दिल्ली बिल्डिंग हादसा: 5 की मौत, 5 गंभीर, पीएम मोदी ने जताया दुख
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां अचानक एक 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में एक छात्र और एक मजदूर शामिल है, जबकि तीन लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
कैसे हुआ दिल्ली बिल्डिंग हादसा
सूत्रों के मुताबिक बिल्डिंग के बेसमेंट में बारिश का पानी जमा हो गया था। चश्मदीदों का कहना है कि हादसे के वक्त कई छात्र अपने कमरों में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि उसी समय बेसमेंट में खुदाई का काम भी चल रहा था। यह बिल्डिंग करीब 40 से 50 साल पुरानी थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ (NDRF – National Disaster Response Force) की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
अब तक 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है। रेस्क्यू टीमें अब भी मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तलाशी में जुटी हैं।
पीएम मोदी और शाह ने जताया दुख
दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताया है। पीएम मोदी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। शाह ने अधिकारियों से हालात की जानकारी लेकर राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
सीएम रेखा गुप्ता पहुंचीं घटनास्थल
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बेसमेंट में चल रहे काम की जांच कराई जाएगी और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। राहत एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों को निकालने और प्रभावितों की मदद में जुटी हैं।
मलबे में दबे युवक की वीडियो अपील
हादसे के दौरान मलबे में दबे एक युवक ने खुद अपना वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो में उसने लोगों से जल्द रेस्क्यू की अपील की। घटनास्थल पर मौजूद उसके एक दोस्त ने मीडिया को बताया कि युवक बार-बार फोन करके मदद मांग रहा है।
छात्रों का प्रमुख इलाका है सत्य निकेतन
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास बसा एक प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं।
आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे संस्थान मौजूद हैं। इसी वजह से इलाके में दिनभर छात्रों की आवाजाही बनी रहती है। हालांकि सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र रहते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
बिल्डिंग मालिक पर एफआईआर दर्ज
जांच में सामने आया कि बिल्डिंग के मालिक का नाम आनंद बंसल है, जो गुरुग्राम में रहता है। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बिल्डिंग की हालत और उसमें हो रहे बदलाव को लेकर पहले कोई शिकायत या चेतावनी दी गई थी या नहीं।
दिल्ली में बार-बार गिर रही इमारतें
यह अकेला मामला नहीं है। साल 2022 से 2025 तक यानी तीन साल में दिल्ली में इमारत गिरने की 1133 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन हादसों में अब तक 98 लोगों की जान जा चुकी है।
यह आंकड़ा राजधानी की पुरानी और जर्जर इमारतों को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है, खासकर उन इलाकों में जहां छात्र और किराएदार बड़ी संख्या में रहते हैं।
आगे क्या होगा
रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस जांच कर रही है कि बेसमेंट में हो रही खुदाई और जलभराव का हादसे से क्या सीधा संबंध था। मृतकों में शामिल तीन अज्ञात लोगों की पहचान की कोशिश भी जारी है।
FAQ
- दिल्ली के सत्य निकेतन में हादसा कब और कैसे हुआ?
रविवार को सत्य निकेतन में 5 मंजिला बिल्डिंग अचानक गिर गई। बेसमेंट में बारिश का पानी जमा होना एक बड़ी वजह बताई जा रही है। उस समय बेसमेंट में खुदाई का काम भी चल रहा था। - दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
दिल्ली के सत्य निकेतन में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 की हालत गंभीर है। मृतकों में एक छात्र और एक मजदूर शामिल है, तीन की पहचान अभी बाकी है। - बिल्डिंग मालिक पर क्या कार्रवाई हुई है?
बिल्डिंग मालिक आनंद बंसल, जो गुरुग्राम का रहने वाला है, उसके खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जांच जारी है कि हादसे की असली वजह क्या रही।
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