सालों से फंसा पीएफ का पैसा अब सीधे आपके बैंक खाते में, जानें कैसे

ईपीएफओ 31.86 लाख निष्क्रिय खातों को बंद कर 11 हजार करोड़ रुपए लौटाएगा। दो चरणों में होने वाली इस प्रक्रिया में आधार लिंक बैंक खातों के जरिए सीधा रिफंड मिलेगा। साथ ही स्कॉलरशिप नियमों में भी राहत दी गई है।

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Anjali Dwivedi
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epfo inactive accounts 11000 crore refund

News In Short

  • ईपीएफओ 31.86 लाख इनऐक्टिव अकॉउंट्स में जमा करीब 11 हजार करोड़ रुपए खाताधारकों को लौटाएगा।

  • 3 साल से 20 साल पुराने इनऐक्टिव अकॉउंट्स को बंद कर उनकी जमा राशि वापस की जाएगी।

  • एक हजार रुपए से कम जमा वाले 7.11 लाख खातों में पैसा सीधे आधार-लिंक बैंक अकाउंट में भेजा जाएगा।

  • खाताधारकों को किसी जटिल कागजी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी, ईपीएफओ खुद वेरिफिकेशन कर भुगतान करेगा।

  • असंगठित क्षेत्र के कामगारों के बच्चे अब श्रम मंत्रालय के साथ-साथ अन्य सरकारी स्कॉलरशिप भी ले सकेंगे।

News In Detail

अगर आपका भी EPF खाता सालों से बंद पड़ा है और उसमें कुछ पैसे जमा हैं, तो यह खबर आपके लिए है। ईपीएफओ ने बैंकों की तर्ज पर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसमें 31.86 लाख इनऐक्टिव अकॉउंट्स होल्डर्स की जमा राशि वापस करने और उनके खातों को बंद करने का निर्णय लिया है। इन खातों में करीब 11 हजार करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि जमा है।

11 हजार करोड़ लौटाने का फैसला

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में यह समीक्षा बैठक हुई। इसमें तीन साल से निष्क्रिय खातों (बैंक खाता) को बंद करने का फैसला हुआ। ईपीएफओ इन खातों के 11 हजार करोड़ रुपए असली हकदारों को लौटाएगा। विभाग इन खातों को खत्म कर अपना रिकॉर्ड साफ करना चाहता है। सरकार का मानना है कि यह कर्मचारियों की मेहनत की कमाई है। इसलिए इस जमा राशि को सरकार जब्त नहीं कर सकती।

दो चरणों में होगा करोड़ों का भुगतान

EPFO (Employees Provident Fund Organisation) ने इस पूरी प्रक्रिया को दो चरणों में बांटने का फैसला किया है। पहले चरण में उन 7.11 लाख खातों को लक्षित किया जाएगा, जिनमें एक हजार रुपए से कम की राशि जमा है। इन खातों में कुल 30.52 करोड़ रुपए हैं। दूसरे चरण में बाकी बचे करीब 25 लाख इनऐक्टिव अकॉउंट्स का निपटारा किया जाएगा, जिनमें 10 हजार 903 करोड़ रुपए जमा हैं। यह पूरी प्रक्रिया आधार से लिंक बैंक खातों के जरिए पूरी की जाएगी।

बिना कागजी कार्रवाई के सीधा रिफंड

सबसे राहत की बात यह है कि इस रिफंड के लिए खाताधारकों को लंबी कागजी कार्रवाई की उलझनों से नहीं गुजरना होगा। पहले चरण के 7.11 लाख खातों के लिए ईपीएफओ खुद पहल करेगा और आधार से जुड़े बैंक खातों की पहचान कर सीधे पैसे ट्रांसफर कर देगा। दूसरे चरण में भी आधार सर्टिफिकेशन और लाइफ सर्टिफिकेट के जरिए वेरिफिकेशन कर राशि आश्रितों या नॉमिनी को सौंप दी जाएगी।

तीन साल का नियम और ब्याज का गणित

नियमों के मुताबिक, अगर किसी पीएफ खाते में लगातार तीन साल तक कोई अंशदान जमा नहीं होता है, तो उसे 'निष्क्रिय' घोषित कर दिया जाता है। निष्क्रिय होने के बाद उस जमा राशि पर ब्याज मिलना भी बंद हो जाता है। इसी वजह से सरकार ने 3 साल से लेकर 20 साल पुराने तक के सभी निष्क्रिय खातों का निपटारा करने का मन बना लिया है।

कामगारों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप की दोहरी खुशी

इस बैठक में एक और बड़ा फैसला असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए लिया गया है। अब इन कामगारों के मेधावी बच्चों को एक से अधिक स्कॉलरशिप लेने की छूट होगी। पहले नियम था कि यदि बच्चा श्रम मंत्रालय की स्कॉलरशिप लेता है तो वह राज्य या केंद्र की किसी अन्य योजना का लाभ नहीं ले सकता था। अब लेबर कोड के तहत इस पाबंदी को हटा दिया गया है, ताकि गरीब बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक वित्तीय सहायता मिल सके।

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