पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG-PNG के दामों में बढ़ोतरी, जानें नए रेट्स
News In Short
- MGL ने CNG की कीमत 2 प्रति किलो और PNG 0.50 प्रति यूनिट बढ़ाई।
- CNG अब 86 प्रति किलो और PNG महंगी हो गई है।
- मई महीने में यह दूसरी बार हुई कीमत वृद्धि।
- पेट्रोल 111.21 और डीजल 97.83 प्रति लीटर हैं।
- वैश्विक तेल संकट और पश्चिम एशिया संघर्ष से घरेलू बजट पर असर।
News in detail
मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में CNG (Compressed Natural Gas) और PNG ( Piped Natural Gas )महंगी हो गई हैं। महानगर गैस लिमिटेड ने CNG की कीमत 2 प्रति किलो और PNG में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि लागू की। वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल और पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारतीय उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ा है।
CNG और PNG के दाम बढ़े
महानगर गैस लिमिटेड ने शनिवार से मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी की कीमतों में 2 रुपए प्रति किलो का इजाफा किया। इसके बाद CNG की कीमत बढ़कर 86 प्रति किलो हो गई। इसके अलावा PNG के दाम में भी 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई। यह बढ़ोतरी घरों की रसोई और वाहनों के ईंधन दोनों पर असर डालेगी।
मई महीने में दूसरी बार कीमत वृद्धि
इस महीने में यह दूसरी बार है जब MGL (महानगर गैस लिमिटेड ) ने CNG के दाम बढ़ाए हैं। इससे पहले 14 मई को भी 2 प्रति किलो वृद्धि हुई थी। महज दो हफ्तों के भीतर हुई यह दोहरी वृद्धि ऑटो, टैक्सी, कमर्शियल और निजी कार चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर हैं...
पेट्रोल: 111.21 प्रति लीटर, मई में चार बार बढ़ा।
डीजल: 97.83 प्रति लीटर, वैश्विक अस्थिरता के कारण दबाव।
CNG: 86 प्रति किलो, 2 प्रति किलो की वृद्धि।
PNG: प्रति यूनिट 50 पैसे बढ़ी।
महंगाई के पीछे वैश्विक कारण
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में संघर्ष और कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान से कीमतें बढ़ी हैं। माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स लागत में वृद्धि से इनपुट कॉस्ट बढ़ गई, जिसका बोझ अब उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है।
सरकार की तैयारी और एलपीजी स्टॉक
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) को कम से कम 30 दिनों का एलपीजी स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य आपात स्थिति या आपूर्ति बाधा से निपटना है। सरकार का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद सार्वजनिक कंपनियां घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए वित्तीय नुकसान उठाती रही हैं।
घरेलू बजट पर असर
CNG और PNG की कीमतों में वृद्धि से मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में घरेलू रसोई और वाहन ईंधन पर असर पड़ेगा। घरों के मासिक बजट पर दबाव बढ़ेगा और ऑटो चालकों को अधिक खर्च करना होगा।
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