भारत में शुरू होने जा रही है Air Taxi, सिर्फ 15 मिनट में गुरुग्राम से पहुंचेंगे नोएडा
अब गुरुग्राम से नोएडा जाना और भी आसान होगा। ट्रैफिक के जाम से अब आपको छुटकारा मिल जाएगा। महज 15 मिनट में आप अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। भारत की पहली एयर टैक्सी का सफल टेस्ट हो चुका है।
बेंगलुरु के स्टार्टअप सरला एविएशन ने यह कमाल किया है। इंडिगो एयरलाइन ने भी इस प्रोजेक्ट में पैसा लगाया है। यह बिजली से चलने वाली एक खास एयर टैक्सी है। इससे घंटों का सफर अब मिनटों में पूरा हो जाएगा। यह ट्रैफिक में फंसने वाले लोगों के लिए यह बड़ी राहत है।
क्या है सरला एविएशन की एयर टैक्सी
भारत में रेलवे और नेशनल हाईवे का जाल तो बिछ चुका है, लेकिन 'इंटर-सिटी' और 'इंट्रा-सिटी' ट्रैफिक आज भी एक सिरदर्द है। सरला एविएशन इसी गैप को भरने के लिए उतरी है।
1. 15 मिनट में पूरा होगा घंटों का सफर
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए गुरुग्राम से नोएडा जाना किसी जंग से कम नहीं है। पीक ऑवर्स में इसमें 2 से 3 घंटे लग जाते हैं। सरला एविएशन की एयर टैक्सी इस दूरी को सिर्फ 15 मिनट में समेट देगी।
2. 6 यात्रियों की क्षमता और इलेक्ट्रिक पावर
हालिया टेस्टिंग में यह बात सामने आई है कि इस एयर टैक्सी में एक साथ 6 यात्री सफर कर सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक है, यानी शोर कम और प्रदूषण शून्य।
3. 'मिडिल डिस्टेंस' जर्नी का समाधान
भारत का मौजूदा ट्रांसपोर्ट सिस्टम या तो लोकल (मेट्रो, ऑटो) के लिए बना है या लंबी दूरी (ट्रेन, फ्लाइट) के लिए। 30 किलोमीटर से 300 किलोमीटर के बीच का सफर हमेशा से थकाऊ रहा है। एयर टैक्सी इसी 100-200 किमी वाले सफर को आसान बनाने की तैयारी में है।
IndiGo का निवेश: गेम चेंजर क्यों है?
इंडिगो जैसी दिग्गज कंपनी का सरला एविएशन में निवेश करना यह बताता है कि फ्यूचर में 'अर्बन एयर मोबिलिटी' (UAM) का है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर का सपोर्ट: इंडिगो के पास पहले से ही एविएशन का बड़ा नेटवर्क और एक्सपीरीयंस है, जिसका फायदा सरला एविएशन को मिलेगा।
- किफायती सफर: इंडिगो हमेशा से किफायती उड़ानों के लिए जानी जाती है। उम्मीद है कि एयर टैक्सी का किराया भी ऐसा होगा जिसे मिडिल क्लास प्रोफेशनल अफोर्ड कर सकें।
- तेजी से विस्तार: फंडिंग के कारण अब ये एयर टैक्सियां केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों में भी जल्दी नजर आएंगी।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
यह एयर टैक्सी हेलीकॉप्टर की तरह वर्टिकल टेक-ऑफ करती है, यानी इसे रनवे की जरूरत नहीं है। इसे ऊंची इमारतों की छतों या छोटे 'वर्टीपोर्ट्स' (Vertiports) से ऑपरेट किया जा सकता है।
- नो जाम: यह ट्रैफिक के ऊपर से उड़ान भरेगी।
- पॉइंट-टू-पॉइंट कनेक्टिविटी: सीधे ऑफिस के पास बने वर्टीपोर्ट पर लैंडिंग।
- समय की बचत: 2 घंटे का सफर सिर्फ 15 मिनट में।
भविष्य की चुनौतियां और अवसर
हालांकि तकनीकी रूप से हम तैयार हैं, लेकिन भारत में एयर टैक्सी शुरू करने के लिए कुछ चुनौतियां भी हैं:
- रेगुलेटरी अप्रूवल: DGCA से सुरक्षा मानकों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के नियमों पर मंजूरी।
- वर्टीपोर्ट्स का निर्माण: शहरों के बीच में टेक-ऑफ और लैंडिंग पैड्स का जाल बिछाना।
- किराया: क्या यह आम जनता के बजट में फिट बैठेगी?
प्रो टिप: शुरुआत में यह प्रीमियम सर्विस हो सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, इसके दाम घटने की पूरी संभावना है।
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