म्यांमार में भूकंप से तबाही, 100 से ज्यादा मौतों का अनुमान, PM बोले-मदद के लिए भारत तैयार
म्यांमार में शुक्रवार (28 मार्च) सुबह 11:50 बजे 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका असर भारत, थाईलैंड, बांग्लादेश, और चीन समेत 5 देशों में पड़ा। थाईलैंड की प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा ने भारी तबाही के कारण आपातकाल घोषित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस विनाशकारी भूकंप (Earthquake in Myanmar and Thailand) से अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हैं। वहीं राहत और बचाव कार्य जारी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हर संभव मदद का विश्वास दिलाया है।
भारत में भी महसूस हुए झटके
भूकंप का कारण क्या था?
म्यांमार और थाईलैंड भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र हैं क्योंकि यह इलाका टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) के टकराव क्षेत्र में आता है। भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट (Indian Plate & Eurasian Plate) की हलचल के कारण इस क्षेत्र में अक्सर भूकंप आते रहते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भूकंप पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत म्यांमार और थाईलैंड को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। उन्होंने इस आपदा से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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दुनिया में आए अबतक के बड़े भूकंप
- वाल्डिविया, चिली, 1960: 9.5 तीव्रता, 5,700 मौतें
- अलास्का, यूएसए, 1964: 9.2 तीव्रता
- सुमात्रा, इंडोनेशिया, 2004: 9.1 तीव्रता, 2,28,000 मौतें
- तोहोकू, जापान, 2011: 9.0 तीव्रता
- सेवेरो-कुरील्स्क, रूस, 1952: 9.0 तीव्रता
- चिली, 2010: 8.8 तीव्रता,
- रैट आइलैंड, यूएसए, 1965: 8.7 तीव्रता
- असम, भारत, 1950: 8.6 मेगावॉट, 4,800 मौतें
- अलेउतियन द्वीप, यूएसए, 1946: 8.6 तीव्रता, 159 मौतें
- हिंद महासागर, 2012: 8.6 तीव्रता
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