पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने नई पार्टी का किया ऐलान: जन नीति भारत पार्टी होगा नाम, यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में रखेंगी कदम
पार्टी की घोषणा कैसे हुई?
पार्टी की घोषणा करने की तारीख पहले से तय थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दिव्या ने नवरात्र में मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए थे। इसके बाद उन्होंने 15 अक्टूबर की दोपहर को पार्टी का ऐलान करने का फैसला किया। गुरुवार दोपहर 1 बजे उनका वीडियो सामने आया।
वीडियो में उन्होंने कहा, “सूरज को निकलने के लिए किसी से अनुमति नहीं।” उनके इस बयान को उनकी राजनीतिक शुरुआत से जोड़कर देखा जा रहा है।
पूरे प्रदेश में उम्मीदवार उतारने का दावा
दिव्या के मुताबिक, उनकी पार्टी सिर्फ मीरजापुर तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में पूरे प्रदेश की सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। यूपी में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं, ऐसे में पार्टी के सामने बड़ी चुनौती होगी।
मीरजापुर सदर सीट पर भाजपा की स्थिति मजबूत रही है। 2022 के चुनाव में भाजपा के रत्नाकर मिश्रा को एक लाख 18 हजार 263 वोट मिले थे और उन्होंने जीत दर्ज की थी। वहीं, सपा के कैलाश चौरसिया को 77 हजार 921 वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत का अंतर 40 हजार 342 वोट का था।
जिले की राजनीति में भाजपा और अपना दल का दबदबा रहा है। दोनों पार्टियों के गठबंधन से यहां के सियासी समीकरण बनते रहे हैं। रिपोर्ट में अनुप्रिया पटेल और दिव्या के बीच अनबन की चर्चा भी की गई है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
दिव्या मित्तल कौन हैं?
अब पार्टी के बाद उनके बारे में जानते हैं। दिव्या मित्तल कौन हैं, यह सवाल अब राजनीति में भी पूछा जा रहा है। वे यूपी कैडर की 2013 बैच की IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी रही हैं। कैडर यानी वह राज्य, जहां अफसर की तैनाती होती है।
वे हरियाणा की रहने वाली हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए किया है। एमबीए यानी प्रबंधन की मास्टर डिग्री ली है। इसके बाद वे नौकरी के लिए लंदन गईं। वहां उन्होंने जेपी मॉर्गन में काम किया।
कुछ समय बाद उन्होंने नौकरी को अलविदा कहा। फिर यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। 2013 में वे सफल रहीं और IAS अधिकारी बनीं।
मीरजापुर और देवरिया में डीएम रहीं
दिव्या ने करीब 13 साल प्रशासनिक सेवा की। वे मीरजापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी रहीं। जिलाधिकारी यानी जिले का प्रमुख प्रशासनिक अफसर। रिपोर्ट के मुताबिक इस कदम से मीरजापुर की सियासत में नई चर्चा शुरू हुई।
दिव्या मित्तल का इस्तीफा कब आया?
सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मिर्जापुर में जिलाधिकारी (DM) रहते हुए उनका केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से विवाद हुआ था। आरोप है कि 'जल पूजन' कार्यक्रम में सांसदों और विधायकों को आमंत्रित न करने के कारण उनका वहां से अचानक ट्रांसफर कर दिया गया था।
30 अगस्त 2026 को दिव्या ने पद से हटने की घोषणा की। उस दिन मां विंध्यवासिनी देवी का जन्मोत्सव था। रिपोर्ट में इसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की घोषणा भी कहा गया है। दिव्या मित्तल का इस्तीफा 14 सितंबर को स्वीकार हुआ।
इस्तीफे के बाद वे मीरजापुर भी पहुंचीं। तभी से वहां से चुनाव में उतरने की चर्चा थी। अब वह चर्चा घोषणा बन चुकी है।
अब किन बातों पर नजर रहेगी
पार्टी के तीन वचन क्या हैं, यह सबसे पहला सवाल है। दूसरा सवाल पूरे प्रदेश के उम्मीदवारों का है। तीसरा सवाल पार्टी के पंजीकरण और चुनाव चिह्न का है। सवाल यह भी है कि पूर्व अफसर की पहचान वोट में बदलेगी या नहीं।
FAQ
- दिव्या मित्तल ने अपनी पार्टी की घोषणा कब की?
दिव्या मित्तल ने 15 अक्टूबर को पार्टी की घोषणा की। - दिव्या मित्तल कौन हैं?
दिव्या मित्तल एक पूर्व IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने 2013 बैच में यूपी कैडर से सेवा की और मीरजापुर तथा देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया। - दिव्या मित्तल का इस्तीफा कब स्वीकार किया गया?
दिव्या मित्तल का इस्तीफा 14 सितंबर को स्वीकार किया गया, जो उन्होंने 30 अगस्त को दिया था।