गडकरी का दावा: E20 पेट्रोल से माइलेज घटा, लेकिन इंजन डैमेज के सबूत नहीं

Jitendra Shrivastava | Jul 30, 2026, 19:39 IST
Photograph: (thesootr)
NEW DELHI. सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि E20 पेट्रोल से 23 करोड़ से ज्यादा वाहनों में इंजन खराब होने का कोई सबूत नहीं मिला।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • गडकरी बोले, E20 पेट्रोल से इंजन डैमेज का कोई सबूत नहीं।
  • 23 करोड़ वाहनों पर टेस्ट, फिर भी नहीं मिली शिकायत।
  • सरकार का दावा, E20 से नहीं घटती वाहन की उम्र।
  • पुराने वाहनों में माइलेज घट सकता है, सरकार ने माना।
  • देशभर में अब सिर्फ E20 पेट्रोल ही मिल रहा है।

केंद्र सरकार ने लोकसभा में E20 पेट्रोल को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इससे इंजन खराब होने का कोई सबूत नहीं मिला।



23 करोड़ से ज्यादा वाहन E20 पेट्रोल पर चल चुके हैं। पुराने वाहनों में माइलेज 2 से 6 प्रतिशत तक घट सकता है। देशभर में अब ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर E20 ही मिल रहा है।



केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में E20 पेट्रोल को लेकर बड़ा बयान दिया। E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिला पेट्रोल। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लिखित जवाब में यह जानकारी दी।



गडकीर ने कहा कि E20 पेट्रोल को वैज्ञानिक तरीके से और चरणबद्ध ढंग से लागू किया गया है। अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि इससे इंजन बड़े पैमाने पर खराब हुए हों।



लागू करने से पहले हुई टेस्टिंग

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि E20 लागू करने से पहले कई पहलुओं पर परीक्षण हुआ। इसमें फ्यूल सिस्टम, इंजन की मजबूती और ड्राइविंग परफॉर्मेंस शामिल थी। पार्ट्स की कंपैटिबिलिटी और उत्सर्जन की भी जांच हुई। इस पूरी प्रक्रिया में कई एजेंसियां शामिल रहीं।



ऑटोमोबाइल कंपनियां और पार्ट्स निर्माता इसमें जुड़े रहे। SIAM (Society of Indian Automobile Manufacturers) और ARAI (Automotive Research Association of India) जैसी संस्थाओं ने भी परीक्षण में भाग लिया। तेल विपणन कंपनियां और एथेनॉल उत्पादक भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहे।



23 करोड़ वाहनों का अनुभव

सरकार के मुताबिक बीते साढ़े तीन साल से E15 और उससे ज्यादा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल इस्तेमाल हो रहा है। करीब ढाई साल से E19-E20 पेट्रोल का बड़े स्तर पर उपयोग हो रहा है।



इस दौरान 20 करोड़ से ज्यादा दोपहिया वाहन चले हैं। साथ ही 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें भी इस ईंधन पर चलीं। सरकार का कहना है कि इंजन फेल होने या असामान्य जंग लगने का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया। वाहन कंपनियां भी अपने E20 अनुकूल वाहनों पर पुरानी शर्तों पर ही वारंटी दे रही हैं।



माइलेज पर सरकार की सफाई

सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ पुराने वाहनों में असर पड़ सकता है। जो वाहन E10 के लिए डिजाइन किए गए थे, उनमें माइलेज घट सकता है।



यह कमी 2 से 6 प्रतिशत तक हो सकती है। हालांकि, सरकार ने कहा कि इसका कारण सिर्फ ईंधन नहीं है। सड़क की स्थिति, ड्राइविंग स्टाइल और वाहन का रखरखाव भी इसमें भूमिका निभाते हैं।



अब देशभर में सिर्फ E20 उपलब्ध

सरकार ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों के ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर अब E20 ही सामान्य पेट्रोल के तौर पर मिल रहा है। E0 और E10 पेट्रोल की खुदरा बिक्री फिलहाल बंद है। इसी वजह से पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल का प्रतिशत अलग से दिखाना जरूरी नहीं माना गया।



पुराने BS-III वाहनों के लिए सलाह

राज्यसभा में एक अलग जवाब में गडकरी ने पुराने वाहनों को लेकर भी बात की। 2005 से 2016 के बीच बने BS-III वाहनों में कुछ बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। इनमें रबर पार्ट्स और गैस्केट बदलने की सलाह दी गई है।



हालांकि, अध्ययन में इन वाहनों की स्टार्टिंग क्षमता पर कोई बड़ा असर नहीं पाया गया। धातु और प्लास्टिक के पुर्जों पर भी नकारात्मक असर नहीं देखा गया।



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