सावधान! त्योहारों पर रील्स देखकर की ऑनलाइन शॉपिंग, तो घर पहुंचेगा खाली डब्बा, फर्जी डिलीवरी से ऐसे रहें सतर्क
रील्स देखकर न फंसे
आजकल सोशल मीडिया का इस्तेमाल बहुत ज्यादा बढ़ चुका है। लोग दिनभर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर रील्स देखते रहते हैं। इन रील्स के बीच में अट्रैक्टिव सामानों के एडवरटाइजिंग आते हैं। कम कीमत देखकर लोग तुरंत ऑर्डर करने का मन बना लेते हैं। यही जल्दबाजी आपको बहुत भारी पड़ सकती है।
रील्स के एडवरटाइजिंग में अक्सर फर्जी कंपनियां छिपी होती हैं। वे लोग बहुत कम दाम में ब्रांडेड सामान देने का दावा करते हैं। ग्राहक लालच में आकर तुरंत पेमेंट कर देते हैं। लेकिन जब पार्सल आता है तो उसमें कुछ नहीं होता। इसलिए अनजान रील्स देखकर शॉपिंग कभी न करें।
खाली पैकेट का नया स्कैम
एमपी समेत देशभर के कई शहरों से ऐसी ही शिकायतें आ रही हैं। लोग महंगे और सस्ते सामानों के लिए ऑनलाइन ऑर्डर दे रहे हैं। डिलीवरी बॉय जब घर आता है तो पार्सल हाथ में थमा जाता है। पैकेट खोलने पर डब्बे के अंदर सामान की जगह सिर्फ खाली कागज मिलते हैं।
कई बार उसमें पत्थर या सड़ा हुआ कचरा भर दिया जाता है। यह एक नया और बेहद खतरनाक ऑनलाइन ठगी का तरीका है। ठग बहुत ही चालाकी से बिना सामान के पैसे ऐंठ रहे हैं। ऐसे मामलों की संख्या दिन-ब-दिन तेजी से बढ़ती जा रही है। ग्राहकों की मेहनत की कमाई एक झटके में डूब रही है।
छोटे ऑर्डर्स में ज्यादा फ्रॉड
साइबर ठग अब बेहद चालाक और शातिर हो चुके हैं। वे जानबूझकर 200 से 300 रुपए वाले सामान टारगेट करते हैं। उन्हें मालूम है कि कम रकम के लिए कोई पुलिस के पास नहीं जाएगा। छोटा नुकसान समझकर लोग अक्सर शिकायत दर्ज नहीं कराते। इसी बात का फायदा यह ठग गिरोह बड़े पैमाने पर उठा रहा है।
वे रोजाना हजारों लोगों को ऐसे छोटे झटके दे रहे हैं। थोड़ी-थोड़ी रकम जोड़कर वे करोड़ों रुपए हड़प रहे हैं। अगर आपके साथ ऐसा हो तो बिल्कुल चुप न बैठें। हर छोटे फ्रॉड की जानकारी भी संबंधित एजेंसी को जरूर दें। आपकी एक सतर्कता कई अन्य लोगों को बचा सकती है।
हेल्पलाइन नंबर भी पूरी तरह फर्जी
सामान में गड़बड़ी होने पर लोग तुरंत कस्टमर केयर खोजते हैं। फर्जी वेबसाइट्स पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर भी पूरी तरह फर्जी होते हैं। फोन लगाने पर या तो नंबर बंद मिलता है या कोई नहीं उठाता। चैटबॉट पर भी सिर्फ ऑटोमेटेड जवाब ही बार-बार आते हैं। असली इंसान से बात करना लगभग असंभव हो जाता है।
ई-कॉमर्स कंपनियां भी थर्ड पार्टी डिलीवरी पर ठीकरा फोड़ देती हैं। वे अपनी जिम्मेदारी से आसानी से पीछे हट जाती हैं। ग्राहक शिकायत दर्ज कराने के लिए भटकता ही रह जाता है। ये स्थिति ऑनलाइन शॉपिंग के भरोसे को तोड़ रही है।
ऑर्डर करते समय रखें ध्यान
अगर आप त्योहार पर शॉपिंग कर रहे हैं तो कुछ बातें याद रखें। हमेशा ऑफिसियल वेबसाइट या उनके वेरिफाइड ऐप से ही सामान खरीदें। सामान खरीदने से पहले दो से तीन बार इस वेबसाइट के बारें में जरूर सर्च करें।
सोशल मीडिया के अनजान विज्ञापनों पर भूलकर भी भरोसा न करें। सामान डिलीवर करने आए व्यक्ति से ही पार्सल चेक कराएं। अगर डिलीवरी बॉय जल्दबाजी करे तो ओटीपी बिल्कुल न दें।
