FBI चीफ काश पटेल को हटा सकता है ट्रंप प्रशासन
News in Short
- काश पटेल की कुर्सी विवादों के कारण संकट में है।
- शराब पीने के विवाद और ईमेल हैकिंग ने उनकी स्थिति को कमजोर किया।
- व्हाइट हाउस ने इसे ‘वक्त की बात’ कहा, लेकिन काश पटेल की कुर्सी पर खतरा है।
- काश पटेल के खिलाफ FBI एजेंटों ने मुकदमा दायर किया।
- व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप अभी भी काश पटेल पर भरोसा रखते हैं।
News in Detail
अमेरिका के FBI डायरेक्टर काश पटेल की कुर्सी संकट में है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन से संकेत मिल रहे हैं कि काश पटेल को जल्द ही उनके पद से हटा दिया जा सकता है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इसे ‘वक्त की बात’ बताया है। काश पटेल पर शराब पीने, ईरानी हैकर्स द्वारा उनकी ईमेल हैक करने और अन्य विवादों के कारण उनके पद पर खतरा मंडरा रहा है। व्हाइट हाउस ने अभी तक यह नहीं माना कि काश पटेल को हटाने का निर्णय लिया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक औपचारिकता है।
शराब से जुड़े विवाद
काश पटेल पर शराब पीने का विवाद है। द इंटरसेप्ट के अनुसार, काश पटेल ने स्वीकार किया कि उन्हें दो बार शराब पीने के लिए गिरफ्तार किया गया था। पहली बार नाबालिग होने पर और दूसरी बार न्यूयॉर्क में कानून की पढ़ाई करते समय। द अटलांटिक ने आरोप लगाया कि काश पटेल नशे में होने तक पीते थे। काश पटेल ने इन आरोपों को झूठा बताया और 250 मिलियन डॉलर का मुकदमा दायर किया है।
ईमेल हैकिंग मामला
काश पटेल पर ईरान से जुड़े हैकर्स द्वारा उनकी निजी ईमेल हैक करने का गंभीर आरोप है। मार्च में काश पटेल की निजी ईमेल हैक कर ली गई थी। हैकर्स ने उनकी तस्वीरें और रेज्युमे सार्वजनिक कर दिए थे। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने इस घटना की पुष्टि की। यह घटना उस समय सामने आई जब एक विदेशी देश ने FBI डायरेक्टर की ईमेल हैक की, जो कि एक गंभीर मामला था।
अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी बर्खास्त
2 अप्रैल को ट्रंप ने अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को बर्खास्त कर दिया। पाम बोंडी काश पटेल के करीबी थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, काश पटेल और पाम बोंडी की छुट्टी को जोड़ा जा रहा है। ट्रंप की नजर में बोंडी ने अपने काम में पर्याप्त तेजी नहीं दिखाई। इसके बाद काश पटेल भी उन अधिकारियों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें हटाने की चर्चा हो रही है।
FBI एजेंटों द्वारा मुकदमा
मार्च में कुछ FBI एजेंटों ने काश पटेल पर मुकदमा दायर किया। एजेंटों का कहना है कि उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को पलटने की जांच की। इसके बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। इस मुकदमे ने काश पटेल के खिलाफ विरोध बढ़ा दिया है। यह उनके खिलाफ एक और बड़ा आरोप बन गया है।
व्हाइट हाउस का बयान
इन तमाम विवादों के बीच व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने शुक्रवार को कहा कि ट्रंप का अभी भी काश पटेल पर भरोसा है। इसका मतलब है कि फिलहाल काश पटेल की कुर्सी सुरक्षित है। हालांकि, कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्थिति जल्द बदल सकती है।
काश पटेल कौन हैं?
काश पटेल भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं और वर्तमान में FBI के डायरेक्टर हैं। उन्होंने अपने करियर में कई विवादों का सामना किया है। लेकिन अपनी स्थिति को हमेशा मजबूत बनाए रखा है। वह अमेरिका के 'डीप स्टेट' (गुप्त शक्तियों) पर एक किताब लिख चुके हैं। 2024 के चुनाव में MAGA आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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