LPG Crisis Rules: ब्लैक में एलपीजी लेना पड़ेगा भारी, हो सकती है 7 साल की जेल, ये है कानून
NEWS IN SHORT
- मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से भारत में एलपीजी (Liquid Petroleum Gas) की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
- दिल्ली समेत कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत है।
- होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच रहे हैं।
- कुछ दुकानदार मजबूरी में सस्ता घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल कर रहे हैं।
- यह कानूनी अपराध है जिसमें 7 साल तक की जेल हो सकती है।
NEWS IN DETAIL
कमर्शियल गैस की किल्लत से परेशान कारोबारी
मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारत की एलपीजी सप्लाई पर पड़ रहा है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में कमर्शियल गैस सिलेंडर समय पर नहीं पहुंच पा रहे। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
कई छोटे कारोबारी आर्थिक मजबूरी में घरेलू सिलेंडर को व्यावसायिक काम में इस्तेमाल करने लगे हैं। घरेलू सिलेंडर सस्ता भी होता है और कुछ जगहों पर आसानी से मिल भी जाता है। लेकिन यह सुविधाजनक रास्ता कानूनी रूप से बेहद खतरनाक है।
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर में क्या फर्क है
पटियाला कोर्ट के वकील महमूद आलम के मुताबिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर सरकार एलपीजी सब्सिडीदेती है। इसका मकसद आम परिवारों को सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराना है। यह सिलेंडर केवल घर में खाना बनाने के लिए ही है।
कमर्शियल सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक कामों के लिए होता है। इस पर कोई सब्सिडी नहीं होती इसलिए इसकी कीमत ज्यादा होती है। दोनों सिलेंडरों की तकनीकी बनावट भी अलग होती है। घरेलू सिलेंडर अलग दबाव और मात्रा के लिए डिजाइन किए जाते हैं। गलत इस्तेमाल से हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।
क्या कहता है कानून
एलपीजी के उपयोग और वितरण को Essential Commodities Act 1955 और Liquefied Petroleum Gas Regulation of Supply and Distribution Order 2000 के तहत नियंत्रित किया जाता है। इन कानूनों के तहत घरेलू गैस का कमर्शियल इस्तेमाल "मिसयूज" यानी दुरुपयोग और "डायवर्जन ऑफ सब्सिडाइज्ड एलपीजी" माना जाता है। यह एक दंडनीय अपराध है।
क्या-क्या होगी कार्रवाई
अगर कोई दुकानदार घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाए तो कई स्तरों पर कार्रवाई हो सकती है। सबसे पहले सिलेंडर और गैस कनेक्शन जब्त किया जा सकता है। गैस एजेंसी उस व्यक्ति का कनेक्शन रद्द कर सकती है।
गंभीर मामलों में पुलिस एफआईआर (First Information Report) दर्ज हो सकती है। Essential Commodities Act 1955 के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 7 साल की जेल हो सकती है। जुर्माना भी लग सकता है और कई मामलों में जेल और जुर्माना दोनों एक साथ दिए जा सकते हैं।
बार-बार ऐसा करने पर दुकान या होटल बंद करने के आदेश भी दिए जा सकते हैं।
सिर्फ दुकानदार ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन में शामिल गैस एजेंसी या डिलीवरी कर्मचारी भी दोषी पाए जाने पर सजा के भागीदार बन सकते हैं।
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