पहले CJI से मांगा इस्तीफा, अब कांग्रेस मांग रही माफी! सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- दिल से पछतावा है या सिर्फ कागजी?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वह यह जांचेगा कि माफी सिर्फ कागज पर है या दिल से मांगी गई है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल यह मामला 12 अक्टूबर को केरल कांग्रेस के आधिकारिक X हैंडल पर किए गए एक पोस्ट से जुड़ा है। इस पोस्ट में CJI सूर्यकांत से इस्तीफा देने की मांग की गई थी। पोस्ट में लिखा गया था कि अगर कानून-व्यवस्था संभालना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। उनकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस पोस्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस ने पोस्ट हटा दी और अगले दिन प्रेस विज्ञप्ति जारी कर माफी मांगी। पार्टी ने यह भी कहा कि पोस्ट उसकी आधिकारिक नीति नहीं थी और इसे पदाधिकारियों की मंजूरी के बिना किया गया था।
ये पोस्ट किया था कांग्रेस ने
KPCC के सभी पदाधिकारियों को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने की। अदालत ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारियों को Show Cause Notice जारी किया है। कोर्ट ने उनसे पूछा है कि संविधान के अनुच्छेद 139 के तहत उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए। कांग्रेस की ओर से पेश वकील ने कहा कि पार्टी इस मामले में हलफनामा दाखिल करेगी। इस पर पीठ ने स्पष्ट किया कि नोटिस किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारियों को दिया गया है।
माफी पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
कांग्रेस की ओर से अदालत में बिना शर्त माफी मांगी गई। वकील ने बताया कि विवादित पोस्ट अगले ही दिन हटा दी गई थी और इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई थी। हालांकि, कोर्ट ने माफी को तुरंत स्वीकार नहीं किया। पीठ ने कहा, 'हम देखेंगे कि आपका हलफनामा आपकी कलम से आया है या आपके दिल से।'अदालत के इस बयान का मतलब है कि वह सिर्फ लिखित माफी के आधार पर फैसला नहीं करेगी, बल्कि यह भी देखेगी कि कांग्रेस अपनी गलती को लेकर कितनी गंभीर है।
पोस्ट में CJI से इस्तीफा देने की मांग
केरल कांग्रेस के आधिकारिक X हैंडल पर किए गए पोस्ट में CJI सूर्यकांत को संबोधित करते हुए लिखा गया था कि अगर कानून-व्यवस्था संभालना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। पोस्ट में यह भी कहा गया था कि उनकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को ढूंढ लिया जाएगा। इस मामले में जिंदल ने केरल कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की मांग की थी। विवाद के बाद कांग्रेस नेता जोसेफ ने कहा कि पोस्ट में की गई टिप्पणी पार्टी की आधिकारिक नीति या अधिकृत रुख नहीं थी। उन्होंने CJI सूर्यकांत से बिना शर्त माफी भी मांगी। साथ ही बताया कि पोस्ट के लिए जिम्मेदार विजय थोट्टाथिल को पद से हटा दिया गया है।
INDIA गठबंधन के मार्च से शुरू हुआ विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत नई दिल्ली में विपक्षी गठबंधन INDIA के मार्च के दौरान हुई थी। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान विपक्षी नेताओं ने CJI सूर्यकांत से मिलने की कोशिश की थी। बताया गया कि प्रधान न्यायाधीश ने कानूनी बाध्यताओं का हवाला देते हुए उनसे मिलने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद केरल कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल से विवादित पोस्ट किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को अपना जवाब देना होगा। अदालत माफी के जवाब और उसकी गंभीरता की जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।