पीरियड रोकने के लिए दवा खाना पड़ा महंगा, हो गई मौत, जानें डॉक्टर ने क्या बताया

Dablu Kumar | Aug 24, 2025, 12:37 IST
perides in girls
18 साल की लड़की की मौत हार्मोनल गोलियां लेने के चलते हो गई। इस बारे में वैस्कुलर सर्जन डॉ. विवेकानंद ने बताया है। उन्होंने कहा कि इलाज समय पर नहीं हुई। इसके चलते भी लड़की की मौत हुई।

एक 18 साल की लड़की ने पीरियड रोकने को लिए कुछ हार्मोनल गोलियां खाई। इसके चलते उसे डीप पेन थ्रोम्बोसिस हो गया है। इसके बाद लड़की डॉक्टर के पास गई और अपने साथ हो रही दिक्कत के बारे में बताया। फिर डॉक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत भर्ती होने को कहा। लेकिन लड़की के पिता ने मना कर दिया। इसके बाद अगले दिन सुबह होने से पहले ही लड़की मौत हो गई।



डीप वेन थ्रोम्बोसिस क्या है?

इस मामले के बारे में वैस्कुलर सर्जन डॉ. विवेकानंद ने अपने रीबूटिंग द ब्रेन पॉडकास्ट में बताया है। 14 अगस्त के एपिसोड में वह न्यूरोसर्जन डॉ. शरण श्रीनिवासन के साथ डीप वेन थ्रोम्बोसिस के साइलेंट खतरे के बारे में बात कर रहे थे। इसी एपिसोड के दौरान डॉ. विवेकानंद ने उस लड़की के बारे में बताया।



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जानें पूरा मामला

डॉक्टर ने बताया कि उनके क्लिनिक में एक 18 साल की लड़की अपने दोस्तों के साथ आई थी। वह पैर और जांघ में दर्द और सूजन से परेशान थी और उसे काफी बैचैनी भी हो रही थी। जब डॉक्टर ने उससे पूछा कि यह समस्या कब शुरू हुई तो लड़की ने बताया कि घर में पूजा के दौरान उसने पीरियड्स को रोकने के लिए कुछ हार्मोनल गोलियां ली थीं।



डॉक्टर ने जब उसका स्कैन कराया, तो पता चला कि वह डीप वेन थ्रोम्बोसिस से ग्रसित है और थक्का उसकी नाभि तक पहुंच चुका था। डॉक्टर ने उसके पिता से लड़की को तुरंत अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी। हालांकि, लड़की के पिता ने इसे टालते हुए कहा कि उसकी मां उसे अगले दिन लाएगी। डॉ. विवेकानंद ने आगे कहा कि इस देरी के चलते लड़की की स्थिति बिगड़ी और आधी रात के करीब उसे सांस लेने में समस्या होने लगी।



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देर से इलाज के चलते हुई मौत- डॉक्टर

डॉ. विवेकानंद ने बताया कि लगभग आधी रात को उन्हें कॉल आया कि लड़की को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है और वह सांस नहीं ले पा रही है। डॉक्टर ने आगे कहा कि काफी देर हो चुकी थी और उस समय तक एक छोटी सी जान हमेशा के लिए चली गई।



FAQ

  1. डीप वेन थ्रोम्बोसिस क्या है और यह कैसे होता है?
    डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) एक स्थिति है जिसमें गहरी नसों में रक्त का थक्का बन जाता है, जो आमतौर पर पैरों में होता है। यह स्थिति खतरनाक हो सकती है क्योंकि यदि थक्का रक्त प्रवाह को रोकता है या शरीर के अन्य हिस्सों में फैलता है, तो यह जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
  2. हार्मोनल गोलियां पीरियड्स रोकने के लिए कितनी सुरक्षित होती हैं?
    हार्मोनल गोलियां पीरियड्स को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाती हैं, लेकिन इनका सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के खतरनाक हो सकता है। इन गोलियों के सेवन से डीप वेन थ्रोम्बोसिस जैसी गंभीर स्थितियाँ हो सकती हैं। इसलिए इनका सेवन हमेशा चिकित्सीय मार्गदर्शन में ही करना चाहिए।
  3. यदि डीप वेन थ्रोम्बोसिस का इलाज समय पर न हो, तो इसके परिणाम क्या हो सकते हैं?
    यदि डीप वेन थ्रोम्बोसिस का इलाज समय पर नहीं किया जाता, तो रक्त का थक्का शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है, इससे गंभीर समस्याएं जैसे पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों में थक्का फंसना) या यहां तक कि मृत्यु हो सकती है। इस स्थिति में शीघ्र चिकित्सा उपचार आवश्यक है।

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  • पीरियड्स