Facebook पर रील्स और पोस्ट से हर महीने कमाएं 2.7 लाख, मेटा का नया ऐलान
मेटा के मुखिया मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक को एक बार फिर से युवाओं और क्रिएटर्स का पसंदीदा प्लेटफॉर्म बनाने के लिए अपना ट्रंप कार्ड चल दिया है। अगर आप इंस्टाग्राम, यूट्यूब या टिकटॉक पर वीडियो बनाते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है।
फेसबुक ने अब क्रिएटर फास्ट ट्रैक प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत कंपनी क्रिएटर्स को हर महीने लाखों रुपए का गारंटीड पेआउट देने जा रही है। यह कदम फेसबुक के पुराने सुनहरे दौर को वापस लाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।
क्यों शुरू हुआ यह फास्ट ट्रैक प्रोग्राम?
फेसबुक के पास दुनिया भर में लगभग 3 बिलियन यूजर्स होने के बावजूद उसे टिकटॉक और यूट्यूब जैसे वीडियो प्लेटफॉर्म्स से कड़ी टक्कर मिल रही है। इसी कंपटीशन को देखते हुए मेटा ने उन क्रिएटर्स को टारगेट करने का फैसला किया है जो दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर पहले से ही अपनी पहचान बना चुके हैं।
इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य उन क्रिएटर्स को फेसबुक की ओर खींचना है, जिन्हें अभी फेसबुक पर अपनी पारी की नई शुरुआत करनी है। जुकरबर्ग ने स्पष्ट किया है कि अब कंपनी पर्सनल कंटेंट और क्रिएटर एंगेजमेंट पर सबसे ज्यादा ध्यान देगी।
किसे मिलेंगे कितने पैसे?
इस प्रोग्राम की सबसे खास बात इसकी गारंटीड पेमेंट (Guaranteed Payment) संरचना है। मेटा ने कमाई को फॉलोअर्स की संख्या के आधार पर बांटा है-
- एक लाख फॉलोअर्स वाले क्रिएटर्स: जिन क्रिएटर्स के इंस्टाग्राम, टिकटॉक या यूट्यूब पर 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, उन्हें फेसबुक हर महीने 83 हजार रुपए तक की कमाई का मौका दे रहा है।
- 10 लाख फॉलोअर्स वाले क्रिएटर्स: जिनके पास 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स का बेस है, वे हर महीने 2.75 लाख रुपए तक कमा सकते हैं।
- तीन महीने का भरोसा: कंपनी शुरुआती 3 महीनों तक यह गारंटीड पेआउट देगी, ताकि क्रिएटर बिना किसी वित्तीय चिंता के अपने कंटेंट पर ध्यान दे सकें।
आसान भाषा में समझें तो अब कमाई सिर्फ views पर नहीं, बल्कि इस बात पर होगी कि आपका कंटेंट कितना engaging है, लोग उसे कितनी देर तक देखते हैं और कितनी अच्छी quality के views मिलते हैं।
इसके लिए कंपनी ने कुछ नए टूल दिए हैं जैसे Qualified View, यानी वो views जिनसे आपको पैसे मिल सकते हैं। Earnings Rate, जिससे पता चलेगा कि हर 1000 views पर लगभग कितनी कमाई हो रही है। और Non-Qualified Views, जिसमें बताया जाएगा कि किन views से कमाई क्यों नहीं हो रही।
Meta ऐसा क्यों कर रहा
Meta का यह कदम सीधे तौर पर YouTube और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म से मुकाबला करने के लिए है। असल में, आजकल युवा यूजर्स Facebook पर कम और दूसरे प्लेटफॉर्म पर ज्यादा समय बिताते हैं।
इसी को बदलने के लिए कंपनी क्रिएटर्स को पैसे देकर उन्हें Facebook पर एक्टिव करना चाहती है। जब बड़े क्रिएटर्स Facebook पर आएंगे, तो उनके फॉलोअर्स भी वहां एक्टिव होंगे, जिससे प्लेटफॉर्म की ग्रोथ बढ़ेगी।
शर्तें और जरूरी काम
इस प्रोग्राम का हिस्सा बनने और पैसे कमाने के लिए क्रिएटर्स के सामने कुछ आसान शर्तें रखी गई हैं-
- क्रिएटर को 30 दिनों के भीतर कम से कम 15 रील्स अपलोड करनी होंगी।
- कंटेंट पूरी तरह से ऑरिजनल होना चाहिए।
- क्रिएटर्स को फेसबुक के कंटेंट मॉनेटाइजेशन प्रोग्राम का एक्सेस दिया जाएगा।
- सबसे अच्छी बात यह है कि फेसबुक इन क्रिएटर्स की रीच को खुद बूस्ट करेगा, जिससे उनकी विजिबिलिटी तेजी से बढ़ेगी।
बढ़ रहा कॉम्पिटिशन
आज के समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बीच सबसे बड़ी लड़ाई “क्रिएटर्स” को लेकर है। YouTube पहले से ही क्रिएटर्स को अच्छा पैसा देता है। Instagram भी Reels और ब्रांड डील्स के जरिए कमाई का मौका देता है। अब Facebook भी इसी रेस में तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। Meta पहले भी क्रिएटर्स को करोड़ों डॉलर दे चुका है, ताकि प्लेटफॉर्म पर कंटेंट बढ़ सके।
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