पार्सल का वजन हमेशा अपने हाथ से चेक कर लें। अगर पैकेट खाली या हल्का लगे तो उसे तुरंत लौटा दें। सामान खोलते समय मोबाइल से वीडियो जरूर बना लें। यह वीडियो फ्रॉड के समय आपके काम आ सकता है। आपकी थोड़ी सी समझदारी आपको ठगी से बचा सकती है।
समस्या का समाधान कैसे पाएं
अगर आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो घबराएं नहीं। भारत सरकार ने इसके लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन बनाई है। आप 1915 नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यह सेवा सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चालू रहती है।
आप व्हाट्सएप नंबर 8800001915 पर भी मैसेज भेज सकते हैं। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन की वेबसाइट पर भी ऑनलाइन शिकायत करें। साइबर क्राइम पोर्टल पर भी अपनी रिपोर्ट तुरंत दर्ज कराएं। अपने बैंक को भी फर्जी ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत दें।
ई-कॉमर्स का बढ़ता कारोबार
हमारे देश में हर साल सात लाख करोड़ का ऑनलाइन बिजनेस होता है। त्योहारों के दिनों में यह कारोबार कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन फर्जी कंपनियों की वजह से पूरे मार्केट की साख गिर रही है। थर्ड पार्टी डिलीवरी बॉय भी कई बार बीच में गड़बड़ी कर देते हैं।
त्योहार पर कंपनियां कुछ महीनों के लिए नए लड़के रखती हैं। इन अस्थायी कर्मचारियों का कोई सही बैकग्राउंड चेक नहीं होता। इस वजह से भी सामान चोरी होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। बड़ी कंपनियों को अपने डिलीवरी सिस्टम पर सख्त नियम बनाने होंगे।
फेस्टिवल में स्मार्ट शॉपिंग के टिप्स
त्योहार पर ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त हमेशा कैश ऑन डिलीवरी चुनें। जब सामान हाथ में आ जाए तभी पैसे का भुगतान करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करके पेमेंट कभी न करें।
लुभावने डिस्काउंट के चक्कर में अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं। सस्ता सामान देखकर अचानक फैसला लेना हमेशा खतरनाक होता है। दुकानदार या कंपनी की रेटिंग और रिव्यू जरूर पढ़ लें।
पुराने ग्राहकों के अनुभव देखकर ही भरोसा करना सही रहता है। डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। स्मार्ट खरीदार बनें और अपने परिवार को सुरक्षित रखें। इस बार की दिवाली बिना किसी नुकसान के खुशी से मनाएं।
FAQs:
- त्योहारों के समय ऑनलाइन शॉपिंग करते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए?
त्योहारों के समय ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान हमेशा आधिकारिक वेबसाइट्स या वेरिफाइड ऐप्स से खरीदारी करें। किसी भी अनजान सोशल मीडिया विज्ञापनों पर भरोसा ना करें और डिलीवरी के समय पार्सल का वजन चेक करें। - अगर ऑनलाइन शॉपिंग में ठगी हो जाए तो क्या करना चाहिए?
अगर ऑनलाइन शॉपिंग में ठगी हो जाए तो घबराएं नहीं। आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर कॉल करके या व्हाट्सएप नंबर 8800001915 पर मैसेज भेजकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। - साइबर ठग ऑनलाइन शॉपिंग में कैसे सक्रिय हो गए हैं?
त्योहारों के समय ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के साथ, साइबर ठग नए तरीकों से ग्राहकों को ठगने लगे हैं। वे फर्जी विज्ञापनों और धोखाधड़ी वाले पार्सल के जरिए पैसे ऐंठ रहे हैं, जिससे ग्राहकों का नुकसान हो रहा है।