इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले कांग्रेस की नई रणनीति, जनसंपर्क अभियान से सड़क छोड़ गांवों तक पहुंचेगी पार्टी
1 नवंबर रामलीला मैदान रैली क्यों अहम
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दल रैली करेंगे। यह INDIA ब्लॉक के साझा अभियान का अहम पड़ाव है। इससे पहले विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया था। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का भी विरोध हुआ है।
मतदाता सूची एसआईआर विवाद क्या है
एसआईआर (Special Intensive Revision) यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण। विपक्ष इसी प्रक्रिया को लेकर विरोध कर रहा है। मतदाता सूची एसआईआर विवाद में नाम कटने की शिकायतें बड़ा मुद्दा हैं। SIR voter list से जुड़ी इन्हीं शिकायतों को लेकर कांग्रेस अब लोगों के बीच जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। इन्हीं प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस रणनीति बदलने का संकेत दे रही है। क्या इसका मतलब है कि विरोध धीमा पड़ जाएगा? रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य संगठन के प्रदर्शन थम सकते हैं, आंदोलन नहीं।
कांग्रेस की नई रणनीति क्या है
कांग्रेस की नई रणनीति लगातार सड़कों पर प्रदर्शन करने की नहीं है। पार्टी मतदाता सूची के मुद्दे गांवों और बूथ स्तर तक ले जाएगी। Congress strategy का केंद्र अब संगठन और जनसंपर्क है। प्रदर्शन की जगह संपर्क, यही इस बदलाव की सबसे बड़ी बात है।
वोट बचाओ देश बचाओ अभियान में क्या होगा
वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान इस बदलाव की मुख्य कड़ी है। इसके तहत चौपाल लगाकर लोगों से सीधे संपर्क किया जाएगा। मतदाता सूची से नाम कटने की शिकायतें उठाई जाएंगी। पार्टी ने इस अभियान के लिए पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए हैं।
25 अक्टूबर से कांग्रेस का जनसंपर्क अभियान
कांग्रेस का जनसंपर्क अभियान 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा। यह अभियान गांवों और बूथ स्तर पर चलाया जाएगा। यानी 1 नवंबर की रैली इसी अभियान के दौरान होगी।
अब थोड़ा पीछे चलते हैं। अक्टूबर में ब्लॉक स्तर पर पदयात्राओं की योजना बनी थी। इसी दौरान दूसरे कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई थी।
कांग्रेस चौपाल अभियान से गांव तक पहुंच
कांग्रेस चौपाल अभियान में लोगों की शिकायतें सुनने पर जोर रहेगा। बूथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की तैयारी भी है। पार्टी मतदाता सूची के मुद्दे स्थानीय स्तर तक पहुंचाना चाहती है। किसी वोटर का नाम सूची से कट जाए, तो वह शिकायत कहां करे? कांग्रेस चौपाल को इसी सवाल का मंच बनाना चाहती है।
संगठन मजबूत करने पर जोर
प्रदर्शन की रणनीति बदलने के संकेतों के बीच संगठन में हलचल तेज है। सचिव पद के उम्मीदवारों के इंटरव्यू शुरू हो चुके हैं। पार्टी नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। मकसद संगठन का ढांचा मजबूत करना है। लेकिन असली कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन रहेगा जारी
यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन आगे भी जारी रह सकता है। छात्र संगठन भी विरोध जारी रख सकते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त और मतदाता सूची मुद्दों पर निशाना रहेंगे। यानी कांग्रेस का आंदोलन अलग-अलग स्तरों पर जारी रह सकता है।
मुख्य संगठन बूथ स्तर पर काम करेगा। युवा और छात्र संगठन सड़कों पर उतर सकते हैं। ऐसे में क्या 1 नवंबर से पहले सड़कें पूरी तरह शांत रहेंगी? रिपोर्ट के संकेत बताते हैं कि ऐसा होने की संभावना कम है।