ब्रिक्स सम्मेलन के लिए बना चक्रव्यूह, 35 हजार जवान, 500 कैमरे और लड़ाकू विमान देंगे पहरा

Aman Vaishnav | Sept 11, 2026, 08:59 IST
ब्रिक्स सम्मेलन 2026
दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन की सुरक्षा के लिए एक विशालकाय सुरक्षा कवच बनाया गया है। इस सम्मेलन की सुरक्षा के लिए 35 हजार जवान, आकाश मिसाइलें और 500 CCTV कैमरे तैनात किए गए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • दिल्ली में 12-13 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा है।
  • इसके लिए शहर में 35 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
  • वायुसेना आकाश मिसाइल और लड़ाकू जेट से निगरानी कर रही है।
  • विदेशी नेताओं के लिए 11 होटल और 35 सुरक्षित रूट तय हैं।
  • पुतिन और जिनपिंग के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया है।

35 हजार जवानों का पहरा

बता दें कि दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल मिलकर सुरक्षा संभाल रहे हैं। करीब 35 हजार जवान तैनात किए गए हैं। यह इंतजाम गणतंत्र दिवस जैसी सुरक्षा से मिलता-जुलता है। एंटी एयरक्राफ्ट गन और एंटी ड्रोन सिस्टम भी लगाए गए हैं।



स्नाइपर टीमें भी अलग-अलग जगहों पर तैनात हैं। इलाके में 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कुछ कैमरे गाड़ियों की नंबर प्लेट तक पढ़ सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने तैयारियों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए हैं।



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आसमान से भी निगरानी

भारतीय वायुसेना ने आकाश मिसाइलें तैनात की हैं। साथ ही लड़ाकू जेट भी हवा में गश्त लगा रहे हैं। यह सुरक्षा व्यवस्था गणतंत्र दिवस परेड जैसी बताई जा रही है।



नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों के लिए 11 होटल तय किए गए हैं। शहर में इनके लिए 35 सुरक्षित रूट भी बनाए गए हैं। रूट पर फूल-पत्ती से स्वागत की तैयारी भी है।



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पुतिन का सबसे बड़ा काफिला

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के काफिले सबसे बड़े हैं। पुतिन की बख्तरबंद कार दिल्ली पहुंच चुकी है। उनके साथ अलग तकनीकी सुरक्षा घेरा भी आया है।



फ्लाइंग क्रेमलिन आया साथ

पुतिन के साथ आया विमान आईएल-96-300 पीयू एक चलता-फिरता कमान केंद्र है। इसे फ्लाइंग क्रेमलिन कहा जाता है। यह विमान पालम एयरपोर्ट पर उतर चुका है।



उनके लिए ऑरस सेनेट बख्तरबंद लिमोजिन भी लाई गई है। भीतरी सुरक्षा रूसी एजेंसियां संभालेंगी। बाहरी घेरा भारतीय एजेंसियों के पास रहेगा।



पुतिन के भोजन की अलग जांच होगी। रूस अपने सैनिकों का इंतजाम खुद करेगा। पुतिन दिल्ली के मौर्या शेरेटन होटल में ठहरेंगे।



जिनपिंग की सुरक्षा भी सख्त

शी जिनपिंग के लिए एयर चाइना का बोइंग-747 राष्ट्रपति विमान बनाया गया है। इसे तैयार करने में करीब एक महीना लगा। विमान में बैठक कक्ष, कार्यालय और बेडरूम भी हैं।



जिनपिंग के साथ करीब 400 लोगों का दल आ सकता है। इसमें अधिकारी, प्रोटोकॉल टीम, सुरक्षा और तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे। सुरक्षा टीम ने पहले ही अग्रिम निरीक्षण कर लिया है।



पिछली यात्राओं में उनके लिए चीनी शेफ और अलग रसोई व्यवस्था रही है। होटल का कमरा हो या गाड़ी, हर जगह सुरक्षा एजेंसियां मौजूद रहती हैं। उनके ठहरने वाला पूरा होटल एक हफ्ते पहले ही बुक कर लिया जाता है।



क्यों अहम है यह सम्मेलन

ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। यह सम्मेलन वैश्विक कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडल दिल्ली आ रहे हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां कोई कोताही नहीं बरत रही हैं।



हर एजेंसी की जिम्मेदारी तय

सुरक्षा में दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और वायुसेना साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हर एजेंसी की जिम्मेदारी पहले से बांटी गई है। होटल, रूट और आयोजन स्थल, तीनों जगह अलग-अलग टीमें तैनात हैं।



विदेशी सुरक्षा दल भी अपने-अपने नेताओं के साथ आए हैं। भारतीय एजेंसियां इनके साथ तालमेल बनाकर काम कर रही हैं। मकसद यही है कि सम्मेलन बिना किसी बाधा के पूरा हो जाए।



FAQ

  1. दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन कब हो रहा है?
    यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को दिल्ली में हो रहा है। इसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे। सुरक्षा के लिए 35 हजार जवान तैनात किए गए हैं।
  2. ब्रिक्स सम्मेलन के लिए सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
    सुरक्षा में आकाश मिसाइल, एंटी ड्रोन सिस्टम और स्नाइपर तैनात हैं। शहर में 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह इंतजाम गणतंत्र दिवस जैसा बताया जा रहा है।
  3. ब्रिक्स सम्मेलन के लिए पुतिन और जिनपिंग किस होटल में ठहरेंगे?
    पुतिन दिल्ली के मौर्या शेरेटन होटल में ठहरेंगे। जिनपिंग के ठहरने वाला होटल पहले ही बुक कर लिया गया है। दोनों नेताओं की सुरक्षा सबसे कड़ी रखी गई है।

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