TRAI New Rules: 1 नवंबर से खत्म होगा अनजान कॉल्स का डर, फोन पर दिखेगा कॉलर का असली नाम, स्पैम और फ्रॉड कॉल का होगा दी एंड

Kaushiki | Oct 15, 2026, 12:45 IST
अनजान कॉल पर दिखेगा असली नाम, 1 नवंबर से नया नियम
एक नवंबर से TRAI का नया CNAP नियम लागू होगा। अब अनजान कॉल्स पर सिम मालिक का असली नाम फोन स्क्रीन पर दिखेगा। इसके लिए किसी ऐप या सेटिंग की जरूरत नहीं होगी। यह नियम ग्राहक फॉर्म के आधार पर काम करेगा। इससे साइबर फ्रॉड और स्पैम कॉल्स पर लगाम लगेगी। आइए TRAI New Rules को स्टेप-बाय-स्टेप समझें।

TRAI New Rules: क्या आपके फोन पर भी हर दिन अनजान नंबरों से दर्जनों कॉल आते हैं? क्या आप भी इस डर से कॉल नहीं उठाते कि कहीं कोई साइबर ठग तो नहीं? अगर हां, तो अब आपकी यह परेशानी हमेशा के लिए दूर होने वाली है। टेलीकॉम सेक्टर में एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है।



भारत सरकार और टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने मोबाइल यूजर्स की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है। एक नवंबर से देश भर में नया नियम पूरी तरह से लागू होने जा रहा है। इस नए सिस्टम को कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) नाम दिया गया है।



अब आपके फोन की स्क्रीन पर अनजान नंबर के साथ उस व्यक्ति का असली नाम भी साफ-साफ दिखाई देगा। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए आपको कोई थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आइए इस पूरे सिस्टम को स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं।



अनजान कॉल पर दिखेगा असली नाम

क्या है कॉलर नेम का नियम

रिपोर्ट के मुताबिक, अब सभी कंपनियों को कॉलर का नाम डिस्प्ले पर दिखाना होगा। इस सर्विस को कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी सीएनएपी (CNAP – Calling Name Presentation) कहा जाता है।



भारत में बीते कुछ महीनों से इसकी टेस्टिंग चल रही थी। कई लोगों को अनजान नंबर से कॉल आने पर नाम दिखाई भी दे रहा है। अब इसे सभी के लिए जरूरी करने की बात सामने आई है। टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई (TRAI - Telecom Regulatory Authority of India) टेस्टिंग के आदेश पहले ही दे चुका है।



सेटिंग में क्या बदलना होगा

यह फीचर आपके फोन में बाय-डिफॉल्ट ऑन रहेगा। ट्राई पिछले कुछ महीनों से इसकी सफलतापूर्वक टेस्टिंग कर रहा था। अब सभी टेलीकॉम कंपनियों के लिए यह सर्विस देना जरूरी कर दिया गया है। इसके लिए यूजर को किसी सेटिंग में जाकर इसे चालू नहीं करना होगा।



हालांकि एक अन्य रिपोर्ट में बंद करने का विकल्प मिलने की बात भी कही गई है। यह विकल्प ऑपरेटर के जरिए मिल सकता है। इसकी कन्फर्मेशन अभी बाकी है। इस कदम से फर्जी कॉल और फाइनेंसियल फ्रॉड करने वाले अपराधियों की कमी आएगी।



सिम किसके नाम पर, नाम उसी का

स्मार्टफोन पर वही नाम दिखेगा, जिसके नाम से सिम (SIM - Subscriber Identity Module) खरीदी गई है। यानी असली इस्तेमाल करने वाला कोई और हो, तब भी खरीदार का नाम दिखेगा।



