आईपीएस अभिषेक तिवारी का सीक्रेट प्लान, इस्तीफा देने के बाद ऐसे मजबूत करेंगे Make in India

आईपीएस अभिषेक तिवारी ने इस्तीफा दिया। वे सायबर सिक्योरिटी में Make in India को मजबूत करने का प्लान बना रहे हैं। फिलहाल दिल्ली में NTRO में हैं।

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CHAKRESH
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ips abhishek tiwari

Photograph: (THESOOTR)

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मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अभिषेक तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रतलाम, बालाघाट और सागर में एसपी रह चुके IPS ABHISHEK TIWARI ने 'द सूत्र' को बताया कि वे देशहित में कुछ बड़ा करने की योजना बना रहे हैं।

खासतौर पर वे सायबर सिक्योरिटी में कुछ बड़ा करके Make in India की अवधारणा को मजबूत करेंगे। अभिषेक फिलहाल दिल्ली में पदस्थ हैं। वे NTRO ( National Technical Research Organization ) में सेवाएं दे रहे हैं।  

IPS अभिषेक तिवारी: मध्यप्रदेश के जुझारू अधिकारी की प्रेरक यात्रा

IPS अभिषेक तिवारी 2013 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वे मध्यप्रदेश के ही मूल निवासी हैं। उनका जन्म 6 अप्रैल 1984 को सिवनी में हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री जबलपुर से प्राप्त की और बाद में आईआईएम इंदौर से फाइनेंस में पीजीडीएम किया। 

अपनी मैनेजमेंट डिग्री के बाद उन्होंने मुंबई में एस्सार कंपनी में दो साल तक डिप्टी मैनेजर के रूप में काम किया, लेकिन उनकी नजरें हमेशा यूपीएससी की तरफ थीं। यूपीएससी की कठिन परीक्षा को क्रैक करने के बाद, वे आईपीएस बने और 2013 बैच के अधिकारी के रूप में सेवा में आए। इसके अलावा वे राष्ट्रपति वीरता पदक से भी सम्मानित हो चुके हैं।

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अभिषेक तिवारी की शिक्षा और पृष्ठभूमि

अभिषेक तिवारी के परिवार की पृष्ठभूमि भी पुलिस सेवा से जुड़ी रही है। उनके पिता पुलिस विभाग में ही थे और एसडीओ के पद से रिटायर हुए हैं।  

आईपीएस में करियर की शुरुआत

आईपीएस अभिषेक तिवारी ने 2012 में यूपीएससी परीक्षा को पास किया और 2013 में आईपीएस के पद पर चयनित हुए। 23 दिसंबर 2013 को उन्होंने आईपीएस सेवा जॉइन की और हैदराबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में अपनी ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद, उन्होंने मध्यप्रदेश में अपनी सेवा शुरू की और पुलिस विभाग में अपनी पहचान बनाई।

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पुलिस अधीक्षक के रूप में पहली पदस्थापना

उनकी पहली पदस्थापना पुलिस अधीक्षक के रूप में बालाघाट जिले में हुई थी। इस पद पर रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए और अपनी कार्यक्षमता से विभाग में नई मिसाल पेश की। उनके नेतृत्व में बालाघाट में कई महत्वपूर्ण अभियानों की सफलता ने उन्हें वीरता पदक से सम्मानित किया।

आईपीएस अभिषेक तिवारी की यात्रा न केवल एक प्रेरणा है, बल्कि यह यह भी बताती है कि कैसे कठोर मेहनत, समर्पण और सही दिशा में कदम उठाने से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। उनका कैरियर उन युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो प्रशासनिक सेवा में अपना करियर बनाने का सपना देखते हैं।

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