नौकरी चली गई तो चिंता नहीं... बेरोजगारी भत्ता योजना ABVKY अब 2027 तक लागू रहेगी

Pawan Modiya | Jul 07, 2026, 16:36 IST
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन
ESIC ने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना को एक साल बढ़ाकर 30 जून 2027 तक कर दिया है। यह फैसला ESIC की 198वीं बैठक में लिया गया। इससे नौकरी गंवाने वाले बीमित कर्मचारियों को नकद राहत और आर्थिक सहारा मिलता रहेगा।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • ESIC ने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना एक साल और बढ़ाई है।
    • अब यह योजना 30 जून 2027 तक लागू रहेगी।
    • फैसला श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में लिया गया।
    • योजना में बेरोजगार बीमित कर्मचारियों को नकद भत्ता मिलता है।
    • साथ ही ESIC ने अस्पताल और शिक्षा से जुड़े कई फैसले भी लिए।

    कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने बेरोजगार श्रमिकों के लिए बड़ी राहत दी है। निगम ने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) की अवधि बढ़ा दी है। यह एक साल के लिए बढ़ाई गई है। अब यह योजना 30 जून 2027 तक लागू रहेगी। यह फैसला ESIC की 198वीं बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने की। पहले यह योजना 30 जून 2026 को खत्म होने वाली थी। अब यह 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक चलेगी। इससे लाखों बीमित कर्मचारियों को राहत मिलेगी।



    योजना क्या है समझिए

    अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना ESI एक्ट के तहत आती है। यह उन कर्मचारियों के लिए है जिनकी नौकरी अचानक चली जाती है। नौकरी जाने पर बीमित व्यक्ति को नकद सहायता दी जाती है। यह मदद नई नौकरी मिलने तक के लिए होती है। योजना 1 जुलाई 2018 को शुरू हुई थी। इसे पहले दो साल के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लाया गया था। बाद में सरकार ने इसे हर बार बढ़ाया है। अब इसे फिर से एक साल के लिए बढ़ाया गया है।



    कितना मिलता है भत्ता

    इस योजना में बीमित व्यक्ति को औसत दैनिक मजदूरी का 50% मिलता है। पहले यह दर सिर्फ 25 प्रतिशत थी। सरकार ने इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। यह राहत राशि अधिकतम 90 दिनों तक मिल सकती है। यह सुविधा जीवन में सिर्फ एक बार ही मिलती है। पैसा सीधे बीमित व्यक्ति के बैंक खाते में आता है। इससे लाभार्थी को किसी दलाल की जरूरत नहीं पड़ती।



    क्या हैं पात्रता की शर्तें

    इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं। बेरोजगार होने से पहले कम से कम 12 महीने काम जरूरी है। यह रोजगार बीमित होना चाहिए। बेरोजगारी से पहले के 12 महीनों में योगदान देना जरूरी है। यह योगदान कम से कम 78 दिन का होना चाहिए। यह योगदान किसी एक पूर्ण अंशदान अवधि में देना जरूरी है। बेरोजगारी की तारीख से 30 दिन बाद ही राहत राशि मिलनी शुरू होती है। शर्तें पहले से थोड़ी आसान बनाई गई हैं ताकि ज्यादा लोगों को फायदा मिले। पहले यह अवधि दो साल तय थी। अब इसे घटाकर 12 महीने कर दिया गया है। इससे नए बीमित कर्मचारी भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे। श्रम मंत्रालय का कहना है कि यह बदलाव कर्मचारियों के हित में है।



    आवेदन कैसे करें

    पात्र कर्मचारी esic.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन दावा कर सकते हैं। इसके साथ भौतिक दावा फॉर्म भी जमा करना होता है। आवेदन के साथ एक शपथ पत्र लगाना जरूरी है। इसके अलावा आधार कार्ड की फोटोकॉपी भी देनी होती है। बैंक खाते की पूरी जानकारी भी फॉर्म में भरनी पड़ती है। यह सारे दस्तावेज तय ESIC शाखा कार्यालय में जमा करने होते हैं। कर्मचारी चाहें तो डाक से भी दस्तावेज भेज सकते हैं। कुछ मामलों में सीधे कार्यालय जाकर भी जमा किया जा सकता है।



