WhatsApp भरोसे लायक नहीं, एलन मस्क और टेलीग्राम CEO का बड़ा खुलासा
News In Short
- एलन मस्क ने व्हाट्सएप को अविश्वसनीय (Unreliable) बताकर उस पर हमला किया है।
- टेलीग्राम CEO ने व्हाट्सएप के सुरक्षा दावों को सबसे बड़ा फ्रॉड कहा है।
- पूर्व कर्मचारियों ने एक्सेंचर के पास चैट एक्सेस होने का दावा किया है।
- व्हाट्सएप ने कहा कि उनके एन्क्रिप्शन (Encryption सिस्टम को तोड़ना पूरी तरह नामुमकिन है।
- अमेरिकी एजेंसियां मेटा के खिलाफ लगे गोपनीयता उल्लंघन के आरोपों की जांच करेगी।
News In Detail
टेक जगत के दिग्गजों ने व्हाट्सएप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। टेस्ला मालिक एलन मस्क और टेलीग्राम फाउंडर पावेल डुरोव ने व्हाट्सएप पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने व्हाट्सएप के प्राइवेसी दावों को पूरी तरह झूठा करार दिया है। पावेल डुरोव ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा कंज्यूमर फ्रॉड कहा है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और क्यों आपकी प्राइवेसी पर खतरा बताया जा रहा है।
मस्क ने कहा व्हाट्सएप पर भरोसा नहीं
हाल ही में गुरुवार को एलन मस्क ने X पर एक गंभीर पोस्ट किया है। मस्क ने साफ लिखा कि व्हाट्सएप अब भरोसे लायक नहीं रहा। उन्होंने टिप्सटर Doge Designer के ट्वीट को रीट्वीट कर यह बात कही। मस्क ने यूजर्स को सुरक्षित चैटिंग हेतु X Chat इस्तेमाल करने को कहा। उनके इस बयान ने मार्क जुकरबर्ग के साथ पुरानी दुश्मनी फिर बढ़ा दी।
इतिहास का सबसे बड़ा कंज्यूमर फ्रॉड
टेलीग्राम के पावेल डुरोव ने व्हाट्सएप के एन्क्रिप्शन दावों पर कड़ा प्रहार किया। उनका आरोप है कि कंपनी यूजर्स के प्राइवेट मैसेज पढ़ती है। डुरोव के अनुसार यह डेटा थर्ड-पार्टी सर्विसेज के साथ साझा किया जाता है। उन्होंने जनता को आगाह किया कि यह प्राइवेसी के नाम पर धोखा है। व्हाट्सएप के वादे अब सवालों के घेरे में आ चुके हैं।
एक्सेंचर के साथ डेटा शेयरिंग के गंभीर आरोप
एक मुकदमे में व्हाट्सएप पर मैसेज बीच में ही पढ़ने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार मेटा कर्मचारियों के पास यूजर्स के चैट्स का एक्सेस था। कंसल्टिंग फर्म Accenture के कर्मचारी भी लोगों के निजी मैसेज देख सकते थे। पिछले साल दो पूर्व कॉन्ट्रैक्टर्स ने अमेरिका में यह सनसनीखेज खुलासा किया था। एजेंसियां अब प्राइवेसी उल्लंघन के इन आरोपों की गहन जांच कर रही हैं।
व्हाट्सएप ने दी सफाई
व्हाट्सएप ने मस्क और डुरोव के इन सभी आरोपों को सिरे से नकारा है। कंपनी ने मस्क के पोस्ट को पूरी तरह बेतुका और गलत बताया। प्लेटफॉर्म का दावा है कि वे 10 वर्षों से सिग्नल प्रोटोकॉल इस्तेमाल कर रहे। उनके अनुसार एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption) निजी मैसेज को सुरक्षित रखता है। व्हाट्सएप ने कहा कि मैसेज भेजने और पाने वाले के अलावा कोई नहीं पढ़ सकता।
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन क्या होता है?
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption) एक डिजिटल ताले की तरह है, जिसकी चाबी सिर्फ मैसेज भेजने और पाने वाले के पास होती है। बीच में कोई भी, यहां तक कि कंपनी भी आपके मैसेज को पढ़ या देख नहीं सकती है।
प्राइवेसी बनाम सुरक्षा पर छिड़ी नई जंग
इस विवाद ने इंटरनेट यूजर्स के बीच प्राइवेसी की नई बहस छेड़ दी। मस्क लगातार अपने प्लेटफॉर्म X को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बता रहे हैं। दूसरी तरफ मेटा अपनी साख बचाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट ने भी कंपनी की गोपनीयता पर बड़े सवाल उठाए हैं। फिलहाल भविष्य की जांच ही सच्चाई से पर्दा उठा पाएगी।
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