अफसर क्यों छोड़ रहे पावरफुल नौकरी: 14 महीने में 7 IPS-IAS ने छोड़ी सर्विस

Jitendra Shrivastava | Aug 30, 2026, 19:03 IST
Photograph: (THESOOTR)
आईएएस दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अभिषेक तिवारी के साथ ही 14 महीने में 7 युवा IPS ने भी नौकरी छोड़ दी है। आंकड़े बताते हैं यह मास एग्जिट नहीं, बल्कि करियर बदलने का ट्रेंड बढ़ा है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • 14 महीने में 7 युवा IPS अफसरों ने छोड़ी सरकारी नौकरी।
  • दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद देशभर में तेज हुई बहस।
  • आंकड़े बोले, मास एग्जिट नहीं बस करियर बदलने का चलन है।
  • IRS अफसरों में इस्तीफे की रफ्तार सबसे ज्यादा पाई गई है।
  • कॉरपोरेट पैकेज और राजनीति बनी अफसरों के इस्तीफे की बड़ी वजह।

IAS दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को इस्तीफा दे दिया। पिछले 14 महीनों में 7 युवा IPS अफसरों ने भी सेवा छोड़ी। इससे नौकरशाही में इस्तीफों को लेकर बहस तेज हो गई है। आंकड़े बताते हैं कि बड़े पैमाने पर एग्जिट नहीं हो रहा। असल में करियर बदलने का ट्रेंड बढ़ रहा है।



उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद पद छोड़ दिया। इसी दौरान देशभर में 7 युवा IPS (Indian Police Service) अधिकारियों ने भी इस्तीफा दिया। इन सभी की उम्र 40 साल से कम थी।



इन घटनाओं ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर किस राज्य से सबसे ज्यादा इस्तीफे आ रहे हैं। और नई पीढ़ी का प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी से मोहभंग क्यों हो रहा है।



किन राज्यों से इस्तीफे

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग यानी DoPT (Department of Personnel and Training) के आंकड़ों में किसी एक राज्य में इस्तीफों की बाढ़ नहीं दिखती। हालांकि, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा से हाई-प्रोफाइल मामले सुर्खियों में रहे हैं। DoPT की रिपोर्ट में राज्यवार आंकड़ा भी उपलब्ध नहीं है।



उत्तर प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा 652 स्वीकृत IAS पद हैं। यहीं से दिव्या मित्तल का मामला सामने आया। वे IIT (Indian Institute of Technology) दिल्ली और IIM (Indian Institute of Management) बैंगलोर से पढ़ी हैं। लंदन की बड़ी नौकरी छोड़कर वे IAS बनी थीं।



बिहार से नुरुल होदा और काम्या मिश्रा नाम के दो IPS अफसरों ने इस्तीफा दिया। ओडिशा में भुवनेश्वर की DCP जगमोहन मीणा ने भी सेवा छोड़ी। मध्य प्रदेश के अभिषेक तिवारी, आंध्र प्रदेश के सिद्धार्थ कौशल और उत्तराखंड के लोकेश्वर सिंह भी इस सूची में शामिल हैं।



मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अभिषेक तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। रतलाम, बालाघाट और सागर में एसपी रह चुके IPS ABHISHEK TIWARI दिल्ली में पदस्थ थे। वे NTRO (नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) में सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया, फिलहाल कारण स्पष्ट नहीं है।



2013 कैडर के IPS अभिषेक तिवारी NTRO (National Technical Research Organization) दिल्ली में स्थित भारत की प्रमुख तकनीकी खुफिया एजेंसी में पदस्थ थे। यह एजेंसी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के अधीन कार्य करती है।



ias ips resignation


अफसर क्यों छोड़ रहे नौकरी

हाल के मामलों की स्टडी में तीन बड़े कारण सामने आए हैं। पहला कारण है राजनीतिक महत्वाकांक्षा। काम्या मिश्रा का इस्तीफा राजनीति में जाने की तैयारी माना जा रहा है, जबकि नुरुल होदा ने वक्फ बोर्ड बिल के विरोध में पद छोड़ा।



दूसरा बड़ा कारण कॉरपोरेट और विदेशी मौके हैं। मध्य प्रदेश के अभिषेक तिवारी ने साइबर सिक्योरिटी बिजनेस के लिए IPS छोड़ी। सिद्धार्थ कौशल रिलायंस में गए, वहीं लोकेश्वर सिंह UN (United Nations) की नौकरी के लिए विदेश चले गए।



तीसरा कारण निजी संतुष्टि और नए क्षेत्र हैं। कई अफसर 10-15 साल की सेवा के बाद लेखन या समाजसेवा की तरफ मुड़ते हैं। दिव्या मित्तल का कदम भी इसी दिशा में देखा जा रहा है।



