CBSE ने छात्रों के लिए तीसरी भाषा की अनिवार्य, सात दिनों के अंदर लागू करने के निर्देश
News in Short
- CBSE ने कक्षा 6 से तीसरी भाषा (R3) को अनिवार्य किया है।
- छात्रों को कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन करना होगा।
- कक्षा 9 से अंग्रेजी सिलेबस में बदलाव किया गया है।
- छात्रों को R1 और R2 के रूप में दो भाषाओं का चयन करना होगा।
- R3 पहल 2031 तक चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
News in Detail
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत एक बड़ा फैसला लिया है। अब कक्षा 6 के छात्रों के लिए 'तीसरी भाषा' (R3) अनिवार्य कर दी गई है। बोर्ड ने हाल ही में जारी सर्कुलर में सभी संबद्ध स्कूलों को यह आदेश अगले 7 दिनों के भीतर लागू करने का निर्देश दिया है।
'स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा 2023' (NCF-SE) पर आधारित इस पहल का उद्देश्य छात्रों में भाषाई कौशल, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भले ही अभी ऑफिशियल सिलेबस उपलब्ध न हो, लेकिन शिक्षण कार्य तुरंत शुरू करना अनिवार्य है।
CBSE का बड़ा फैसला
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए भाषा चयन और सिलेबस में बदलाव किए हैं। ये बदलाव 2026-27 सत्र से लागू होंगे। इन बदलावों का असर लाखों छात्रों पर पड़ेगा। छात्रों को अब नए दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
अंग्रेजी सिलेबस में बदलाव
इस बार CBSE ने अंग्रेजी के सिलेबस में बड़ा फेरबदल किया है। अब तक जो 'इंग्लिश कम्युनिकेटिव' कोर्स था, उसे कक्षा 9 से पूरी तरह बंद कर दिया गया है। छात्रों को अब सिर्फ एक अंग्रेजी कोर्स पढ़ना होगा। इसके लिए CBSE ने एनसीईआरटी (NCERT) की नई किताब 'कावेरी' को अनिवार्य कर दिया है, जिससे अंग्रेजी का अध्ययन और अधिक व्यवस्थित और पाठ्यक्रम के अनुरूप होगा।
दो भाषाओं का चुनाव
CBSE ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए भाषा चयन की नई व्यवस्था शुरू की है। अब छात्रों को दो भाषाओं का चुनाव करना होगा, जिन्हें R1 और R2 कैटेगरी में बांटा गया है:
R1 (पहली भाषा): छात्र अपनी पहली भाषा के रूप में हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू या कन्नड़ में से किसी एक को चुन सकते हैं।
R2 (दूसरी भाषा): R1 के बाद, छात्र बोर्ड द्वारा ऑफर की गई अन्य 43 भाषाओं में से कोई भी दूसरी भाषा (R2) चुन सकते हैं।
सख्त नियम: R1 और R2 में एक ही भाषा नहीं
CBSE ने स्पष्ट किया है कि छात्र अपनी R1 और R2 दोनों भाषाओं के रूप में एक ही भाषा का चुनाव नहीं कर सकते। उदाहरण के लिए, अगर किसी छात्र ने R1 में हिंदी चुनी है, तो उसे R2 के लिए किसी अन्य भाषा का चुनाव करना होगा।
कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए कोई बदलाव नहीं
2026-27 सत्र में कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं है। CBSE ने साफ किया है कि कक्षा 10 के छात्र वही भाषाएं पढ़ना जारी रखेंगे, जो उन्होंने कक्षा 9 (सत्र 2025-26) में चुनी थीं। उनकी असेसमेंट स्कीम भी पुराने ढर्रे पर ही रहेगी, ताकि छात्रों को किसी प्रकार का भ्रम न हो।
क्या है मॉडल त्रिभाषा R3 ?
तीसरी भाषा (R3) मॉडल राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 का हिस्सा है। कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। तीसरी भाषा के रूप में अंग्रेजी या विदेशी भाषा चुनी जा सकती है। इसका उद्देश्य छात्रों में बहुभाषावाद, सांस्कृतिक समझ और भाषाई कौशल को बढ़ावा देना है। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू कर 2031 तक प्रभावी बनाने की योजना है।
CBSC के सर्कुलर में क्या?
स्कूलों को तुरंत पढ़ाना शुरू करने का निर्देश दिया गया है। पाठ्यपुस्तकें अभी जारी नहीं हुई हैं। सर्कुलर में इसे अनिवार्य बताया गया है। R3 कक्षाओं के लिए अस्थायी अध्ययन सामग्री का उपयोग किया जा सकता है। स्कूलों को क्षेत्रीय कार्यालयों को सूचित करना होगा। OASIS पोर्टल पर भाषा का चयन अपडेट करना होगा। कक्षा 6 में शुरू की गई भाषाएं कक्षा 9 और 10 में विकल्प के रूप में उपलब्ध होंगी। CBSE के क्षेत्रीय अधिकारी इसे लागू करने की निगरानी करेंगे।
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