    ESIC और EPFO में अंतर

    कई लोग ESIC को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) समझ लेते हैं। दरअसल दोनों संस्थाएं अलग अलग काम करती हैं। ESIC कर्मचारियों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ देता है। इसमें इलाज, बीमारी, मातृत्व, अपंगता और बेरोजगारी भत्ता शामिल है। वहीं EPFO कर्मचारियों की भविष्य निधि यानी प्रोविडेंट फंड संभालता है। इसलिए ABVKY का फायदा सिर्फ ESIC बीमित कर्मचारी ही ले सकते हैं। EPFO खाताधारकों को यह भत्ता नहीं मिलता है।



    बैठक में और क्या फैसले हुए

    इसी बैठक में ESIC ने कई और बड़े फैसले भी लिए। निगम अब सभी नए अस्पतालों का सीधा प्रबंधन खुद करेगा। आयुष मंत्रालय के साथ भी एक समझौता किया गया है। इससे ESIC अस्पतालों में आयुष सेवाएं भी शुरू होंगी। इसके अलावा पांच नए उप क्षेत्रीय कार्यालय भी खोले जाएंगे। हरिद्वार में एक नया मेडिकल कॉलेज भी बनेगा। इस कॉलेज में हर साल 50 सीटें एमबीबीएस के लिए होंगी। यह सत्र 2027-28 से शुरू होने की योजना है। नई दिल्ली के बसईदारापुर अस्पताल में डेंटल कॉलेज भी बनेगा। साथ ही सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत नए नियम बन रहे हैं। इन्हें कर्मचारी राज्य बीमा सामान्य विनियम 2026 नाम दिया गया है।



    कर्मचारियों पर असर

    देश में लाखों कर्मचारी संगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इनमें से कई कर्मचारियों की नौकरी अचानक छूट जाती है। ऐसे में परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है। अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना ऐसे समय में सहारा बनती है। योजना का एक साल और बढ़ना कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। इससे बेरोजगार कर्मचारियों को नई नौकरी तलाशने का समय मिलता है। साथ ही परिवार का खर्च चलाने में भी मदद मिलती है। सरकार का यह कदम सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करता है।



    जरूरी FAQ

    अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना अब कब तक लागू रहेगी?



    ESIC ने इस योजना को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। अब यह योजना 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक लागू रहेगी। यह फैसला ESIC की 198वीं बैठक में लिया गया।



    प्रश्न 2: इस योजना में बेरोजगार कर्मचारी को कितना भत्ता मिलता है? उत्तर: पात्र बीमित व्यक्ति को औसत दैनिक मजदूरी का 50 प्रतिशत भत्ता मिलता है। यह राशि अधिकतम 90 दिनों तक दी जाती है। यह सुविधा जीवन में केवल एक बार मिलती है।



    प्रश्न 3: इस योजना का लाभ लेने की पात्रता क्या है? उत्तर: कर्मचारी को बेरोजगार होने से पहले कम से कम 12 महीने बीमित रोजगार में रहना जरूरी है। साथ ही उसे इस अवधि में कम से कम 78 दिन का योगदान देना जरूरी है। आवेदन esic.gov.in पर ऑनलाइन किया जा सकता है।



    ये खबरें भी पढ़ें...

    कर्मचारी राज्य बीमा निगम भर्ती: मेडिकल युवाओं के लिए सरकारी नौकरी, नौटिफिकेशन जारी



    ESIC : कर्मचारी राज्य बीमा निगम में निकली भर्ती, 67 हजार होगी सैलरी



    सीएम ने सतगढ़ी में इंडस्ट्रियल पार्क का शिलान्यास किया, हजारों को रोजगार का दावा



    कर्मचारी राज्य बीमा निगम में 9 पदों पर भर्ती, 1 लाख से ज्यादा सैलरी





    Tags:
    • EPFO
    • कर्मचारी भविष्य निधि संगठन
    • कर्मचारी राज्य बीमा निगम
    • मनसुख मंडाविया
    • ESIC
    • बेरोजगार
    • अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना