खेतों से कारखानों तक पहुंची महिलाएं, महिला श्रम बल भागीदारी में गावों ने शहर को पछाड़ा

Amresh Kushwaha | Aug 24, 2026, 14:10 IST
महिला श्रम बल भागीदारी में गावों ने शहर को पछाड़ा
आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) 2025 के अनुसार देश में महिला श्रम बल भागीदारी दर में बढ़ोतरी हुई है। 2019-20 से 2025 के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी 33% से बढ़कर 45.9% पहुंच गई, जो शहरों की तुलना में अधिक है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • महिलाओं की श्रम बल भागीदारी में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों ने शहरी इलाकों को इस मामले में पीछे छोड़ दिया।
  • 2019-20 से 2025 के दौरान यह आंकड़ा तेजी से आगे बढ़ा।
  • कई राज्यों ने राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर प्रदर्शन कर दिखाया है।
  • यह आंकड़े आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025 की रिपोर्ट में आए हैं।

महिला भागीदारी में बड़ा उछाल

देश में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर (FLFPR) में काफी सुधार देखा गया है। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Survey) 2025 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। साल 2019-20 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं की भागीदारी 30% थी। यह आंकड़ा साल 2025 में बढ़कर 40% तक पहुंच गया है। आंकड़ों से साफ है कि कार्यबल में महिलाओं की मौजूदगी लगातार मजबूत हो रही है।



महिला श्रम बल भागीदारी


गांवों ने शहर को पछाड़ा

इस बढ़ोतरी में ग्रामीण इलाकों की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और असरदार रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला भागीदारी 33% से बढ़कर 45.9% हो गई है। दूसरी तरफ शहरी क्षेत्रों में यह 23.3% से बढ़कर 27.7% ही हो सकी। आंकड़े बताते हैं कि गांवों में बदलाव की रफ्तार शहरों से काफी तेज है। ग्रामीण महिलाएं अब घरों से बाहर निकलकर आर्थिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।



इन राज्यों की रफ्तार रही तेज

औसत वार्षिक प्रतिशत अंक (Average Annual Percentage Point) के मामले में कई राज्यों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पश्चिम बंगाल में यह 3.68, उत्तर प्रदेश में 3.64, गुजरात में 3.38 और ओडिशा में 3.28 दर्ज किया गया। बिहार में 3.28, राजस्थान में 3.06 और हरियाणा में यह 2.62 दर्ज किया गया। इन सभी राज्यों का प्रदर्शन राष्ट्रीय ग्रामीण औसत 2.5 से काफी बेहतर रहा है।



महिला श्रम बल भागीदारी


धीमी बढ़त वाले राज्य भी शामिल

कई राज्यों में ग्रामीण स्तर पर सुधार की गति थोड़ी धीमी देखने को मिली है। मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 2.42, तमिलनाडु में 2.06, केरल में 1.96 और पंजाब में 1.80 रहा। इसके अलावा झारखंड में 1.76, छत्तीसगढ़ में 1.48, आंध्र प्रदेश में 1.36 और कर्नाटक में 1.20 दर्ज हुआ। उत्तराखंड में 1.18, महाराष्ट्र में 0.58, तेलंगाना में 0.48 और गोवा में 0.30 रहा। हिमाचल प्रदेश में यह शून्य से नीचे -0.02 दर्ज किया गया, जहां 90% आबादी ग्रामीण है।



शहरी क्षेत्रों की स्थिति का गणित

शहरों में सुधार की गति ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले थोड़ी कम दर्ज की गई है। हालांकि राजस्थान में 2.30 और गुजरात में 2.26 के साथ मजबूत सुधार देखा गया। उत्तराखंड में 1.88, केरल में 1.76, छत्तीसगढ़ में 1.22, कर्नाटक में 1.20, ओडिशा में 1.12 और बिहार में 1.10 दर्ज हुआ। ये राज्य राष्ट्रीय शहरी औसत 0.88 से काफी आगे रहे हैं।



महिला श्रम बल भागीदारी


अन्य शहरों का हाल जानिए

कुछ प्रमुख राज्यों के शहरी क्षेत्रों में सुधार की रफ्तार काफी सुस्त रही है। आंध्र प्रदेश में 0.94, तमिलनाडु में 0.76, तेलंगाना में 0.66, झारखंड में 0.64 और पंजाब में 0.60 दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश में 0.54, पश्चिम बंगाल में 0.48, महाराष्ट्र में 0.36, मध्य प्रदेश में 0.24, हिमाचल प्रदेश में 0.06 और हरियाणा में 0.02 रहा। गोवा में यह आंकड़ा गिरकर -0.50 पर आ गया।



शुरुआती स्तर और सुधार का रिश्ता

राज्यों के शुरुआती स्तर यानी आधारभूत (Baseline) आंकड़े भी बहुत मायने रखते हैं। कम शुरुआती स्तर के बावजूद उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और हरियाणा ने तेजी से सुधार किया। गुजरात, ओडिशा और राजस्थान में शुरुआती स्तर ज्यादा होने के बावजूद सुधार की रफ्तार काफी तेज रही। पंजाब और गोवा में शुरुआती स्तर कम था, लेकिन वहां सुधार काफी धीमा दर्ज हुआ।



महिला श्रम बल भागीदारी


विशेषज्ञ की महत्वपूर्ण राय

आंकड़ों के विश्लेषण पर सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) के संयुक्त निदेशक और भारतीय सांख्यिकी सेवा (Indian Statistical Service) के अधिकारी का कहना है कि सिर्फ सुधार की गति को देखकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। किसी राज्य की कम रफ्तार का मतलब यह भी हो सकता है कि वहां पहले से ही महिलाओं की भागीदारी का स्तर काफी ऊंचा रहा हो। इसलिए दोनों पहलुओं को साथ देखना जरूरी है।



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