परीक्षा के समय दुनिया के इन देशों में भी बैन होता है इंटरनेट, देखें लिस्ट
Social Media Ban In Exams: भारत में NEET UG Re-exam परीक्षा को लेकर हर तरफ बहुत चर्चा हो रही है। यह परीक्षा 21 जून को आयोजित होने जा रही है। परीक्षा को पूरी तरह सेफ और ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। इस दौरान सोशल मीडिया ऐप्स पर नजर रखना सबसे जरूरी काम बन जाता है।
अक्सर देखा गया है कि पेपर लीक की खबरें टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर आती हैं। यही वजह है कि परीक्षा से पहले ऐसे प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने की मांग उठती है। परीक्षा से ठीक 5 दिन पहले यानी आज 16 जून को पूरे इंडिया में Telegram App को ब्लॉक करने का फैसला किया है।
ऐसे में क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कई और भी देश ऐसा करते हैं? दुनियाभर में ऐसे कई देश हैं जो ऐसे कड़े नियम अपनाते हैं। वे गवर्नमेंट और कॉम्पिटिटिव एग्जाम के समय इंटरनेट या खास ऐप्स को बंद कर देते हैं। आइए जानते हैं कि इस लिस्ट में कौन-कौन से देश शामिल हैं।
सरकारें परीक्षा के समय ऐप्स क्यों ब्लॉक करती हैं
परीक्षाओं के दौरान इंटरनेट या टेलीग्राम को ब्लॉक करना सरकारों के लिए एग्जाम इंटीग्रिटी और फेयरनेस बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हो जाता है। आजकल डिजिटल जमाने में पेपर लीक माफिया काफी एक्टिव हो गए हैं।
टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर सीक्रेट ग्रुप्स बनाकर पल भर में पेपर लाखों लोगों तक शेयर किया जा सकता है। अगर परीक्षा से पहले पेपर लीक हो जाए, तो उन लाखों ईमानदार छात्रों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो जाती है जो दिन-रात पढ़ाई करते हैं।
इससे पूरी शिक्षा प्रणाली और सरकारी व्यवस्था पर से लोगों का भरोसा उठने लगता है। इसलिए, हर योग्य उम्मीदवार को बराबरी का मौका मिले और पूरी परीक्षा निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके, इसीलिए सरकारें ऐसे कड़े कदम उठाती हैं।
आखिर टेलीग्राम को ही निशाना क्यों बनाती हैं?
भारत में टेलीग्राम को परीक्षा से पहले ब्लॉक या जांच के दायरे में लाने की सबसे बड़ी वजह इसका Secret and Cloud-based Format है। टेलीग्राम पर बहुत बड़े-बड़े ग्रुप और चैनल्स बहुत आसानी से बन जाते हैं, जहां लाखों लोग एक साथ जुड़ सकते हैं।
इस ऐप पर बड़े साइज की फाइल्स और स्टडी मटेरियल शेयर करना बहुत सरल होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां यूजर की असली पहचान छुपाना बाकी ऐप्स के मुकाबले बहुत आसान होता है।
इसी वजह से नकल माफिया और पेपर लीक करने वाले लोग इसका गलत फायदा उठाते हैं। वे गुप्त ग्रुप बनाकर पेपर बेचने की कोशिश करते हैं। इसी डिजिटल गड़बड़ी और पेपर लीक को रोकने के लिए सरकार परीक्षाओं से पहले टेलीग्राम पर कड़े कदम उठाती है।
इंटरनेट ब्लॉक करने वाले कुछ देश
पूरा इंटरनेट बंद करने के अलावा कुछ देश सिर्फ ऐप्स पर रोक लगाते हैं। वे परीक्षा के समय टेलीग्राम, व्हाट्सएप या फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करते हैं। ऐसा करने से आम लोगों का जरूरी इंटरनेट काम एफेक्ट नहीं होता है। आइए इस लिस्ट में कौन-कौन से देश शामिल हैं जानें...
चीन (China)
चीन में दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक गाओकाओ (Gaokao) आयोजित की जाती है। इस परीक्षा के दौरान चीनी सरकार परीक्षा केंद्रों के आसपास के पूरे इंटरनेट और सिग्नल को ब्लॉक कर देती है। वहां हाई-टेक गैजेट्स से होने वाली नकल और पेपर लीक को रोकने के लिए ऐसा कड़ा कदम उठाया जाता है।अल्जीरिया (Algeria)
अल्जीरिया में हाई स्कूल और राष्ट्रीय परीक्षाओं के दौरान पूरे देश में इंटरनेट बंद कर दिया जाता है। वहां की सरकार पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए रोजाना कुछ निश्चित घंटों तक इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप रखती है। वहां के शिक्षा मंत्रालय के आदेश पर यह नियम बहुत कड़ाई से हर साल लागू होता है।इराक (Iraq)
इराक में भी छात्रों को परीक्षा में नकल करने और पेपर लीक माफिया से बचाने के लिए कड़े नियम हैं। यहां सरकारी परीक्षाओं के समय सुबह के वक्त पूरे देश का मोबाइल इंटरनेट पूरी तरह ब्लॉक रहता है। सरकार का मानना है कि परीक्षा के समय इंटरनेट बंद रखने से पेपर की गोपनीयता बची रहती है।सीरिया (Syria)
सीरिया में भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के समय सुरक्षा के बहुत कड़े इंतजाम किए जाते हैं। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले और परीक्षा खत्म होने तक देश का मोबाइल इंटरनेट नेटवर्क बंद रखा जाता है। यह कदम मुख्य रूप से परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए उठाया जाता है।इथियोपिया (Ethiopia)
इथियोपिया में राष्ट्रीय परीक्षाओं के दौरान पूरे इंटरनेट को बंद करने के बजाय केवल सोशल मीडिया को निशाना बनाया जाता है। वहां परीक्षा के दिनों में टेलीग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया जाता है। सरकार ऐसा इसलिए करती है ताकि छात्र सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहकर परीक्षा दे सकें।जॉर्डन (Jordan)
जॉर्डन में भी प्रतियोगी परीक्षाओं और स्कूल बोर्ड परीक्षाओं के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी को आंशिक रूप से रोक दिया जाता है। वहां परीक्षा केंद्रों के आसपास इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह जैम कर दिया जाता है। ऐसा करने से परीक्षा हॉल के अंदर से किसी भी तरह का पेपर बाहर नहीं भेजा जा सकता है।सूडान (Sudan)
सूडान में भी नेशनल एग्जाम के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवाओं को रोजाना कुछ घंटों के लिए सस्पेंड कर दिया जाता है। वहां सुबह के समय मोबाइल डेटा को बंद रखा जाता है ताकि परीक्षा का पेपर किसी भी डिजिटल माध्यम से लीक न हो सके। वहां की सरकार हर साल इस नियम का सख्ती से पालन करवाती है।
तो परीक्षा के समय इंटरनेट या ऐप्स (Telegram Scam) को ब्लॉक करना आज के डिजिटल दौर की एक बड़ी जरूरत बन चुका है। यह कड़ा कदम किसी भी तरह के पेपर लीक और हाई-टेक नकल को रोककर पूरी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाता है। इंटरनेट सेवाएं बंद (social media ban) से हर एक स्टूडेंट की महीनों की मेहनत सुरक्षित रहती है और उन्हें आगे बढ़ने का एक निष्पक्ष मौका मिलता है।
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