चारधाम यात्रा 2026: भक्ति के नाम पर ठगी का जाल, भूलकर भी न करें ये गलतियां

Anjali Dwivedi | Apr 12, 2026, 19:09 IST
Chardham Yatra 2026 Cyber Scam
चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। साइबर ठग फर्जी रजिस्ट्रेशन और हेलिकॉप्टर बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को लूट रहे हैं। सुरक्षित यात्रा के लिए इन जरूरी सावधानियों और नियमों का पालन करें।

उत्तराखंड की पावन चारधाम यात्रा 2026 शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। श्रद्धा के इस महापर्व में इस बार 19 अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री, 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। अब तक 11.68 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, लेकिन इसी उत्साह के बीच साइबर ठग (Cyber Criminals) भी सक्रिय हो गए हैं।



साइबर लिटरेसी के जरिए आज हम आपको आगाह कर रहे हैं कि कैसे भक्ति के नाम पर आपकी मेहनत की कमाई लूटी जा रही है।



भक्ति के मार्ग में ठगी का जाल

साइबर अपराधी श्रद्धालुओं की आस्था का फायदा उठाने के लिए फर्जी वेबसाइट्स और कॉल्स का सहारा ले रहे हैं। वे तीन तरीकों से जाल बिछाते हैं-



  • रजिस्ट्रेशन फ्रॉड: ठग हुबहू सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली फर्जी साइट्स बनाकर रजिस्ट्रेशन फीस मांगते हैं, जबकि सरकार की ओर से यह सेवा बिल्कुल मुफ्त है।
Chardham Yatra 2026 Cyber Scam


  • होटल बुकिंग स्कैम: सोशल मीडिया पर 'सस्ते पैकेज' और लक्जरी रूम का लालच देकर एडवांस पेमेंट ले लिया जाता है और बाद में होटल का अस्तित्व ही नहीं मिलता।
Chardham Yatra 2026 Cyber Scam


  • हेलिकॉप्टर बुकिंग का डर: VIP दर्शन और लिमिटेड सीट का मनोवैज्ञानिक दबाव (Urgency) बनाकर फर्जी टिकट थमा दिए जाते हैं।
Chardham Yatra 2026 Cyber Scam


श्रद्धालुओं की ये 9 गलतियां पड़ सकती हैं भारी

अक्सर श्रद्धालु अनजाने में कुछ ऐसी चूक कर बैठते हैं जो ठगों का काम आसान कर देती हैं-



  • गूगल सर्च पर आने वाले हर नंबर या लिंक पर अंधा भरोसा करना।
  • बिना आधिकारिक पुष्टि के अनजान बैंक खातों या UPI आईडी पर पैसे भेजना।
  • किसी अनजान व्यक्ति को फोन पर अपना ओटीपी (OTP) बताना।
  • सोशल मीडिया (फेसबुक/इंस्टाग्राम) पर मिलने वाले लुभावने विज्ञापनों के झांसे में आना।
  • आधिकारिक वेबसाइट की स्पेलिंग और 'URL' चेक न करना।
  • बिना क्यूआर (QR) कोड वाला यात्रा पास स्वीकार करना।
  • जल्दबाजी में VIP स्लॉट के लिए एक्स्ट्रा पैसे देना।
  • अनवेरिफाइड ट्रैवल एजेंटों से बस या कैब बुक करना।
  • यात्रा से जुड़े जरूरी दस्तावेजों (आधार कार्ड) की जानकारी पब्लिक प्लेटफॉर्म पर शेयर करना।

रजिस्ट्रेशन और बुकिंग का सही सुरक्षित तरीका

यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए केवल इन आधिकारिक माध्यमों का ही चुनाव करें:



  • रजिस्ट्रेशन के लिए: आधिकारिक पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाएं या व्हाट्सएप नंबर 8394833833 पर Yatra लिखकर भेजें। आप Tourist Care Uttarakhand ऐप का भी उपयोग कर सकते हैं।
  • हेलिकॉप्टर बुकिंग: केवल heliyatra.irctc.co.in के जरिए ही टिकट बुक करें। ध्यान रहे, इसके लिए पहले यात्रा रजिस्ट्रेशन नंबर होना अनिवार्य है।
  • जरूरी दस्तावेज: भारतीय श्रद्धालुओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। यात्रा का सही क्रम यमुनोत्री से शुरू होकर बद्रीनाथ पर समाप्त होता है।

बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा का जोखिम

बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा पर निकलना भारी पड़ सकता है। प्रशासन ने हर धाम के रास्ते में चेकिंग पॉइंट्स बनाए हैं। यदि आपके पास वैध रजिस्ट्रेशन नहीं है, तो आपको एंट्री पॉइंट से वापस भेजा जा सकता है। इसके अलावा, इमरजेंसी की स्थिति में ट्रैकिंग और सरकारी मदद मिलना भी मुश्किल हो जाता है।



अगर हो जाए ठगी, तो घबराएं नहीं

यदि आप किसी साइबर स्कैम का शिकार हो जाते हैं, तो समय बहुत कीमती है। तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। अपनी शिकायत cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं और बैंक को सूचित कर अपना ट्रांजैक्शन ब्लॉक करवाएं। साक्ष्य के तौर पर मैसेज और ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट जरूर संभाल कर रखें।



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