी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके में उसके नाम पर आलीशान बंगला (bungalow) भी है। इसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है।
फरार हुई पारो, घर पर ताला
जांच एजेंसियों की एक टीम शनिवार को पारो के किशनगंज स्थित किराए के आवास पर पहुंची। लेकिन घर पर ताला लगा था। पारो अपने पूरे परिवार के साथ फरार बताई जा रही है।
EOU की टीम ने किसी टिप्पणी से इनकार किया। जांचकर्ता अब उसके बैंक खातों (bank accounts), संपत्ति और निवेश की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। एक अन्य टीम जिला परिवहन कार्यालय पहुंची और गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन (vehicle registration) की जांच की।
SI से SDPO तक का सफर
गौतम कुमार ने 1994 में सब-इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) के रूप में पुलिस सेवा शुरू की। करीब 32 साल में वो एसडीपीओ के पद तक पहुंचे। जांच एजेंसियों का दावा है कि उन्होंने इस अवधि में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध संपत्ति जुटाई।
देश के कई शहरों में उनकी प्रॉपर्टी के सबूत मिले हैं। इस मामले में 29 मार्च को प्राथमिकी (FIR) दर्ज हुई और 31 मार्च को किशनगंज, पूर्णिया सहित छह ठिकानों पर छापेमारी की गई।
पत्नी, प्रेमिका और अब नौकरानी
इस पूरे मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है। एसडीपीओ गौतम कुमार से जुड़े हर करीबी इंसान के नाम करोड़ों की संपत्ति (assets) मिली है। पत्नी रूबी कश्यप जो सरकारी शिक्षिका हैं, उनके नाम आलीशान बंगला और महंगी गाड़ियां हैं।
कथित प्रेमिका के नाम पर भी भारी निवेश (investment) का खुलासा हुआ है। और अब घर की नौकरानी भी करोड़पति निकली है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
ये था SDPO गौतम कुमार का पूरा मामला...
बिहार के किशनगंज के पूर्व सदर एसडीपीओ (SDPO) गौतम कुमार पर “आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने” के गंभीर भ्रष्टाचार मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शिकंजा कसा है। गौतम कुमार पर आरोप है कि 32 साल की पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने वैध आय से कहीं अधिक लगभग 70–80 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति बनाई है, जिसमें चाय बागान, जमीन, लग्जरी इमारतें और अन्य प्रॉपर्टी शामिल हैं।
31 मार्च को EOU ने की थी छापेमारी
EOU ने 29 मार्च 2026 को गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया और 31 मार्च को पूर्णिया, किशनगंज, पटना, अररिया व सिलीगुड़ी सहित उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान जमीन के दर्जनों दस्तावेज और भारी निवेश सामने आए, जिससे अनियमितता का आरोप और मजबूत हुआ।
नौकरानी की बेनामी संपत्ति
जांच में यह भी सामने आया है कि गौतम कुमार की घरेलू नौकरानी पारो की भी करोड़ों रुपए की संपत्ति और लक्जरी लाइफस्टाइल है, जो उसकी ज्ञात आय से ज्यादा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पारो व उसके परिवार के सदस्य फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं, जिससे मामले में लगातार नया खुलासा हो रहा है।
कार्रवाई व अब तक की स्थिति
इस मामले के बाद गौतम कुमार को किशनगंज के SDPO पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में योगदान देने को कहा गया है और उनके खिलाफ धन शोधन कानून के तहत भी कार्यवाही की संभावना जताई जा रही है।
करीब 80 करोड़ रुपए की कथित बेनामी संपत्ति और नौकरानी की अप्राकृतिक धनराशि के खुलासे के बाद यह मामला बिहार का एक बड़ा भ्रष्टाचार विवाद बन चुका है।
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