INDIA गठबंधन के नेताओं से मिलने से CJI सूर्यकांत का इनकार, बोले- ज्ञापन नहीं, कोर्ट में याचिका लगाइए
CJI ने मिलने से क्यों किया इनकार?
रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) ने विपक्षी नेताओं को लिखित जवाब भेजा है। इसमें मुलाकात का अनुरोध ठुकराने की वजह बताई गई है। जवाब में कहा गया कि चुनाव से जुड़े मुद्दे पहले से अदालत में विचाराधीन हैं। ऐसे मामलों को कानूनी प्रक्रिया के जरिए उठाया जाना चाहिए।
CJI ने विपक्षी नेताओं को कोर्ट में याचिका दाखिल करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अदालत में याचिका लगाकर अपनी शिकायतें रखी जा सकती हैं। ज्ञापन देकर प्रशासनिक तरीके से मामला उठाना उचित नहीं होगा। इस संबंध में विपक्षी नेताओं को ईमेल भेजा गया है।
INDIA गठबंधन के नेता क्यों मिलना चाहते थे?
इंडिया गठबंधन चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहा है। विपक्ष ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोप लगाए हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर भी आपत्ति जताई है।
विपक्षी नेता कथित 'वोट चोरी' का मुद्दा भी उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई हो। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की भी मांग की जा रही है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर विपक्षी नेता मुख्य न्यायाधीश से मिलना चाहते थे। उनकी योजना एक ज्ञापन सौंपने की थी। इसमें चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी शिकायतें रखी जानी थीं।
12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मार्च का ऐलान
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की घोषणा की थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) समेत INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं को भी इसमें शामिल होना था।
विपक्षी नेताओं ने देशभर के लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की है। इससे पहले भी दिल्ली में चुनाव प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शन हुए थे। विपक्षी दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) को ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसमें चुनाव से जुड़ी शिकायतें उठाई गई थीं।
CJP प्रदर्शन में क्या हुआ?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी प्रदर्शन किया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस कार्रवाई के बाद विरोध और तेज हो गया।
रविवार को विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की आलोचना की। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। साथ ही लोगों से 12 अक्टूबर के मार्च में शामिल होने की अपील की।
अभिजीत दीपके बोले- फिर सड़क पर उतरेंगे
सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) को भी एहतियातन हिरासत में लिया गया था। रिहाई के बाद उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी।
दीपके ने दावा किया कि उन्होंने प्रदर्शन नहीं करने का कोई बॉन्ड नहीं भरा है। उन्होंने दोबारा सड़क पर उतरने की बात कही। उनका कहना था कि प्रशासन उन्हें बार-बार जेल भेज सकता है। इसके बावजूद वे विरोध प्रदर्शन करना बंद नहीं करेंगे।
बीजेपी ने विपक्ष के प्रदर्शन पर उठाए सवाल
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने विपक्ष की सक्रियता की तुलना कॉकरोच से की।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सहित वाम दलों और CJP की आलोचना की।
रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि इन संगठनों ने प्रदर्शन के दौरान अव्यवस्था पैदा की। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया। मुख्यमंत्री ने पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि उसने सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की।
अब विपक्ष के सामने क्या विकल्प हैं?
मुख्य न्यायाधीश के इनकार के बाद विपक्ष के सामने अदालत जाने का विकल्प है। INDIA गठबंधन के नेता संबंधित मुद्दों पर याचिका दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की सुनवाई हो सकती है।
हालांकि गठबंधन ने नई याचिका दाखिल करने को लेकर कोई फैसला घोषित नहीं किया है। वहीं 12 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च की आगे की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।