क्या आप भी भूल गए हैं अपना पीएफ? ऐसे वापस पाएं अपना पैसा, जानिए स्टेप्स

Manya Jain | Jul 25, 2026, 14:30 IST
epfo inactive account 9330 crore fund
देश में ईपीएफओ के निष्क्रिय खातों में 9,330 करोड़ रुपये जमा हैं। सरकार ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। जानिए ऐसे खातों पर ब्याज का नियम और पुराना पीएफ निकालने की पूरी प्रक्रिया।

    देश भर में ईपीएफओ के निष्क्रिय खातों में 9 हजार 330 करोड़ रुपए जमा हैं। सरकार ने राज्यसभा में यह जानकारी एक सवाल के जवाब में दी। सेवानिवृत्ति, विदेश बसने या मृत्यु के बाद खाता तीन साल में निष्क्रिय होता है। निष्क्रिय खाते में भी 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहता है। पुराना पीएफ खाता ऑनलाइन प्रक्रिया से आसानी से ट्रांसफर या क्लेम किया जा सकता है।



    बात उन लाखों लोगों की है जिन्होंने कभी नौकरी बदली थी। कई लोग पुरानी कंपनी का पीएफ ट्रांसफर करना भूल जाते हैं। कुछ लोग पैसा निकालना भी भूल जाते हैं। ऐसे सभी लोगों के लिए यह खबर बेहद जरूरी है।



    राज्यसभा में हाल ही में एक सवाल पूछा गया। सवाल था कि ईपीएफओ के पास कितना पैसा निष्क्रिय खातों में पड़ा है। श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने इसका जवाब दिया। उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2026 तक कुल 9,330.56 करोड़ रुपये निष्क्रिय खातों में जमा हैं।



    सरकार ने यह भी साफ किया कि ईपीएफ एक सामाजिक कोष है। इसमें जमा पैसे पर दावा करने की कोई समय सीमा नहीं है। खाताधारक या उसका नॉमिनी कभी भी पैसा क्लेम कर सकता है। जब भी खाता दोबारा सक्रिय होगा, पूरी बकाया राशि दी जाएगी।



    कब बनता है खाता निष्क्रिय

    किसी कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने पर खाता निष्क्रिय हो सकता है। स्थायी रूप से विदेश बस जाने पर भी ऐसा होता है। कर्मचारी की मृत्यु होने पर भी यही नियम लागू होता है।



    इन स्थितियों में अगर तीन साल तक कोई अंशदान नहीं आता, तो खाता निष्क्रिय मान लिया जाता है। इसका मतलब है कि खाते में न तो नया पैसा जमा होता है, न कोई गतिविधि होती है।



    क्या ब्याज मिलना बंद होता है

    कई लोग मानते हैं कि निष्क्रिय खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। सरकार ने इस भ्रम को गलत बताया है। नियमों के मुताबिक सदस्य के 58 साल के होने तक खाते पर ब्याज मिलता रहता है। यानी खाता निष्क्रिय होने के बाद भी ब्याज जुड़ता रहता है। हां, 58 साल की उम्र पूरी होने के बाद खाते में जमा राशि पर नया ब्याज नहीं जोड़ा जाता। उसके बाद जितनी राशि जमा है, वह उतनी ही रहती है।



    निष्क्रिय खाते से पैसा कैसे निकालें

    अगर आप अभी भी किसी ईपीएफ एक्ट के तहत आने वाली कंपनी में काम कर रहे हैं, तो पुराना पैसा ट्रांसफर करना आसान है। यह काम ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से हो सकता है। अगर आप सेवानिवृत्त हो चुके हैं या 58 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं, तो सीधे पूरी राशि निकाल सकते हैं। इसके लिए ईपीएफओ के तय नियमों का पालन करना जरूरी है।



    ईपीएफओ पोर्टल पर क्लेम प्रोसेस

    • सबसे पहले ईपीएफओ पोर्टल पर लॉगिन करें।
    • इसके बाद 'ऑनलाइन सर्विसेज' सेक्शन में जाएं।
    • वहां 'क्लेम' विकल्प पर क्लिक करें।
    • यहां फॉर्म-31, 19, 10सी और 10डी में से जरूरी फॉर्म चुनें।
    • यूएएन (UAN) से जुड़ा बैंक खाता दर्ज करें और उसे वेरिफाई करें।
    • पूरी राशि निकालने के लिए फॉर्म 19 भरना होता है।
    • इसके साथ बैंक पासबुक या चेक की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होती है।
    • आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आता है।
    • यह ओटीपी दर्ज करके क्लेम सबमिट किया जाता है।

    आमतौर पर इस पूरी प्रक्रिया में 7 से 14 कार्य दिवस लगते हैं। इसके बाद तय राशि सीधे बैंक खाते में जमा हो जाती है।



    पुराना पीएफ कैसे ट्रांसफर करें

    नौकरी बदलने पर पुराना पीएफ खाता नए खाते से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए भी ईपीएफओ पोर्टल का इस्तेमाल होता है। सही केवाईसी (KYC – Know Your Customer) होना जरूरी है। इससे प्रोसेस तेज और आसान हो जाती है। जिन लोगों ने कई बार नौकरी बदली है, उन्हें अपने सभी पुराने खातों की जांच जरूर करनी चाहिए।



    कुल मिलाकर यह खबर हर उस व्यक्ति के काम की है जिसने कभी नौकरी बदली है। हजारों करोड़ रुपये ऐसे खातों में पड़े हैं जिनका किसी ने दावा नहीं किया। थोड़ी सी जानकारी और सही प्रक्रिया अपनाकर यह पैसा आसानी से वापस पाया जा सकता है।



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