जैसे- मान लीजिए सिम रमेश के नाम पर खरीदी गई है। उसे उनकी पत्नी जानकी इस्तेमाल करती हैं। जानकी किसी को कॉल करती हैं। सामने वाले ने उनका नंबर सेव नहीं किया है। तब उसकी स्क्रीन पर रमेश का नाम दिखेगा। यानी कॉल जानकी कर रही हैं, लेकिन नाम रमेश का आएगा।



साइबर फ्रॉड पर कैसे लगेगी रोक

नए नियम का मकसद साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाना बताया गया है। अन्य रिपोर्ट के मुताबिक इस सर्विस से स्पैम, धोखाधड़ी और किसी और की पहचान बनाकर कॉल करने पर रोक की उम्मीद है।



ये नाम सिम लेते समय दिए गए ग्राहक आवेदन फॉर्म (CAF - Customer Acquisition Form) की जानकारी से मिलते हैं। यानी ये ट्रूकॉलर जैसे थर्ड पार्टी ऐप के नाम नहीं होंगे। एक रिपोर्ट में कंपनियों के असमंजस की बात भी आई थी। सवाल था कि फॉर्म का नाम दिखेगा या असली यूजर का।



क्या ट्रूकॉलर ऐप की हो जाएगी छुट्टी

पहले लोग अनजान नंबरों की पहचान करने के लिए ट्रूकॉलर ऐप पर निर्भर रहते थे। लेकिन ट्रूकॉलर पर कई बार फर्जी या मनमर्जी के नाम दिखाई देते थे। अब सरकारी डेटाबेस से सीधा नाम आने के कारण जानकारी 100% सटीक होगी। इससे थर्ड-पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल अपने आप कम हो जाएगा।



पहले क्या-क्या हुआ

अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्राई ने फरवरी 2024 में इस सर्विस की सिफारिश की थी। बाद में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में टेस्टिंग की खबरें आईं। रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल (BSNL - Bharat Sanchar Nigam Limited) हरियाणा में पायलट चला रहे थे।



एयरटेल हिमाचल में इसे आजमा रही थी। सीधी बात यह है कि अनजान नंबर पर नाम दिखेगा। लेकिन वह सिम मालिक का नाम होगा। जरूरी नहीं कि कॉल करने वाला वही व्यक्ति हो। इसलिए सिर्फ नाम देखकर भरोसा न करें। बैंक या पैसे से जुड़ी कॉल पर खास सावधानी रखें।



यह खबर क्यों जरूरी है

देश में हर मोबाइल यूजर को रोज अनजान कॉल आती हैं। कई बार इनके पीछे ठगी की कोशिश होती है। नाम दिखने से लोग कॉल उठाने का फैसला बेहतर ले सकेंगे। लेकिन नाम सिम मालिक का होगा, यह बात भी समझना जरूरी है। इसलिए हर यूजर के लिए इस नियम की बारीकी जानना अहम है।



FAQs:



  1. कॉलिंग नाम प्रेजेंटेशन (CNAP) क्या है?
    कॉलिंग नाम प्रेजेंटेशन (CNAP) एक नया नियम है जिसके तहत अनजान नंबरों से आने वाली कॉल पर उस कॉलर का असली नाम फोन की स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  2. क्या CNAP सेवा के लिए मुझे किसी ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत है?
    नहीं, CNAP सेवा के लिए आपको कोई थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है, यह सेवा आपके फोन में बाय-डिफॉल्ट ऑन रहेगी।
  3. क्या मुझे CNAP सेवा बंद करने का विकल्प मिलेगा?
    रिपोर्ट के मुताबिक, CNAP सेवा को बंद करने का विकल्प मिल सकता है, लेकिन इसके बारे में अंतिम पुष्टि अभी बाकी है।
Tags:
  • TRAI New Rules
  • TRAI
  • कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन
  • Telecom Regulatory Authority of India
  • साइबर फ्रॉड पर रोक
  • ट्राई नया नियम
  • CNAP India
  • मोबाइल यूजर्स के लिए नया नियम
  • Calling Name Presentation