CEC ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर सवाल, सोमवार को SC में सुनवाई; SIR और Form 6 बदलाव भी कटघरे में

Sumit Kumar | Oct 04, 2026, 21:41 IST
CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े फैसलों, SIR और Form 6 बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट में 5 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त यानी CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े फैसलों पर अब SC में सुनवाई होने वाली है। मामला SIR और Form 6 में बदलाव से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कुछ फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 5 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।

सोमवार को CJI की बेंच करेगी सुनवाई

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच करेगी। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं।



याचिकाएं राकेश कुमार सिंह और वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दायर की हैं। इनमें ज्ञानेश कुमार के कथित फैसलों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाओं में कुछ दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर बदलावों को भी चुनौती दी गई है।



क्या CEC को अकेले फैसले लेने का अधिकार है?

पटना निवासी राकेश कुमार सिंह ने जनहित याचिका दाखिल की है। इसमें सुप्रीम कोर्ट से मुख्य सवाल तय करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने पूछा है कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले उन शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो कानूनन पूरे चुनाव आयोग को मिली हैं।



याचिका में मांग की गई है कि अगर फैसले बिना जरूरी सामूहिक सहमति के लिए गए हैं तो उन्हें अनधिकृत घोषित किया जाए। इसके साथ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है।



ज्ञानेश कुमार को काम करने से रोकने की मांग

याचिका में अंतिम फैसला आने तक ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में काम करने से रोकने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता चाहता है कि इस दौरान चुनाव आयोग के फैसले चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सर्वसम्मति से लिए जाएं।



इसके अलावा भविष्य में खाली होने वाले पद की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने वाली समिति की सिफारिश की मांग भी की गई है।



14 बार आपत्ति दर्ज होने का दावा

याचिका द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद दाखिल की गई। जिसमें दावा किया गया था कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज कीं।



ये आपत्तियां मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों से संबंधित बताई गईं। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों चुनाव आयुक्तों का कहना था कि कुछ फैसले उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए।



चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा?

आरोपों के बाद चुनाव आयोग की ओर से सफाई दी गई थी। आयोग ने कहा था कि किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।



चुनाव आयोग के मुताबिक उसके सभी आदेश कानूनी हैं और तय वैधानिक प्रक्रिया के तहत जारी किए गए हैं। मामले में केंद्रीय कानून मंत्रालय और चुनाव आयोग को भी पक्षकार बनाया गया है।



ज्ञानेश कुमार के साथ सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी पक्षकार हैं। चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मनीष गर्ग का नाम भी पक्षकारों में शामिल है।



दूसरी याचिका में क्या सवाल किए गए हैं?

दूसरी याचिका शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दाखिल की है। यह याचिका वकील चंद कुरैशी के जरिए दायर की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि CEC के कुछ फैसले सामूहिक निर्णय की वैधानिक व्यवस्था के खिलाफ हैं।



याचिका में आधिकारिक कर्तव्य के कथित उल्लंघन को लेकर आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त कानून के तहत जवाबदेह होने चाहिए।



Form 6 में बदलाव भी विवाद का हिस्सा

याचिका में Form 6 में बदलाव का मुद्दा भी उठाया गया है। Form 6 का इस्तेमाल नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए किया जाता है। आरोप है कि सॉफ्टवेयर के जरिए इसमें पूर्वजों से जुड़ी जानकारी और पिछले SIR से लिंक की जरूरत जोड़ी गई।



याचिकाकर्ता का कहना है कि ऐसा करने से पहले चुनावी नियमों में जरूरी वैधानिक बदलाव नहीं किया गया। याचिका में दावा किया गया है कि दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों ने इस बदलाव पर आपत्ति जताई थी। उनकी आपत्ति यह थी कि तय फॉर्म में बदलाव कानूनी प्रक्रिया के बिना नहीं किया जा सकता।



अब सुप्रीम कोर्ट में किन सवालों पर नजर

अब सुप्रीम कोर्ट के सामने मुख्य सवाल चुनाव आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का है। इसके साथ यह भी देखा जाएगा कि SIR से जुड़े फैसलों और Form 6 में बदलाव के आरोपों पर अदालत क्या रुख अपनाती है।



याचिकाओं में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक जांच के अधीन हैं। चुनाव आयोग पहले ही अपने फैसलों को कानूनी और तय प्रक्रिया के अनुरूप बता चुका है।



FAQ

  1. ज्ञानेश कुमार के निलंबन की याचिकाओं पर सुनवाई कब है?
    सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। बेंच में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना हैं।
  2. ये याचिकाएं किसने दायर की हैं?
    एक जनहित याचिका पटना निवासी राकेश कुमार सिंह ने दायर की है। दूसरी याचिका वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की है।
  3. याचिकाओं में Form 6 को लेकर क्या आरोप है?
    आरोप है कि सॉफ्टवेयर के जरिए Form 6 में पूर्वजों की जानकारी और पिछले SIR से लिंक जोड़ा गया। याचिका के मुताबिक इसके लिए जरूरी वैधानिक बदलाव नहीं हुआ।
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