पूर्व पार्षद निकला झपटमार! 5 घंटे तालाब में छुपा रहा, फिर ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
NEWS IN SHORT
- यूपी का पूर्व पार्षद निकला अंतर्राज्यीय झपटमार।
- सिहोरा स्टेशन पर महिला का पर्स चोरी कर भाग रहा था आरोपी।
- पुलिस से बचने तालाब में कूदकर 5 घंटे तक छुपा रहा।
- MP, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में दर्ज हैं कई संगीन मामले।
- RPF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आखिरकार गिरफ्तार।
News in detail
छह अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 4:50 बजे एमपी के सिहोरा रेलवे स्टेशन पर तैनात RPF स्टाफ ने एक संदिग्ध युवक को देखा। वह ट्रेन संख्या 11753 से ऑफ साइड उतरकर तेजी से स्टेशन परिसर से बाहर भाग रहा था। उसकी गतिविधियां असामान्य और घबराहट भरी लग रही थीं, जिससे RPF जवानों को शक हुआ। स्टाफ ने उसका पीछा किया और भागते हुए युवक से यह स्पष्ट हो गया कि वह किसी वारदात को अंजाम देकर भाग रहा था।
तालाब में कूद गया शातिर
आरोपी ने देखा कि पुलिस उसके करीब पहुंच चुकी है। बचने के लिए उसने पास के तालाब में छलांग लगा दी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पानी में 5 घंटे तक छिपा रहा। वह बीच-बीच में सांस लेने के लिए ऊपर आता और फिर पानी में डूब जाता। यह घटनाक्रम एक फिल्मी सीन जैसा था, जहां आरोपी बचने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा था।
तालाब में छुपा रहा आरोपी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए RPF ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। गोताखोरों की मदद से तालाब में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। घंटों की मेहनत के बाद आरोपी को तालाब से निकाला गया। उसे सिहोरा रेलवे स्टेशन लाया गया, लेकिन उसने फिर भागने की कोशिश की। हालांकि RPF के सतर्क जवानों ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान कुछ जवानों को हल्की चोटें आईं, लेकिन उन्होंने आरोपी को भागने नहीं दिया।
पहचान छुपाने में माहिर
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अपनी पहचान छुपाने की कोशिश करता रहा। वह पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग नाम और पते बताता रहा। इससे उसकी पहचान स्थापित करना चुनौतीपूर्ण हो गया। लेकिन RPF और पुलिस ने तकनीकी जांच और पुराने रिकॉर्ड की मदद से 2018 के एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित फोटो से उसका मिलान किया। इसके बाद उसकी असली पहचान हरविंदर सिंह (32), निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रूप में सामने आई।
कई राज्यों में फैला है अपराध का नेटवर्क
प्रारंभिक जांच और ICJS सत्यापन में आरोपी शातिर अपराधी पाया गया। वह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय है। उसके खिलाफ मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। GRP भोपाल, इटारसी, उज्जैन, इगतपुरी, मुंबई, पुणे और विशाखापट्टनम में वह वांछित था। उसके खिलाफ कई स्थायी और फरार वारंट भी लंबित हैं।
हर वारदात में बदलता था सिम
आरोपी का तरीका बेहद सुनियोजित और चालाक था। वह कभी भी पहचान पत्र नहीं रखता था, जिससे उसकी पहचान मुश्किल होती थी। हर वारदात के दौरान वह नया सिम कार्ड इस्तेमाल करता और बाद में उसे नष्ट कर देता था। इस तकनीक से वह लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बचा रहा और विभिन्न राज्यों में वारदातें करता रहा।
यूपी से पार्षद रह चुका है आरोपी
इस पूरे मामले का चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी हरविंदर सिंह कोई आम अपराधी नहीं है। वह दिसंबर 2017 में उत्तर प्रदेश में निर्दलीय पार्षद चुना गया था। यानी वह एक समय जनता का प्रतिनिधि था, लेकिन बाद में उसने अपराध की राह पकड़ ली। यह तथ्य सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
महिला यात्री का पर्स चुराने की कोशिश
पुलिस के अनुसार आरोपी ने ट्रेन में एक महिला यात्री का पर्स चुराया। इसके बाद वह सिहोरा के पास एक तालाब में छुप गया। क्षेत्रीय पुलिस और RPF की सतर्कता से वह बच नहीं सका। लगभग 5 घंटे की मशक्कत के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे 08 अप्रैल 2026 को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
RPF की सतर्कता से बड़ी सफलता
इस पूरी कार्रवाई में RPF टीम की सतर्कता और साहस का अहम योगदान रहा। समय पर कार्रवाई नहीं होती तो आरोपी फरार हो सकता था। इस सफलता को देखते हुए IG रेलवे सुरक्षा बल जबलपुर ने टीम के लिए रिवॉर्ड की घोषणा की है। यह कार्रवाई न केवल एक अपराधी की गिरफ्तारी है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के प्रति RPF की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
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