फ्लाइट में 60% फ्री सीटों का फैसला टला, सरकार ने 15 दिन में बदला नियम, जानें वजह

Anjali Dwivedi | Apr 03, 2026, 18:30 IST
60 percent free airline seats
केंद्र ने फ्लाइट में 60% फ्री सीटें देने का फैसला टाल दिया है। एयरलाइंस की आपत्ति के बाद 20 अप्रैल से लागू होने वाला नियम रोक दिया है। फिलहाल पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी।

News In Short

  • 60% फ्री सीटों वाले पुराने आदेश पर अस्थायी रोक (Temporary Stay) लगी।
  • एयरलाइंस की आपत्तियों के बाद सरकार ने फैसले की समीक्षा शुरू की।
  • 20 अप्रैल से लागू होने वाला नियम अब अगले आदेश तक स्थगित।
  • फिलहाल फ्लाइट में केवल 20% सीटें ही मुफ्त चुनने का विकल्प।
  • मनपसंद सीट के लिए तीन हजार तक का चार्ज जारी रहेगा।

News In Detail

हवाई यात्रियों को मिलने वाली बड़ी राहत फिलहाल टल गई है। केंद्र सरकार ने अपने ही पुराने फैसले पर रोक लगा दी है। अब फ्लाइट में 60% फ्री सीटें चुनने का मौका नहीं मिलेगा। अब अगले आदेश तक पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी।



15 दिन में बदल गया नियम

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 18 मार्च को एक निर्देश दिया था। इसमें एयरलाइंस को 60% सीटें मुफ्त रखना थीं। यह नया नियम 20 अप्रैल से लागू होना था। इसका उद्देश्य सभी को समान अवसर देना था, लेकिन ठीक 15 दिन बाद सरकार ने कदम पीछे खींच लिए।



कंपनियों के विरोध के बाद फैसला टला

इस मुद्दे पर फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (Federation of Indian Airlines) ने आपत्ति जताई है। कंपनियों ने किराए और ऑपरेशनल असर की दलीलें दीं। उन्होंने इसे मौजूदा टैरिफ व्यवस्था के खिलाफ बताया। मंत्रालय ने कहा कि अब इस मुद्दे की व्यापक जांच होगी। जांच पूरी होने तक यह प्रावधान लागू नहीं होगा।



मंत्रालय ने 18 मार्च को की थी घोषणा

दरअसल, 18 मार्च 2026 को मंत्रालय ने एक बहुत ही क्रांतिकारी निर्देश दिया था। इसके बाद विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) ने 20 मार्च को एक सर्कुलर जारी किया। इस नियम के मुताबिक एयरलाइंस को अपनी पॉलिसी में बड़ा बदलाव करना था।



पुराने आदेश की मुख्य बातें-

60% फ्री सीटें: हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें ऐसी होनी चाहिए थीं, जिन्हें चुनने के लिए यात्री को एक भी रुपया न देना पड़े.



पारदर्शिता: कंपनियों को अपनी वेबसाइट और बुकिंग इंटरफेस पर साफ-साफ बताना था कि कौन सी सीटें फ्री हैं.



साथ में बैठने की सुविधा: एक ही PNR पर बुक किए गए यात्रियों को कोशिश करके एक साथ (एक ही लाइन में) सीट दी जानी थी.



अभी 20% सीटों पर ही राहत

फिलहाल यात्रियों को केवल 20% सीटें ही मुफ्त मिलती हैं। बाकी सीटों के लिए भारी एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ता है। मनपसंद सीट के लिए 500 से तीन हजार रुपए तक वसूले जाते हैं। कंपनियां इन्हें प्रेफर्ड सीट बताकर पैसा कमाती हैं। वेब चेक-इन में विकल्प भी बहुत सीमित होते हैं।



दुनिया का तीसरा बड़ा एविएशन मार्केट

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने अहम जानकारी दी है। उन्होनें कहा भारत अब दुनिया का तीसरा बड़ा एविएशन मार्केट है। हर दिन 5 लाख से ज्यादा लोग हवाई सफर करते हैं। उड़ान योजना से हवाई यात्रा अब सुलभ हो गई है। आम आदमी के लिए सफर लगातार आसान बनाया जा रहा है।



हवाई अड्डों पर मिलेंगी नई सुविधाएं

देश में हवाई यात्रा (एयर इंडिया) को और बेहतर बनाया जा रहा है। अब एयरपोर्ट पर किफायती खाना भी मिलेगा। इसके लिए विशेष उड़ान यात्री कैफे शुरू किए गए हैं। साथ ही फ्लाईब्रेरी में मुफ्त किताबें और फ्री वाई-फाई मिलेगा। सरकार टर्मिनल पर यात्री अनुभव को बेहतर बना रही है।



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