प्रह्लाद जोशी होंगे शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिली जिम्मेदारी

Jitendra Shrivastava | Jul 25, 2026, 23:53 IST
Photograph: (THESOOTR)
NEW DELHI. NEET पेपर लीक मामले में 36 दिन से चल रहे धरने के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। प्रह्लाद जोशी को नया चार्ज सौंपा गया, जंतर-मंतर पर मनाया गया जश्न।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी नए मंत्री।
  • 36 दिन के धरने के बाद हुआ मंत्री का इस्तीफा।
  • दीपके बोले, झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए।
  • 12 साल में पहली बार विरोध से गया किसी मंत्री का पद।
  • वांगचुक बोले, यह लोकतंत्र और सड़कों की जीत है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक मामले में उनके इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर 36 दिन से धरना चल रहा था।



शनिवार शाम उनके मंत्रालय का चार्ज केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर धरना दे रहे लोगों ने जश्न मनाया। सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है।



36 दिन से चल रहा था धरना

NEET पेपर लीक केस में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लंबे समय से उठ रही थी। कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर इसी मांग को लेकर धरना दे रही थी। शनिवार को आखिरकार प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।



शाम को सौंपा गया नया चार्ज

शनिवार शाम करीब 8.15 बजे प्रधान के मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को दी गई। जोशी पहले से खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं। अब उनके पास शिक्षा मंत्रालय का चार्ज भी आ गया है।



प्रह्लाद जोशी ने क्या कहा

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वे नई जिम्मेदारी पर खरा उतरेंगे। उन्होंने पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया। जोशी के अनुसार पिछले कुछ सालों में देश की शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है।



प्रधान ने पोस्ट की इस्तीफे की चिट्ठी

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे को लेकर एक चिट्ठी सोशल मीडिया पर पोस्ट की। यह चिट्ठी दो पेज और करीब 575 शब्दों की थी। चिट्ठी में उन्होंने अन्य बातों के साथ दो जगह युवाओं को भ्रमित करने का जिक्र भी किया।



12 साल में पहली बार ऐसा इस्तीफा

2014 में मोदी सरकार बनने के बाद से यह पहला मौका है जब किसी मंत्री को विरोध प्रदर्शन के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था। हालांकि उस समय दुनियाभर में मी टू आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।



दीपके बोले, झुकती है दुनिया

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार पहले कहती थी कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। दीपके के अनुसार झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।



अभी दो और मांगें बाकी

दीपके ने कहा कि मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन उनकी दो और मांगें हैं। उनके अनुसार वे इतनी आसानी से नहीं जाएंगे। दीपके ने कहा कि कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं है।



मुआवजे और कार्रवाई की मांग

दीपके ने मांग रखी कि जिन बच्चों ने सुसाइड किया, उनके परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने पुलिसवालों पर भी एक्शन लेने की मांग की। CJP ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कॉकरोच की जीत हुई है।



फोन आते ही झूम उठे दीपके

जैसे ही अभिजीत दीपके के पास फोन पर यह खबर आई कि प्रधान का इस्तीफा हो गया है, वे घुटनों के बल बैठ गए। उन्होंने वहीं जंतर-मंतर पर खुशी मनाई। इस जीत का जश्न उन्होंने अपने अंदाज में मनाया।



वांगचुक बोले, यह लोकतंत्र की जीत है

सोनम वांगचुक ने अस्पताल से इस पर प्रतिक्रिया पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि यह लोकतंत्र की जीत है, प्रत्यक्ष लोकतंत्र और सड़कों से मिली जीत। वांगचुक के अनुसार यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। उन्होंने CJP और GenZ को बधाई दी और देश के हर कोने से उठ खड़े होने के लिए नागरिकों का धन्यवाद किया।



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