डिजिटल अरेस्ट पर लगेगी लगाम: CBI का 'अभय' चैटबॉट सेकंडों में पकड़ेगा फर्जी नोटिस

Jitendra Shrivastava | Apr 19, 2026, 22:32 IST
Photograph: (THESOOTR)
NEW DELHI. CBI का AI चैटबॉट 'अभय' डिजिटल अरेस्ट और फर्जी नोटिस की तुरंत पहचान करेगा। CJI सूर्यकांत इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साइबर ठगी पर बड़ा वार।

News In Short

  • CBI का AI चैटबॉट 'अभय' लॉन्च होने वाला है।
  • फर्जी CBI नोटिस की तुरंत पहचान होगी।
  • डिजिटल अरेस्ट के ठगों पर लगेगी लगाम।
  • देश में 54 हजार करोड़ की साइबर ठगी हुई।
  • CJI सूर्यकांत 'अभय' को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

News In Detail

केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) और साइबर ठगी से लड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। CBI एक AI चैटबॉट अभय लॉन्च करने जा रही है। यह चैटबॉट फर्जी नोटिस (Fake Notice) की तुरंत पहचान करेगा। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह साइबर अपराध (Cyber Crime) के खिलाफ एक ऐतिहासिक पहल है।



CBI का AI हथियार 'अभय'

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने साइबर अपराध (Cyber Crime) के खिलाफ नई तकनीक अपनाई है। CBI एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट 'अभय' पेश करने जा रही है। यह चैटबॉट आम नागरिकों को फर्जी नोटिस पहचानने में मदद करेगा। लोग चंद पलों में जांच सकेंगे कि नोटिस असली है या नकली।



डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) के ठगों का यह सबसे बड़ा दुश्मन बनेगा। नागरिक अब खुद को सुरक्षित और सशक्त महसूस कर पाएंगे। यह कदम साइबर सुरक्षा (Cyber Security) के क्षेत्र में मील का पत्थर है। 'अभय' नाम ही अपने आप में एक संदेश है।



डिजिटल अरेस्ट का बढ़ता खतरा

डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) एक खतरनाक साइबर ठगी का तरीका है। जालसाज CBI अधिकारी बनकर फर्जी नोटिस भेजते हैं। लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर बंधक बनाया जाता है। करोड़ों रुपए की अवैध वसूली इस तरीके से की जाती है।



सुप्रीम कोर्ट ने इसे 'लूट या डकैती' करार दिया है। देश में साइबर अपराधियों ने 54 हजार करोड़ रुपए की ठगी की है। यह आंकड़ा साइबर महामारी की भयावह तस्वीर पेश करता है। आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई और मानसिक शांति दोनों छिन जाती हैं।



CJI करेंगे 'अभय' को समर्पित

CBI के संस्थापक निदेशक डीपी कोहली की स्मृति में एक विशेष कार्यक्रम होगा। 22वें डीपी कोहली मेमोरियल लेक्चर (DP Kohli Memorial Lecture) का आयोजन किया जाएगा।



इस अवसर पर भारत के CJI सूर्यकांत सूर्यकांत 'अभय' को राष्ट्र समर्पित करेंगे। यह कार्यक्रम सोमवार को आयोजित होगा। 1963 में CBI के पहले निदेशक बने डीपी कोहली की विरासत आज भी जीवित है।



यह मेमोरियल लेक्चर पुलिसिंग और न्यायिक चुनौतियों पर मंथन का मंच है। आधुनिक दौर में जवाबदेही और सुरक्षा के संकल्प को नई दिशा मिलेगी। 'अभय' उसी विरासत का आधुनिक रूप है।



कैसे काम करेगा 'अभय'

AI चैटबॉट 'अभय' (AI Chatbot Abhay) एक डिजिटल सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। नागरिक इस पर फर्जी नोटिस की जानकारी अपलोड कर सकेंगे।



चैटबॉट तुरंत बताएगा कि नोटिस असली है या फर्जी। CBI के नाम पर आने वाले हर संदिग्ध संदेश की जांच होगी। यह तकनीक आम आदमी को ठगों के जाल से बचाएगी।



डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy) बढ़ाने में भी यह मददगार होगा। नागरिकों को अब किसी फर्जी अधिकारी से डरने की जरूरत नहीं। 'अभय' के साथ हर नागरिक सुरक्षित और निर्भय रहेगा।



साइबर ठगी से बचाव जरूरी

साइबर सुरक्षा (Cyber Security) आज की सबसे बड़ी जरूरत है। ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। CBI के नाम पर फर्जी नोटिस भेजना उनका पसंदीदा तरीका है। बुजुर्ग और डिजिटल दुनिया से अनजान लोग सबसे ज्यादा शिकार बनते हैं। 'अभय' जैसा AI टूल इन लोगों के लिए वरदान साबित होगा।



साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। किसी भी अनजान नोटिस पर पैसे देने से पहले सत्यता जांचें। जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।



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