कैफे ने लगाया 5% गैस क्राइसिस शुल्क, बिल देख चौंक जाएंगे आप

Sandeep Kumar | Mar 16, 2026, 19:50 IST
gas crisis fee
बेंगलुरु के 'थियो कैफे' ने नींबू पानी पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज लिया। इस पर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। लोग सवाल उठा रहे हैं कि नींबू पानी बनाने में कौन सी गैस इस्तेमाल होती है।

देशभर में जारी LPG संकट के बीच बेंगलुरु के एक कैफे ने नींबू पानी पर 5% 'गैस क्राइसिस चार्ज' लगाया। यह शुल्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हुआ। बेंगलुरु के 'थियो कैफे' की रसीद के मुताबिक, ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड ऑर्डर किए थे। एक लेमोनेड की कीमत 179 थी, तो दो का बिल 358 हुआ। कैफे ने 17.90 का 5% डिस्काउंट दिया, फिर 'गैस क्राइसिस चार्ज' के नाम पर 5% यानी 17.01 जोड़ दिए। इस तरह ग्राहक का कुल बिल 374 हो गया।



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नींबू पानी पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज

बेंगलुरु के 'थियो कैफे' ने अपने ग्राहकों से नींबू पानी पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज वसूल किया। यह चार्ज एलपीजी संकट के कारण लगाया गया था, जिसे लेकर देशभर में बहस हो रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस बिल की फोटो वायरल हो गई, और यूजर्स ने इस चार्ज को लेकर अपनी नाराजगी जताई। इस घटना ने बेंगलुरु के कैफे को सुर्खियों में ला दिया। एलपीजी संकट के बीच ऐसे शुल्क वसूलने से लोगों में गुस्सा बढ़ा है।



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सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं


इस बिल की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही यूजर्स ने इस पर मजाक और आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, नींबू गरम करके डाला है क्या?" और कुछ ने इसे 'महंगाई का डिजिटल अवतार' करार दिया। कई यूजर्स ने यह सवाल किया कि आखिर नींबू पानी बनाने में कौन सी गैस का उपयोग होता है, जो इस पर क्राइसिस शुल्क वसूला जा रहा है। कुछ यूजर्स ने इसे ग्राहकों को लूटने का नया तरीका बताया, तो कुछ ने इसे सरकार के द्वारा एलपीजी संकट के दौरान कैफे की ओर से किया गया एक छोटा कदम स्वीकार किया।



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एलपीजी संकट का प्रभाव

देशभर में एलपीजी की आपूर्ति में व्यवधान देखने को मिल रहा है, जिसका असर रेस्तरां, होटल और सार्वजनिक कैंटीन पर भी पड़ा है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से शिपमेंट धीमा हो गया है, और भारत अपनी एलपीजी की लगभग 60% आपूर्ति पश्चिम एशिया से करता है। इसके अलावा, 50% नेचुरल गैस और 88% क्रूड ऑयल भी इसी क्षेत्र से आता है। इससे एलपीजी की कीमतों में वृद्धि हुई है, और इसके कारण रेस्तरां और होटल मालिकों को अपने लागतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त शुल्क लगाने का मन बना सकते हैं।



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सरकार का बयान और कदम

केंद्र सरकार ने इस एलपीजी संकट की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा है कि LPG की आपूर्ति में कोई पूर्ण कमी नहीं है। वाणिज्यिक बिक्री आंशिक रूप से फिर से शुरू हो गई है और सरकार ने CNG और PNG की आपूर्ति पूरी होने की जानकारी दी है। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों में भी कोई सूखापन नहीं देखा गया है। सरकार ने यह भी कहा कि घरेलू ग्राहकों और प्राथमिक क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।



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ग्राहकों के लिए संदेश

केंद्र ने एलपीजी संकट को लेकर चिंता जताई है, लेकिन इसके बावजूद आम नागरिकों के लिए कोई गंभीर चिंता की बात नहीं है। CNG और PNG की आपूर्ति पूरी है, और पेट्रोल पंपों पर स्थिति सामान्य बनी हुई है। वाणिज्यिक बिक्री आंशिक रूप से फिर से शुरू हो चुकी है, और सरकार की कोशिश है कि संकट का असर ज्यादा न बढ़े।





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