कथा में गरजे धीरेंद्र शास्त्री, बोले- कहते थे बंगाल नहीं आने देंगे, आज वहीं कथा कर रहा हूं

Amresh Kushwaha | Sept 05, 2026, 13:50 IST
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कोलकाता में हनुमंत कथा कर रहे हैं। पहले उन्हें बंगाल में कथा की अनुमति नहीं मिली थी। अब वे वहीं मंच से हिंदुत्व, धर्मांतरण और घुसपैठ पर बड़े बयान दे रहे हैं। जानें पूरा मामला...

समझें क्या है पूरा मामला...

  • बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कोलकाता में हनुमंत कथा कर रहे हैं।
  • पहले उन्हें पश्चिम बंगाल में कथा की अनुमति नहीं मिली थी।
  • अब वे 4 से 6 सितंबर तक कोलकाता में कथा कर रहे हैं।
  • मंच से उन्होंने हिंदुत्व, धर्मांतरण और घुसपैठ पर बयान दिए हैं।
  • उन्होंने कहा, अब बाबर नहीं रघुवर वाले देश में बैठे हैं।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में इस समय एक बड़ा धार्मिक आयोजन चल रहा है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यहां हनुमंत कथा सुना रहे हैं। कथा 4 से 6 सितंबर तक चलनी तय हुई है। मंच से उन्होंने हिंदुत्व, धर्मांतरण, घुसपैठ और राष्ट्रहित जैसे विषयों पर खुलकर बात की। उनके बयानों की वजह से यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का भी विषय बन गया है।



पहले नहीं मिली थी अनुमति, अब खुद कोलकाता में मौजूद

यह पहली बार नहीं है जब धीरेंद्र शास्त्री का नाम पश्चिम बंगाल से जुड़ा हो। कुछ समय पहले उन्हें राज्य में कथा करने की अनुमति नहीं मिली थी। उस समय उनके मुंह से निकला था कि दीदी नहीं बुलाएंगी तो जब दादा आएंगे, तब कथा करने जाएंगे।



बाद में अक्टूबर 2025 में कोलकाता में तीन दिन की कथा तय भी हुई थी। वहीं, भारी बारिश और कथास्थल में पानी भरने की वजह से यह आयोजन उसी समय टालना पड़ा था। अब करीब एक साल बाद वे खुद कोलकाता में मौजूद हैं और कथा कर रहे हैं। मंच से उन्होंने खुद इस बात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दावा करते थे कि उन्हें बंगाल में घुसने नहीं दिया जाएगा। वहीं, आज वे खुद वहीं कथा कर रहे हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।



Dhirendra Shastri Hanumat Katha Kolkata | Statement on Bengal Hindutva


कथा से पहले हावड़ा में की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस

कोलकाता पहुंचने से पहले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हावड़ा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। इसमें उन्होंने सनातन जागरण, गंगासागर मेला और दक्षिणेश्वर मंदिर की अपनी यात्रा को लेकर बात की। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। इसी दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार पर भी निशाना साधा।



उनका कहना था कि पहले उन्हें राज्य में कथा की अनुमति नहीं मिली थी, इसी वजह से उनके मुंह से वह चर्चित बयान निकला था। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान ने आखिरकार उनकी बात पूरी कर दी और आज वे बंगाल में कथा कर रहे हैं।



अब बाबर नहीं रघुवर वाले बैठे हैं

कथा के मंच से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक चर्चित बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब बाबर वाले नहीं, बल्कि रघुवर वाले बैठे हैं। हावड़ा में भी उन्होंने इसी तरह की बात दोहराई थी। वहां उन्होंने कहा था कि यह देश अकबर का नहीं, बल्कि रघुवर यानी भगवान राम का है।



उन्होंने साफ किया कि उनकी लड़ाई किसी धर्म विशेष से नहीं है। उनका कहना था कि भारत में रहकर पाकिस्तान का गुणगान करने वाले लोगों से ही उनकी असली लड़ाई है।



