Synopsis: दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, 13 फरवरी के 'दिल्ली चलो मार्च' ( delhi chalo march ) में लगभग 20 हजार किसान 2500 ट्रैक्टर्स के साथ दिल्ली पहुंच सकते हैं।
अभी- अभी
अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज का अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने कहा कि केंद्र ने एक भी मांग नहीं मानी। जब तक मुद्दे हल नहीं होंगे, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। आज शाम होने की वजह से हम आंदोलन रोक रहे हैं। कल फिर दिल्ली के लिए कूच करेंगे।
Farmers protest delhi - सोमवार को चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अर्जुन मुंडा के साथ किसान संगठनों की मेराथन बैठक बेनतीजा रही। किसानों का कहना है कि उनका दिल्ली कूच जारी रहेगा। किसान MSP पर कोई भी समझौता करने को तैयार नहीं हैं। किसान मजदूर मोर्चा का कहना है कि सरकार हमारी मांगों पर गंभीर नहीं है। सरकार के मन मे खोट है, वे हमें कुछ नहीं देना चाहते। किसान मंगलवार सुबह 10 बजे से आगे बढ़ेंगे। इसके अलावा किसानों ने 16 फरवरी को भारत बंद भी बुलाया है। यानि दिल्ली का किसान आंदोलन जारी रहेगा।
लगभग 20 हजार किसान जुटेंगे प्रदर्शन में
इधर दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, 13 फरवरी के 'दिल्ली चलो मार्च' ( delhi chalo march ) में लगभग 20 हजार किसान 2500 ट्रैक्टर्स के साथ दिल्ली पहुंच सकते हैं। हरियाणा और पंजाब के कई बॉर्डर एरिया में प्रदर्शनकारी ( Farmers protest delhi ) मौजूद हैं। ये प्रदर्शनकारी दिल्ली में दाखिल होने को तैयार हैं। किसान प्रदर्शनकारी छोटी- छोटी टुकड़ियों में ट्रैक्टर और ट्रॉली के साथ मौजूद हैं।
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क्या है किसानों का मांग- पत्र
किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा के गैर राजनीतिक के मांग पत्र के अनुसार…
- सभी फसलों की खरीद पर MSP गारंटी अधिनियम बनाया जाए। डॉ स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश पर सभी फसलों के उत्पादन की औसत लागत से पचास फीसदी ज्यादा एमएसपी मिले।
- गत्ते का एफआरपी और एसएपी स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार दिया जाना चाहिए, जिससे यह हल्दी सहित सभी मसालों की खरीद के लिए एक राष्ट्रीय प्राधिकरण बन जाए।
- किसानों और मजदूरों का पूरा कर्ज माफ हो।
- पिछले दिल्ली आंदोलन की अधूरी मांगें जैसे कि लखीमपुर खीरी हत्या मामले में न्याय हो, अजय मिश्रा को कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए और गिरफ्तार किया जाए, आशीष मिश्रा की जमानत रद्द की जाए। सभी आरोपियों से उचित तरीके से निपटा जाए।
- समझौते के अनुसार, घायलों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए।
- दिल्ली मोर्चा सहित देशभर में सभी आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी मुकदमे रद्द किए जाएं।
- आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों और मजदूरों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए और नौकरी दी जाए।
- दिल्ली में किसान मोर्चा के शहादत स्मारक के लिए जगह दी जाए।
- बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में देने वाले बिजली संशोधन विधेयक पर दिल्ली किसान मोर्चा के दौरान सहमति बनी थी कि इसे उपभोक्ता को विश्वास में लिए बिना लागू नहीं किया जाएगा, जो कि अभी अध्यादेशों के माध्यम से पिछले दरवाजे से लागू किया जा रहा है, इसे निरस्त किया जाना चाहिए।
- कृषि क्षेत्र को वादे के अनुसार प्रदूषण कानून से बाहर रखा जाना चाहिए।
- भारत को डब्ल्यूटीओ से बाहर आना चाहिए, कृषि वस्तुओं, दूध उत्पादों, फलों, सब्जियों और मांस आदि पर आयात शुल्क कम करने के लिए भत्ता बढ़ाना चाहिए। विदेशों से और प्राथमिकता के आधार पर भारतीय किसानों की फसलों की खरीद करें।
- किसानों और 58 वर्ष से अधिक आयु के कृषि मजदूरों के लिए पेंशन योजना लागू करके 10,000 रुपए प्रति माह की पेंशन दी जानी चाहिए।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार के लिए सरकार द्वारा स्वयं बीमा प्रीमियम का भुगतान करना, सभी फसलों को योजना का हिस्सा बनाना और नुकसान का आकलन करते समय खेत एकड़ को एक इकाई के रूप में मानकर नुकसान का आकलन करना।
- भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 को उसी तरीके से लागू किया जाना चाहिए और भूमि अधिग्रहण के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दिए गए निर्देशों को रद्द किया जाना चाहिए।
- मनरेगा के तहत प्रति वर्ष 200 दिनों के लिए रोजगार उपलब्ध कराया जाए, मजदूरी बढ़ाकर 700 प्रति दिन की जाए और इसमें कृषि को शामिल किया जाए।
- कीटनाशक, बीज और उर्वरक अधिनियम में संशोधन करके कपास सहित सभी फसलों के बीजों की गुणवत्ता में सुधार करना और नकती और घटिया उत्पादों का निर्माण और बिक्री करने वाली कंपनियों पर अनुकरणीय दंड और दंड लगाकर लाइसेंस रद्द करना।
- संविधान की पांचवीं अनुसूची का कार्यान्वयन।
अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज का अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने कहा कि केंद्र ने एक भी मांग नहीं मानी। जब तक मुद्दे हल नहीं होंगे, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। आज शाम होने की वजह से हम आंदोलन रोक रहे हैं। कल फिर दिल्ली के लिए कूच करेंगे।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार पंजाब के किसानों की बात सुने, वरना न हमसे ये किसान दूर हैं और न दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) 16 फरवरी को भारत बंद करेगा। अगर इनके साथ छेड़खानी हुई तो फिर हम भी आएंगे। सरकार सिर्फ बात ना करे, बल्कि समाधान भी निकाले।
शंभू बॉर्डर पर किसानों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की। ट्रैक्टर के जरिए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की जा रही है। हरियाणा पुलिस लगातार आंसू गैस के गोले दाग रही है। बॉर्डर पर धुएं की चादर बन गई है।
शंभू बॉर्डर पर किसानों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की। ट्रैक्टर के जरिए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की जा रही है। हरियाणा पुलिस लगातार आंसू गैस के गोले दाग रही है। बॉर्डर पर धुएं की चादर बन गई है।
पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली कूच पर अड़े हुए हैं। उन पर शंभू बॉर्डर पर आंसू गैस के गोले भी दाए गए हैं। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली आ रहे हैं, सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
पंजाब के किसान नेताओं ने शंभू बॉर्डर पर पहुंचने से पहले मीटिंग बुलाई है। सभी किसानों को बॉर्डर से 5 किमी पहले रुकने को कहा है। जहां से सब एक साथ पंजाब-हरियाणा के बीच बने शंभू बॉर्डर पर आएंगे।
किसान के आंदोलन के चलते दिल्ली की सीमाओं पर भीषण ट्रैफिक जाम लग गया है। दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर और नोएडा-चिल्ला बॉर्डर पर लगे ट्रैफिक जाम की वजह से लोगों को ऑफिस पहुंचने में देरी हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ( Supreme Court Bar Association ) के प्रेसिडेंट अदीश अग्रवाल ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को चिट्ठी लिखी है। उसमें उन्होंने CJI से किसान मामले पर सू मोटो ( soo moto ) लेने को कहा है। अदीश अग्रवाल का ये भी कहना है कि किसान दिल्ली आएंगे, जिससे गड़बड़ी फैलेगी और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ेगा।
किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक सरवण सिंह पंधेर ने पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में सुबह साढ़े 9 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इसके बाद किसान दिल्ली कूच करेंगे।
किसान संगठनों द्वारा आज मंगलवार को बुलाए गए 'दिल्ली चलो' विरोध मार्च के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर कर दी गई है। गाजीपुर बॉर्डर पर लोगों को बैरिकेडिंग होने की वजह से दिक्कत आ रही है। गाजीपुर से कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें दिख रहा है कि वहां बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।