होर्मुज से बारूदी माइंस हटाने के ट्रम्प के दावे को ईरान ने किया खारिज, मांगा टोल
News In Short
- ईरान का होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण।
- अमेरिका ने माइंस हटाईं, ईरान ने खारिज किया।
- पाकिस्तान में शांति वार्ता बेनतीजा।
- इजराइल का ईरान के परमाणु खतरे पर बयान।
- मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ रहा है।
News In Detail
ईरान अमेरिका जंग:अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इस जलमार्ग पर नियंत्रण का दावा करते हुए जहाजों से टोल लेने का फैसला किया है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस क्षेत्र से बारूदी माइंस हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की। यह स्थिति पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।
होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव की शुरुआत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, अब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का मुख्य केंद्र बन चुका है। ईरान ने हाल ही में इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया।
ईरान ने कहा कि अब यहां से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरानी मुद्रा रियाल में टोल देना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान के बाद यह तनाव और बढ़ गया, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना इस मार्ग से बिछाई गई माइंस को हटा रही है।
अमेरिकी सेना ने शुरू किया माइंस हटाना
ईरान के दावे के बाद, अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में बिछाई गई माइंस को हटाने के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिकी सेना के सेंटकॉम (CENTCOM) ने घोषणा की कि अमेरिकी युद्धपोत इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, जो वैश्विक शिपिंग के लिए खतरा बन सकती हैं।
पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता बेनतीजा
ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बिडेन ने इन वार्ताओं की अगुवाई की थी, जिनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम न करे। हालांकि, ईरान ने अपनी स्थिति पर कायम रहते हुए इस वार्ता को बेनतीजा करार दिया।
इजराइल की परमाणु खतरे पर चिंता
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु हथियारों को लेकर अपनी चिंताओं का इजहार किया। उनका कहना है कि ईरान न सिर्फ परमाणु हथियार बनाने के करीब है, बल्कि यह खतरा पूरी दुनिया के लिए है। इजराइल का मानना है कि ईरान की परमाणु योजना को नष्ट करने के लिए सैन्य कार्रवाई जरूरी है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का प्रभाव पूरी मध्य-पूर्व की सुरक्षा पर पड़ सकता है। होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना या यहां से शिपिंग की बाधा, वैश्विक तेल आपूर्ति में बड़ी मुश्किलें पैदा कर सकता है। अमेरिकी और ईरानी सैन्य कार्रवाइयों के बीच क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से यह स्थिति और जटिल हो सकती है।
FAQ
- होर्मुज स्ट्रेट का महत्व क्यों है?
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व इस कारण है क्योंकि यह पर्शियन गल्फ को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि लगभग एक तिहाई तेल परिवहन यहीं से होता है। - अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर क्या विवाद है?
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण का दावा किया और कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी रियाल में टोल देना होगा। अमेरिका ने इस पर विरोध जताया और समुद्र में बिछाई गई माइंस को हटाने का अभियान शुरू किया। - ईरान की परमाणु योजना को लेकर इजराइल की क्या प्रतिक्रिया है?
इजराइल ने कहा कि ईरान की परमाणु योजना एक बड़ा खतरा है और इसे रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई जरूरी है। इजराइल का मानना है कि ईरान जल्द ही परमाणु हथियार बना सकता है, जो पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है।
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