गूगल लाया WeatherNext 3, अब मिलेगा मौसम का सटीक AI अपडेट
Manya Jain | Sept 06, 2026, 18:51 IST
google weathernext 3 ai weather model
गूगल ने अपना नया AI आधारित मौसम मॉडल WeatherNext 3 लॉन्च किया है। यह रियल टाइम सैटेलाइट डेटा से हर घंटे मौसम का पूर्वानुमान अपडेट कर सकता है और पुराने मॉडल से 5 गुना ज्यादा सटीक है।
मौसम का हाल जानने के लिए अब पुराने पूर्वानुमान पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। गूगल ने अपना नया AI आधारित मौसम मॉडल WeatherNext 3 पेश किया है। कंपनी के मुताबिक यह उसका अब तक का सबसे एडवांस्ड ग्लोबल वेदर मॉडल है।
यह मॉडल रियल टाइम सैटेलाइट डेटा की मदद से मौसम का पूर्वानुमान तैयार करता है। हर घंटे अपने फोरकास्ट को अपडेट कर सकता है। गूगल डीपमाइंड और गूगल रिसर्च के मुताबिक ब्राइटबैंड के लाइव मूल्यांकन में WeatherNext 3 को अब तक के सबसे एडवांस्ड और सटीक ग्लोबल वेदर मॉडल के तौर पर आंका गया है।
पुराने मॉडल से 5 गुना ज्यादा डिटेल
WeatherNext 2 करीब 25 किलोमीटर के ग्रिड पर हर 6 घंटे में मौसम का पूर्वानुमान तैयार करता था। इसके मुकाबले WeatherNext 3 हर घंटे नया फोरकास्ट तैयार कर सकता है। यह तापमान और नमी जैसी सतह से जुड़ी जरूरी जानकारियों को करीब 5 किलोमीटर के रेजोल्यूशन पर देख सकता है। अन्य सतही जानकारियां करीब 10 किलोमीटर और हवा की रफ्तार जैसी वायुमंडलीय जानकारियां करीब 25 किलोमीटर के रेजोल्यूशन पर ट्रैक की जा सकती हैं।
रियल टाइम सैटेलाइट डेटा से सीखेगा मौसम का हाल
WeatherNext 3 सीधे ग्लोबल जियोस्टेशनरी सैटेलाइट्स से मिलने वाले लाइव डेटा का इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि मॉडल को वातावरण की लगातार अपडेट होती तस्वीर मिलती रहती है। इसी आधार पर यह हर घंटे नया मौसम पूर्वानुमान तैयार कर सकता है। इसका फायदा खासतौर पर अचानक आने वाली बारिश, तूफान और चक्रवात जैसी तेजी से बदलने वाली मौसमी स्थितियों में हो सकता है।
पहाड़, घाटी और समुद्र किनारे का मौसम भी समझेगा
WeatherNext 3 को जमीनी मौसम स्टेशनों से मिलने वाले डेटा के साथ भी प्रशिक्षित किया गया है, जिससे यह स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ज्यादा स्थानीय स्तर का पूर्वानुमान देने की कोशिश करता है। इस तकनीक का फायदा लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और एशिया-पैसिफिक जैसे क्षेत्रों को भी मिल सकता है, जहां महंगे सुपरकंप्यूटर आधारित क्षेत्रीय मॉडल के कारण अब तक हाई-रेजोल्यूशन मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण रहा है।
बारिश का अनुमान भी होगा ज्यादा सटीक
मॉडल को नासा के IMERG सैटेलाइट आधारित बारिश के डेटा और गूगल के ग्लोबल प्रीसिपिटेशन री-एनालिसिस डेटा से प्रशिक्षित किया गया है। गूगल के मूल्यांकन के मुताबिक शुरुआती पूर्वानुमान अवधि में IMERG के मुकाबले 60 प्रतिशत तक, MRMS के मुकाबले 30 प्रतिशत तक और रेन गेज माप के मुकाबले 10 प्रतिशत तक बेहतर स्कोर देखने को मिला। कंपनी के मुताबिक कम से कम एक दिन पहले की बारिश की भविष्यवाणी में 50 प्रतिशत तक ज्यादा सटीकता देखने को मिल सकती है।
सोलर और
विंड एनर्जी
के लिए भी उपयोगी
इसके अलावा मॉडल बादलों की स्थिति और सोलर रेडिएशन से जुड़ी जानकारी भी देता है, जिससे सोलर प्रोजेक्ट चलाने वाली कंपनियों को यह अनुमान लगाने में मदद मिल सकती है कि किसी समय सोलर पैनल को कितनी धूप मिलेगी।
गूगल के कई बड़े प्लेटफॉर्म पर मिलेगा WeatherNext 3
15 दिन तक के फोरकास्ट की क्षमता
हालांकि मौसम की अपनी अनिश्चितता होती है, इसलिए WeatherNext 3 जैसे AI मॉडल का पूर्वानुमान भी पूरी तरह निश्चित नहीं माना जा सकता। गंभीर मौसम और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी चेतावनियों के लिए स्थानीय मौसम विभाग और राष्ट्रीय मौसम सेवा की आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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