Dhirendra Shastri Hanumat Katha Kolkata | Statement on Bengal Hindutva


11 लाख लोगों तक गीता पाठ पहुंचाने की बात

धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहले एक साथ पांच लाख लोगों ने गीता पाठ किया था। उनका कहना है कि अब इस संख्या को बढ़ाकर 11 लाख तक ले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बंगाल में सनातन संस्कृति और राम नाम की गूंज और मजबूत होनी चाहिए।



इसी क्रम में उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में भी हनुमंत कथा करने की इच्छा जताई। उनका कहना था कि समाज में सिर्फ सत्ता परिवर्तन काफी नहीं है, वैचारिक और धार्मिक बदलाव की भी जरूरत है।



धर्मांतरण और घुसपैठ पर तीखा बयान

धीरेंद्र शास्त्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाली घुसपैठ को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रहित से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। हावड़ा में भी उन्होंने धर्मांतरण और घर वापसी का मुद्दा उठाया था। वहां उन्होंने दावा किया था कि राज्य में जिन लोगों का धर्मांतरण हुआ है, उनकी जल्द घर वापसी होगी।



कोलकाता की कथा में भी उन्होंने मुख्यमंत्री से धर्मांतरण के मामलों पर ध्यान देने की अपील की। उनका कहना था कि जो लोग अपनी मूल संस्कृति में लौटना चाहते हैं, उनके लिए यह रास्ता आसान बनाया जाना चाहिए।



बंगाल के हिंदुओं से जागरूक रहने की अपील

धीरेंद्र शास्त्री ने बंगाल के हिंदुओं से जागरूक और संगठित रहने की अपील की। उन्होंने भगवान राम और माता काली के सम्मान के लिए समाज को सजग रहने को कहा। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पूजा के रास्ते भले अलग दिखें, लेकिन आखिर में सबकी असली पहचान एक ही जगह से जुड़ी होती है। उन्होंने इसी मिसाल से लोगों को नसीहत भी दी।



कथा शुरुआत में कौन-कौन रहा मौजूद

कथा के शुभारंभ पर पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भी पहुंचे थे। उनकी मौजूदगी ने इस आयोजन को और चर्चा में ला दिया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हुए हैं। पुलिस और प्रशासन ने भी व्यवस्था को लेकर खास इंतजाम किए हैं।



ममता सरकार पर भी बोला तंज

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब उन्हें बंगाल में अनुमति नहीं मिली थी, तब यही चर्चित बयान उनके मुंह से निकला था।



उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि उन्होंने बार-बार यह स्पष्ट किया कि उनका मकसद धार्मिक जागरण है, न कि किसी दल विशेष का विरोध।



6 सितंबर तक चलेगी कथा, चर्चा में बने रहने की संभावना

कोलकाता में यह कथा 6 सितंबर तक चलनी है। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंच रहे हैं। धार्मिक आयोजन के साथ-साथ धीरेंद्र शास्त्री के सामाजिक और राजनीतिक बयान भी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। आने वाले दिनों में भी उनके बयानों को लेकर बहस जारी रहने की संभावना है।



FAQ

  1. धीरेन्द्र शास्त्री कोलकाता में कब से कब तक कथा कर रहे हैं?
    धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा कोलकाता में 4 से 6 सितंबर तक चल रही है। इससे पहले उन्हें पश्चिम बंगाल में कथा की अनुमति नहीं मिली थी। अब वे खुद कोलकाता पहुंचकर कथा कर रहे हैं।

ये खबरें भी पढ़िए...



रावण ने माता सीता चुराई, इन्होंने करोड़ों की श्रद्धा : राम मंदिर दान चोरी पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री



देश के लिए मरना नहीं, जीना है, जो खिलाफ होगा उसे टिकने नहीं देंगे-धीरेंद्र शास्त्री



कांवड़ियों को आतंकवादी कहने पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री, सभी कांवड़िए एक जैसे नहीं



Gen-Z प्रदर्शन पर बोले धीरेंद्र शास्त्री, कहा-विरोध आपका हक, लेकिन गाली-गलौज गलत



Tags:
  • बागेश्वर धाम
  • पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
  • पश्चिम बंगाल
  • बंगाल
  • ममता सरकार
  • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
  • धीरेन्द्र शास्त्री
  • शुभेंदु अधिकारी