दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का पथराव, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को भारी हंगामा हो गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। इस दौरान वहां खड़ी गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की गई। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने तुरंत लाठीचार्ज कर दिया। भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इस हिंसा और झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। पुलिस ने बताया कि अफवाह फैलाने वाले 400 अकाउंट बंद किए गए हैं। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने साफ किया कि महिला की मौत की खबर बिल्कुल झूठी है।
उधर राजनीतिक मोर्चे पर भी तनाव काफी बढ़ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने कहा कि इस्तीफे के बिना बातचीत का कोई मतलब नहीं है। दोपहर साढ़े तीन बजे सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बैठक हो सकती है। इसमें सरकार इस्तीफे की मांग पर अपना रुख साफ करेगी।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपना त्यागपत्र पीएम मोदी को भेज दिया है।
झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए- अभिजीत
जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आई। खबर सुनते ही वहां जमा छात्रों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। छात्र नेता अभिजीत दीपके ने कहा कि हम यह कर सकते हैं। छात्रों ने एक सुर में छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। वहां मौजूद सभी लोगों ने मिलकर गर्व से राष्ट्रगान भी गाया। नीट पेपर लीक में जान गंवाने वाले छात्रों को याद किया गया।
उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। दूसरी तरफ सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शुरू होने वाली है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुँच गए हैं। उनके साथ सौरभ दास और अभिषेक रांका भी बैठक में शामिल हैं।
पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि अब जनता पूरी तरह से जाग चुकी है। हम बिना मांगें पूरी हुए यहाँ से बिल्कुल नहीं हटेंगे। जब कॉकरोच एक बार घुसता है, तो आसानी से नहीं निकलता। जिन मासूम बच्चों ने सुसाइड किया, उनके परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अभिजीत ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमने एक मंत्री का इस्तीफा करा दिया। तुम लोग तो हमारे सामने बहुत छोटी चीज हो। प्रदर्शन कर रहे बेकसूर छात्रों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस हों। देश में लोकतंत्र है, यहाँ जनता की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। लोग मुझसे लगातार पूछ रहे थे कि यह मनमानी कब तक चलेगी।
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