हर 6 घंटे में लॉगआउट होगा व्हाट्सएप ? 1 मार्च से आएंगे WhatsApp के नए नियम

व्हाट्सएप अब सिम वेरिफिकेशन फीचर ला रहा है। केवल OTP काफी नहीं होगा, सिम कार्ड एक्टिव होना जरूरी है। भारत सरकार के इस कदम से साइबर ठगी पर पूरी तरह से रोक लगेगी।

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Manya Jain
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भारत में ऑनलाइन सुरक्षा के लिए सरकार और व्हाट्सएप साथ आ रहे हैं। साइबर ठगी रोकने के लिए अब कड़े नियम लागू हो रहे हैं। दूरसंचार विभाग ने इस बारे में नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। 

अब व्हाट्सएप चलाने के लिए केवल ओटीपी से काम नहीं चलेगा। व्हाट्सएप (whatsapp feature) अब सिम वेरिफिकेशन का एक नया फीचर ला रहा है। यह फीचर देखेगा कि आपका सिम कार्ड चालू है या नहीं। यह नया नियम खासतौर पर भारतीय यूजर्स के लिए ही है। अब हर 6 घंटे में व्हाट्सएप लॉग आउट करना पड़ेगा।

इससे अपराधियों के लिए फर्जी अकाउंट चलाना अब नामुमकिन हो जाएगा। लोग अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित महसूस कर पाएंगे।

28 फरवरी तक है टाइम

भारत सरकार ने साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए कड़े नियम बनाए हैं।

  • अंतिम तिथि (Deadline): इन नियमों को लागू करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी तय की गई है।

  • प्रभावी तिथि (Effective Date): व्हाट्सएप को हर हाल में 1 मार्च से यह नया वेरिफिकेशन सिस्टम (New rules) अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।

वर्तमान में यूजर्स एक बार 6-अंकों के कोड (6-digit code) के जरिए लॉग इन कर लेते हैं और फिर सिम कार्ड निकाल देने या नंबर बंद होने के बावजूद व्हाट्सएप चलता रहता है। नए नियमों के बाद यह संभव नहीं होगा।

यह फीचर कैसे काम करेगा?

WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाट्सएप का यह नया अपडेट (Android 2.26.8.6 बीटा) बैकग्राउंड में सिम की उपस्थिति की जांच करेगा।

  1. बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (Background Verification): व्हाट्सएप समय-समय पर (संभवतः हर 6 घंटे में) यह चेक करेगा कि रजिस्टर्ड सिम कार्ड उसी डिवाइस में मौजूद है या नहीं।

  2. ऑटोमैटिक लॉगआउट (Automatic Logout): यदि डिवाइस में सिम कार्ड नहीं पाया गया या सिम इनएक्टिव (technology) मिली तो अकाउंट को तुरंत लॉगआउट कर दिया जाएगा।

  3. पुनः सत्यापन (Re-verification): यूजर्स को अपनी पहचान साबित करने के लिए दोबारा 6-अंकों का कोड दर्ज करना पड़ सकता है।

महत्वपूर्ण जानकारी: व्हाट्सएप का 'पास-की' (Pass-key) सिस्टम इस नए नियम का विकल्प नहीं बन पाएगा। सिम कार्ड का भौतिक रूप से डिवाइस में होना अनिवार्य होगा।

विशेषता (Feature)वर्तमान स्थिति (Current Status)1 मार्च के बाद (After March 1st)
सिम की आवश्यकताकेवल लॉग इन के समयहमेशा डिवाइस में एक्टिव रहना जरूरी
चेकिंग अंतरालकोई नियमित चेक नहींहर 6 घंटे में ऑटो-वेरिफिकेशन
एमुलेटर (Bluestacks)उपयोग संभव हैअकाउंट ब्लॉक होने का खतरा
पास-की सपोर्टमान्य हैसिम वेरिफिकेशन के बिना मान्य नहीं

क्या आपके व्हाट्सएप पर इसका असर पड़ेगा?

यह बदलाव मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित करेगा जो-

  • एक फोन में व्हाट्सएप एक्टिव करके सिम कार्ड निकाल देते हैं।

  • पुराने या बंद हो चुके नंबरों पर व्हाट्सएप चला रहे हैं।

  • कंप्यूटर पर 'Bluestacks' जैसे एमुलेटर का उपयोग करके व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं।

केवल भारतीय यूजर्स के लिए: यह नियम केवल उन अकाउंट्स पर लागू होगा, जो भारतीय इंटरनेशनल डायलिंग कोड (+91) से रजिस्टर्ड हैं। यदि आप भारत के बाहर रहते हैं और विदेशी नंबर का उपयोग कर रहे हैं तो आप पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

बढ़ेगी साइबर सुरक्षा  

अक्सर साइबर अपराधी उन सिम कार्ड्स का दुरुपयोग करते हैं जो असल में बंद हो चुके होते हैं या किसी और को अलॉट हो जाते हैं। हर 6 घंटे में सिम की मौजूदगी को लॉग (Log) करने से यह सुनिश्चित होगा कि व्हाट्सएप अकाउंट का मालिक वही व्यक्ति है, जिसके पास वह सिम कार्ड है। इससे फेक अकाउंट्स और स्पैम कॉल्स पर लगाम लगेगी।

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