ई-कॉमर्स कंपनियों पर सख्ती: जेप्टो, इंडिगो समेत 9 कंपनियों पर 20 लाख का जुर्माना
समझें क्या है पूरा मामला
- केंद्र सरकार ने ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी ऐप्स पर सख्ती बढ़ाई है।
- कस्टमर्स से बिना बताए हिडन चार्ज और डोनेशन जोड़े जा रहे थे।
- इस पर सरकार की एजेंसी CCPA ने कार्रवाई शुरू की।
- Zepto, PhysicsWallah, IndiGo समेत 9 डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जुर्माना लगा।
- सबसे ज्यादा जुर्माना Zepto पर लगाया गया है।
देश में ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी अब रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी है। लेकिन इसी सुविधा के बीच कुछ कंपनियां ग्राहकों को चुपचाप चूना लगा रही थीं। चेकआउट के वक्त बिना बताए चार्ज जोड़ दिए जाते थे। कभी डोनेशन के नाम पर, तो कभी मेंबरशिप के नाम पर पैसा काटा जाता था।
अब इस पर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA – Central Consumer Protection Authority) ने ऐसी 9 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें Zepto, PhysicsWallah और IndiGo जैसे बड़े नाम शामिल हैं। सरकार ने राज्यसभा में लिखित जवाब में इसकी पूरी जानकारी दी।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने संसद को बताया कि डिजिटल मार्केटप्लेस में डार्क पैटर्न के खिलाफ अभियान तेज हुआ है। अब तक करीब 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। जून 2025 में सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को खुद ऑडिट करने की सलाह भी दी गई थी।
आखिर डार्क पैटर्न है क्या
2023 में सरकार ने डार्क पैटर्न प्रिवेंशन एंड रेगुलेशन गाइडलाइंस बनाई थीं। इसमें 13 तरह की डार्क पैटर्न की पहचान की गई। इनका मकसद ग्राहक को गुमराह करना या उसकी मर्जी बदलना होता है।
इनमें झूठी जल्दबाजी दिखाना शामिल है, जिसे फॉल्स अर्जेंसी कहते हैं। बिना बताए कोई चीज बास्केट में जोड़ देना बास्केट स्नीकिंग कहलाता है। कीमत छिपाकर बाद में चार्ज जोड़ना ड्रिप प्राइसिंग है। बार-बार पैसा काटने वाली सब्सक्रिप्शन ट्रैप भी इसी में आती है। भावनात्मक शब्दों से रोकना कन्फर्म शेमिंग कहलाता है।
Zepto पर सबसे भारी जुर्माना
Zepto Marketplace पर सबसे ज्यादा 7 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। जांच में पता चला कि चेकआउट के दौरान हैंडलिंग चार्ज अपने आप जुड़ जाता था। साथ ही मेंबरशिप फीस भी बिना पूछे बिल में जोड़ दी जाती थी।
CCPA ने हैंडलिंग फीस को ड्रिप प्राइसिंग माना है। वहीं ऑटोमैटिक मेंबरशिप को बास्केट स्नीकिंग की श्रेणी में रखा गया। सरकार के मुताबिक कंपनी ने अब यह प्रैक्टिस बंद कर दी है।
PhysicsWallah पर भी शिकंजा
एडटेक कंपनी PhysicsWallah पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई CCPA ने खुद संज्ञान लेकर की। मामला PW Foundation के लिए पहले से चुने गए 10 रुपये के डोनेशन से जुड़ा था।
जांच में सामने आया कि डोनेशन हटाने से रोकने के लिए भावनात्मक मैसेज दिखाए जाते थे। कुछ फ्री कोर्स के लिए जरूरत से ज्यादा निजी जानकारी भी मांगी जाती थी। सरकार का कहना है कि कंपनी ने जुर्माना भर दिया है और प्रैक्टिस बंद कर दी है।
IndiGo और BookMyShow ने किया बदलाव
IndiGo के खिलाफ कन्फर्म शेमिंग की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद कंपनी ने अपने मोबाइल ऐप में जरूरी बदलाव किए। वहीं BookMyShow को भी निर्देश मिला।
BookASmile पहल के लिए टिकट बुकिंग के वक्त 1 रुपये का डोनेशन पहले से जुड़ा रहता था। CCPA ने इसे भी बास्केट स्नीकिंग माना और हटाने का आदेश दिया।
बाकी कंपनियों पर भी कार्रवाई
FirstCry पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। एडवाइजर Anuj Jindal पर 3 लाख रुपये की पेनल्टी लगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार PharmaEasy, McAfee और SpiceJet पर भी 1-1 लाख रुपये का जुर्माना हुआ।
इन सभी कंपनियों को हिडन चार्ज, भ्रामक काउंटडाउन टाइमर और फोर्स्ड सब्सक्रिप्शन बंद करने को कहा गया है। ऑटो-रिन्यूअल जैसी प्रैक्टिस पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा
इस कार्रवाई का सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिलेगा। ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले, हवाई यात्री और एडटेक यूजर्स सभी को राहत मिलेगी। अब चेकआउट पर अपने आप जुड़ने वाले चार्ज पर सख्त निगरानी रहेगी।
अगर कोई प्लेटफॉर्म ग्राहकों को गुमराह करता पाया गया, तो कार्रवाई तय है। सरकार ने साफ किया है कि CCPA की निगरानी लगातार जारी रहेगी। मकसद है ऑनलाइन कारोबार में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों के हक सुरक्षित रखना।
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