कौन हैं रॉब जेटन? जो बने नीदरलैंड के सबसे युवा और पहले समलैंगिक प्रधानमंत्री

रॉब जेटन नीदरलैंड्स देश के पहले समलैंगिक और सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने अपनी पार्टी D66 को बड़ी जीत दिलाई है। ओबामा से प्रेरित उनका कैंपेन उन्हें यूरोप का नया प्रगतिशील चेहरा बना चुका है।

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Aman Vaishnav
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jetten netherlands youngest gay prime minister

नीदरलैंड की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। रॉब जेटन ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। 23 फरवरी को उन्होंने द हेग के हुइस टेन बॉश पैलेस में औपचारिक रूप से शपथ ली है। खास बात यह है कि वे नीदरलैंड के सबसे युवा और समलैंगिक प्रधानमंत्री बने हैं। प्रधानमंत्री रॉब जेटन के बारे में विस्तार से जानने के लिए खबर आखिरी तक पढ़िए। 

कौन है रॉब जेटन?

रॉब जेटन 38 साल के हैं और नीदरलैंड के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने हैं। रॉब जेटन ने एक बात खुलकर बताई कि वो समलैंगिक (gay) पीएम हैं। जेटन का जन्म 25 मार्च 1987 को वेघेल गांव में हुआ था। वे नॉर्थ ब्रेबेंट के उडेन शहर में पले-बढ़े हैं। उन्होंने रेडबाउड यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में बैचलर और मास्टर डिग्री हासिल की है।

रॉब जेटन 66 सीटों वाली गठबंधन सरकार की कमान संभाल रहे हैं। जेटन ने पिछले साल 29 अक्टूबर को हुए चुनाव के 110 दिन बाद शपथ ली है। जानकारी के अनुसार रॉब जेटन का राष्ट्रीय राजनीति में करीब दस साल का करियर है। उन्होंने खुद को एक समझदार डील-मेकर और सुधारक के रूप में पहचान बनाई है।

कमजोर गठबंधन की अगुवाई

रॉब जेटन एक कमजोर गठबंधन की अगुवाई कर रहे हैं। इसके पास डच लोअर हाउस की 150 सीटों में से 66 सीटें हैं। वहीं उनकी पार्टी ने 26 सीटें जीतीं, जो कि अब तक का उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन है।

सरकार चलाना आसान नहीं होगा

रॉब जेटन ने तीन पार्टियों को मिलाकर सरकार तो बना ली है, लेकिन उनके पास बहुमत (Majority) नहीं है। 150 सीटों वाली संसद में उनके पास सिर्फ 66 सीटें हैं। इसका मतलब है कि उन्हें कोई भी नया नियम या कानून बनाने के लिए विपक्षी पार्टियों से समझौता करना पड़ेगा।

जनता और विपक्ष क्यों नाराज हैं?

विपक्ष के नेताओं का कहना है कि नई सरकार की योजनाएं ऐसी हैं, जिनसे आम लोगों की जेब ढीली होगी। अमीरों पर कोई बोझ नहीं डाला गया है। खासकर हेल्थकेयर की सुविधाओं में कटौती को लेकर काफी विरोध हो रहा है।

पिछली सरकार क्यों गिर गई थी?

इससे पहले वाली सरकार (डिक स्कूफ की) सिर्फ 11 महीने चल पाई और गिर गई। वहां की राजनीति में काफी खींचतान चल रही थी। इसे खत्म करने के लिए ही यह नए चुनाव कराने पड़े थे।

अब आगे क्या होगा?

  • सरकार ऐसे नियम बनाएगी जिससे बाहर से आने वाले शरणार्थियों की संख्या कम की जा सके।
  • रॉब जेटन चाहते हैं कि यूरोप की राजनीति में नीदरलैंड की धाक फिर से वापस आए।
  • व्यापार के लिए अमेरिका बहुत जरूरी है, इसलिए वे अमेरिका के साथ अच्छे रिश्ते रखना चाहते हैं।

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