ब्रिटेन ने बनाया AI मंत्री, कनिष्क नारायण को कैबिनेट में मिली जगह
दुनियाभर में जहां एक तरफ AI को लेकर नौकरियों पर असर की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ ब्रिटेन ने AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। ब्रिटेन ने भारतीय मूल के कनिष्क नारायण को अपना पहला AI मंत्री नियुक्त किया है।
यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि AI जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसे लेकर सरकारें भी अपनी रणनीति तैयार कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI से जुड़े फैसले हर देश के लिए बेहद अहम होंगे।
कौन हैं AI मंत्री कनिष्क नारायण?
कनिष्क नारायण भारतीय मूल के लेबर पार्टी नेता हैं। उनका परिवार भारत से जुड़ा है, जबकि उनका राजनीतिक सफर ब्रिटेन में रहा है।
वह साल 2024 में वेल्स के वेल ऑफ ग्लेमॉर्गन से सांसद बने थे। सितंबर 2025 में उन्हें AI और ऑनलाइन सेफ्टी मंत्री बनाया गया था। अब ब्रिटेन पीएम एंडी बर्नहैम ने उन्हें कैबिनेट में AI से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी दी है।
नई सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। डिपार्टमेंट ऑफ साइंस, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी (DSIT) को खत्म कर इसे बिजनेस एंड ट्रेड डिपार्टमेंट में मिला दिया गया है। हालांकि AI से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी कनिष्क नारायण के पास ही रहेगी। सरकार का कहना है कि इससे AI और बिजनेस से जुड़े फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े रहे हैं मंत्री
कनिष्क नारायण पहले भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन सेफ्टी से जुड़े मंत्री रह चुके हैं। अब उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। नई सरकार में उन्हें सीधे कैबिनेट स्तर पर काम करने का मौका मिलेगा। इसका मतलब है कि AI से जुड़े बड़े नीतिगत फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
ब्रिटेन बना रहा AI हब
दुनियाभर में AI को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। ऐसे में ब्रिटेन ने AI मंत्री की नियुक्ति कर अपनी प्राथमिकता साफ कर दी है। ब्रिटेन पिछले कुछ वर्षों से खुद को AI हब बनाने की कोशिश कर रहा है। यहां Google DeepMind जैसी बड़ी AI कंपनियां मौजूद हैं। सरकार AI स्टार्टअप, रिसर्च और डेटा सेंटर में निवेश बढ़ा रही है।
AI Growth Zones और Sovereign AI Fund जैसे प्रोजेक्ट भी इसी रणनीति का हिस्सा हैं।
AI विभाग को लेकर उठे सवाल
हालांकि नई सरकार के कुछ फैसलों पर सवाल भी उठ रहे हैं। खासतौर पर DSIT को दूसरे विभाग में मिलाने के फैसले की कई टेक विशेषज्ञों ने आलोचना की है। उनका कहना है कि AI और टेक्नोलॉजी के लिए एक अलग विभाग होना चाहिए। इसके बावजूद सरकार का कहना है कि AI उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा और कनिष्क नारायण इस एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे।
FAQ
- ब्रिटेन के पहले AI मंत्री कौन बने हैं?
ब्रिटेन ने भारतीय मूल के लेबर पार्टी नेता कनिष्क नारायण को अपना पहला AI मंत्री बनाया है। उन्हें AI और ऑनलाइन सेफ्टी से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। - कनिष्क नारायण को AI मंत्री बनाना क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?
AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ब्रिटेन सरकार ने यह कदम उठाया है। इसका उद्देश्य AI से जुड़े फैसलों, नीतियों और तकनीकी विकास को बेहतर तरीके से संभालना है। - कनिष्क नारायण की AI मंत्री के तौर पर क्या जिम्मेदारी होगी?
कनिष्क नारायण AI से जुड़ी नीतियों, ऑनलाइन सुरक्षा, तकनीकी विकास और AI के इस्तेमाल से जुड़े सरकारी फैसलों में अहम भूमिका निभाएंगे।
ये भी पढ़ें...
बेंगलुरु ट्रिपल मर्डर केस: लिव इन पार्टनर ने AI चैटबॉट से पूछे थे हत्या के तरीके
एआई पर अरबों खर्च, लेकिन मुनाफे का इंतजार
न कंप्यूटर, न इंटरनेट और न ही ढंग की व्यवस्था, कैसे एआई सीखेंगे एमपी के छात्र?
भारत में तेजी से बढ़ रहा टेंपल मैनेजमेंट क्रेज, एआई और मंदी का नहीं होगा असर