दिल्ली सीजेपी प्रोटेस्ट में बिना नेटवर्क मैसेज भेजने वाला Bitchat App बैन, आईफोन यूजर्स भी नहीं कर सकेंगे यूज
Bitchat App: दिल्ली के लुटियंस इलाके में हाल ही में प्रदर्शन हुआ था। उस दौरान कई जगहों पर मोबाइल नेटवर्क अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया था। ऐसे माहौल में वहां मौजूद युवाओं ने मैसेज भेजने के लिए एक नया रास्ता निकाला।
युवाओं ने बिटचैट नाम के ऐप का खुलकर इस्तेमाल किया। लेकिन अब भारत के एपल ऐप स्टोर से इस बिटचैट नाम के ऐप को पूरी तरह हटा दिया गया है। ट्विटर के पूर्व बॉस जैक डॉर्सी ने सोशल मीडिया पर इसका खुलासा किया।
एपल के नोटिस के मुताबिक, यह कार्रवाई आईटी मंत्रालय के आदेश पर की गई है। इससे पहले गिटहब से भी इस ऐप को हटाने का निर्देश दिया गया था। अब भारतीय यूजर्स आईफोन में इसे डाउनलोड नहीं कर सकेंगे। हालांकि दूसरे देशों में यह ऐप पहले की तरह उपलब्ध रहेगा।
बैन पर जैक डॉर्सी का बयान
ट्विटर के पूर्व बॉस जैक डॉर्सी ने X पर पोस्ट शेयर करते हुए पूरी बात खुलकर बताई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने ऐप को आधिकारिक रूप से हटवा दिया है। एपल की रिव्यू टीम ने डेवलपर को सरकार का नोटिस भेजा है। नोटिस के मुताबिक ऐप में ऐसा कंटेंट है, जो भारत में गैरकानूनी है।
इसलिए ऐप रिव्यू गाइडलाइंस पूरी नहीं होतीं। डेवलपर चाहे तो ज्यादा जानकारी के लिए सीधे मंत्रालय से संपर्क कर सकता है। कानूनी नियमों का पालन न करने के कारण इसे स्टोर से हटाया गया। अगर डेवलपर चाहे तो वह सीधे संबंधित मंत्रालय से बात कर सकता है।
कैसे काम करता है Bitchat
Bitchat App एक पियर टू पियर मैसेजिंग ऐप है। यह पूरी तरह से डिसेंट्रलाइज्ड सिस्टम पर काम करता है। इसे मैसेज भेजने के लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होती। यह आसपास मौजूद ब्लूटूथ डिवाइस को खोज लेता है।
दो फोन मिलकर एक ब्लूटूथ नेटवर्क बनाते हैं। इसे तकनीक की भाषा में मेश नेटवर्किंग कहते हैं। बीच का फोन मैसेज आगे बढ़ाने का काम करता है। बिटचैट को खास प्राइवेसी के लिए बनाया गया है। इसमें भेजे गए मैसेज पूरी तरह से एनक्रिप्टेड होते हैं।
सुरक्षा के लिहाज से इसमें एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन तकनीक दी गई है। इसका मतलब है कि बीच वाला डिवाइस मैसेज को कभी पढ़ नहीं सकता। इसी प्राइवेसी और बिना इंटरनेट काम करने की ताकत ने इसे युवाओं में फेमस बनाया। लेकिन सुरक्षा कारणों के हवाले से अब इस पर भारत में रोक लग चुकी है।
बीच वाला डिवाइस मैसेज कभी नहीं पढ़ सकता है। इसलिए यूजर्स का डेटा हमेशा सुरक्षित रहता है। यही वजह थी कि प्रोटेस्ट में इसका इस्तेमाल बढ़ा। लेकिन सुरक्षा कारणों से अब यह बैन हो चुका है। भारत के अलावा अन्य देशों में यह उपलब्ध रहेगा।
यह खबर क्यों जरूरी है
नेटवर्क बंद होने की स्थिति में लोग संपर्क कैसे रखें, यह सवाल आम नागरिक से जुड़ा है। बिटचैट जैसे ऐप इस जरूरत को पूरा करते हैं। दूसरी तरफ सरकार ने नोटिस में कंटेंट को गैरकानूनी बताया है। एक तरफ कम्युनिकेशन्स की सुविधा है, दूसरी तरफ कानून का पालन। एक्सप्रेशन की आजादी और कानूनी दायरे का यह बैलेंस कोंस्टीटूशनल वैल्यूज से जुड़ा है।
FAQ:
- बिटचैट ऐप को भारत के ऐप स्टोर से क्यों हटाया गया है?
बिटचैट ऐप को भारतीय आईटी मंत्रालय के आदेश पर हटाया गया है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि ऐप में ऐसा कंटेंट पाया गया है। ये भारत में गैरकानूनी है और इसने ऐप रिव्यू गाइडलाइंस का पालन नहीं किया। - बिटचैट ऐप क्या है और यह कैसे काम करता है?
बिटचैट एक पियर टू पियर मैसेजिंग ऐप है जो डिसेंट्रलाइज्ड सिस्टम पर काम करता है। यह बिना इंटरनेट के काम करता है और आसपास के ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से मैसेज भेजता है। - क्या बिटचैट ऐप का बैन केवल भारत में लागू है?
हां, बिटचैट ऐप का बैन केवल भारत में लागू है। भारत के बाहर, यह ऐप दूसरी देशों में पहले की तरह उपलब्ध रहेगा।