अनिल अंबानी के खिलाफ ED की बड़ी कार्रवाई, दो करीबी सहयोगी गिरफ्तार
News in Short
- ED ने अनिल अंबानी के करीबी सहयोगियों को लोन धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया।
- CBI ने अनिल अंबानी और RCom के खिलाफ नया आपराधिक मामला दर्ज किया।
- आरोप है कि अंबानी की कंपनियों ने फर्जी कंपनियों के जरिए लोन लिया।
- ईडी और CBI ने जांच तेज की, इसे गंभीर आर्थिक अपराध माना जा रहा है।
- अब यह देखना होगा कि जांच के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
News in Detail
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी पर एक और शिकंजा कसा है। ED ने रिलायंस समूह के दो प्रमुख अधिकारियों अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को गिरफ्तार किया है। ये दोनों अंबानी के करीबी सहयोगी हैं। इनकी गिरफ्तारी रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस के लोन धोखाधड़ी मामले में की गई है।
लोन धोखाधड़ी से जुड़ा मामला
यह जांच अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के माध्यम से बैंक ऋण धोखाधड़ी से संबंधित है। आरोप है कि इन कंपनियों ने फर्जी या मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल करके लोन प्राप्त किया। झुनझुनवाला मार्च 2003 से सितंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के निदेशक थे। यह RHFL और RCFL की होल्डिंग कंपनी है। ED अधिकारियों ने बताया कि झुनझुनवाला को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया।
CBI ने भी मामला दर्ज किया
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अनिल अंबानी और RCom के खिलाफ नया आपराधिक मामला दर्ज किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने LIC को 3,750 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया। CBI की जांच एक फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट पर आधारित है। रिपोर्ट में आरोप है कि अंबानी और उनकी कंपनियों ने LIC से गलत तरीके से डिबेंचर खरीदीं और अपनी वित्तीय स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया।
ED और CBI की संयुक्त कार्रवाई
यह कार्रवाई अनिल अंबानी और उनके समूह पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद की गई है। दोनों एजेंसियों ने अपने-अपने दायरों में जांच शुरू की है और इसे गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए कार्रवाई की है।
क्या होगा अगला कदम?
अभी तक, ED ने मामले में गिरफ्तारी और पूछताछ की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच के आधार पर क्या कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा, क्या अनिल अंबानी के खिलाफ और गिरफ्तारी होती है।
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