क्या वाकई मास एग्जिट है

सोशल मीडिया पर अक्सर दावा होता है कि IAS-IPS बड़ी संख्या में नौकरी छोड़ रहे हैं। लेकिन संसदीय आंकड़े अलग तस्वीर दिखाते हैं। पिछले 30 सालों में IAS, IPS और IFS (Indian Forest Service) मिलाकर सिर्फ 300 अफसरों ने इस्तीफा या VRS (Voluntary Retirement Scheme) लिया है। यह दर 1 प्रतिशत से भी कम है।



IRS में सबसे ज्यादा एग्जिट

IAS-IPS के मुकाबले IRS (Indian Revenue Service) अफसरों में इस्तीफे की दर काफी ज्यादा है। लोकसभा में नवंबर 2024 में दिए जवाब के मुताबिक 2014 से 2024 के बीच 853 IRS अफसरों ने इस्तीफा या VRS लिया।



इसकी वजह साफ है। IRS अफसर 10-15 साल बाद बिग-4 ऑडिट फर्मों या लीगल ट्रिब्यूनल में जाते हैं। वहां उन्हें सरकारी वेतन से 3 से 5 गुना ज्यादा पैकेज मिलता है।



किन राज्यों से ज्यादा IAS-IPS छोड़ी नौकरी?

संसदीय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के आंकड़ों के अनुसार, किसी एक राज्य में IAS और IPS अधिकारियों के इस्तीफों की कोई अलग से बड़ी लहर दर्ज नहीं की गई है। विभाग की उपलब्ध रिपोर्ट में अधिकारियों के इस्तीफों का राज्यवार पूरा विवरण जारी नहीं किया गया है। हालांकि, हाल के समय में कुछ राज्यों के युवा और चर्चित अधिकारियों के इस्तीफे काफी चर्चा में रहे हैं।



उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में देश के सबसे ज्यादा स्वीकृत IAS पद हैं। यहां IAS अधिकारियों के 652 पद निर्धारित हैं। हाल ही में IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे ने काफी ध्यान खींचा। उन्होंने करीब 13 साल की सेवा के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का फैसला लिया।



दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई की थी। उन्होंने विदेश की अच्छी नौकरी छोड़कर सिविल सेवा को चुना था। मिर्जापुर के लहुरियादह गांव में लंबे समय बाद घर-घर नल से पानी पहुंचाने के काम को लेकर वह चर्चा में आई थीं।



बिहार

बिहार से हाल के दिनों में दो IPS अधिकारियों के इस्तीफे सामने आए हैं। इनमें नुरुल होदा और काम्या मिश्रा के नाम शामिल हैं। दोनों अधिकारियों के सेवा छोड़ने का फैसला काफी चर्चा में रहा।



ओडिशा

ओडिशा में भी युवा IPS अधिकारी जगमोहन मीणा के इस्तीफे ने सुर्खियां बटोरीं। 37 वर्षीय मीणा भुवनेश्वर में DCP पद पर तैनात थीं। उन्होंने अपनी सेवा से हटने का निर्णय लिया।



दूसरे राज्यों में भी सामने आए मामले

देश के अन्य राज्यों से भी कुछ अधिकारियों के इस्तीफे सामने आए हैं। मध्यप्रदेश के IPS अधिकारी अभिषेक तिवारी, आंध्र प्रदेश के सिद्धार्थ कौशल और उत्तराखंड के लोकेश्वर सिंह जैसे अधिकारियों ने भी हाल के समय में सरकारी सेवा छोड़ने का फैसला लिया।



हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों से यह साफ नहीं होता कि किसी एक राज्य में इस्तीफों की संख्या सबसे ज्यादा है। हाल के चर्चित मामलों के आधार पर उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा सबसे ज्यादा चर्चा में रहे हैं।



इस्तीफा देना कितना मुश्किल

किसी भी ऑल इंडिया सर्विस अफसर के लिए इस्तीफा आसान नहीं है। पहले राज्य सरकार जांच करती है कि अफसर पर कोई बकाया या भ्रष्टाचार का मामला तो नहीं है।



अंतिम मंजूरी भी अलग-अलग स्तर पर मिलती है। IAS में प्रधानमंत्री, IPS में गृह मंत्री और IFS में पर्यावरण मंत्री फैसला लेते हैं। सरकार चाहे तो जनहित का हवाला देकर इस्तीफा रोक भी सकती है।



सेवा छोड़ने का ये भी एक कारण

आंकड़ों में दिखने वाले कई इस्तीफे पूरी तरह सेवा छोड़ने के लिए नहीं होते। कई IPS प्रोबेशनर ट्रेनिंग के दौरान दोबारा UPSC (Union Public Service Commission) परीक्षा देते हैं। चयन होने पर वे तकनीकी इस्तीफा देकर IAS जॉइन कर लेते हैं। अनुमान के मुताबिक हर बैच के 15 से 20 प्रतिशत IPS अफसर दोबारा परीक्षा देते हैं।



आंकड़े साफ करते हैं कि सामूहिक इस्तीफे जैसी स्थिति नहीं है। बदलाव सिर्फ अफसरों की सोच में आया है। अब युवा अफसर बेहतर मौका मिलने पर प्रतिष्ठित नौकरी छोड़ने में संकोच नहीं करते।



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