आईएएस रोहिणी और आईपीएस रूपा का विवाद: SC बोला- खुद बर्बाद कर रहीं करियर
समझें क्या है पूरा मामला...
- कर्नाटक कैडर की दो वरिष्ठ महिला अफसर आपस में ही भिड़ गई हैं।
- आईएएस रोहिणी सिंधुरी और आईपीएस रूपा मौदगिल में तीन साल से विवाद है।
- फरवरी 2023 में रूपा ने सोशल मीडिया पर रोहिणी पर गंभीर आरोप लगाए थे।
- मामला निचली अदालत से होता हुआ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज जस्टिस कुरियन जोसेफ को सुलह की जिम्मेदारी सौंपी है।
दो वरिष्ठ अफसरों की लड़ाई SC तक पहुंची
कर्नाटक कैडर की दो वरिष्ठ महिला अधिकारी इन दिनों किसी और से नहीं, बल्कि आपस में ही लड़ रही हैं। आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी और आईपीएस अधिकारी रूपा मौदगिल के बीच पिछले तीन साल से कड़वाहट और कानूनी जंग चल रही है। यह झगड़ा इतना बड़ा हो गया कि अब देश की सबसे बड़ी अदालत को दखल देना पड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व जज जस्टिस कुरियन जोसेफ को इस विवाद में मध्यस्थता करने और दोनों अधिकारियों के बीच स्थायी शांति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी।
कोर्ट ने लगाई कड़ी फटकार
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को आईना दिखाया। कोर्ट ने सीधे शब्दों में कहा कि ये दोनों अधिकारी इस अंतहीन मुकदमेबाजी के जरिए अपना खुद का करियर बर्बाद कर रही हैं।
कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों को मध्यस्थता के जरिए इस मामले का हल खोजने की सलाह दी। दोनों तरफ के वकीलों ने इसे मान लिया। अब दोनों अधिकारियों को जुलाई में जस्टिस कुरियन जोसेफ के सामने पेश होना होगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों में एक-दूसरे के खिलाफ चल रहे मानहानि मुकदमों की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है।
कब और कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद फरवरी 2023 में उस वक्त सार्वजनिक हुआ जब आईपीएस रूपा मौदगिल ने सोशल मीडिया पर आईएएस रोहिणी सिंधुरी के खिलाफ एक के बाद एक कई पोस्ट किए। इन पोस्ट्स में रूपा ने रोहिणी पर आय से अधिक संपत्ति रखने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे।
रोहिणी सिंधुरी ने इसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया और रूपा को उनके खिलाफ मानहानिकारक बयान देने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा हासिल कर ली।
हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट का सफर
आईपीएस रूपा ने इस अदालती कार्यवाही को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी। वहीं, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
इधर, रोहिणी सिंधुरी की तरफ से भी कार्यवाही रद्द करने की एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी, जिसे वहां से खारिज कर दिया गया। उन्होंने भी सुप्रीम कोर्ट में अपील की। इसी अपील की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने जस्टिस कुरियन जोसेफ को मध्यस्थ नियुक्त किया।
कौन हैं ये दोनों अधिकारी?
रोहिणी सिंधुरी कर्नाटक कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। रूपा मौदगिल उसी कैडर की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। दोनों का यह विवाद सरकारी सेवा में अनुशासन और गरिमा को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी खुद में बहुत कुछ कह देती है। दो वरिष्ठ अधिकारियों का इस तरह सार्वजनिक रूप से उलझना और फिर अदालतों के चक्कर लगाना न सिर्फ उनके करियर को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सरकारी सेवा की साख पर भी असर डालता है।
अब जुलाई में होगी अगली पहल
दोनों अधिकारियों को जुलाई में जस्टिस कुरियन जोसेफ के सामने उपस्थित होना है। तब तक निचली अदालतों में चल रही कार्यवाही रुकी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट की कोशिश है कि यह विवाद मध्यस्थता के जरिए हमेशा के लिए खत्म हो और दोनों अधिकारी अपने काम पर ध्यान दे सकें।
FAQ
- आईएएस रोहिणी सिंधुरी और आईपीएस रूपा मौदगिल के बीच विवाद की वजह क्या है?
फरवरी 2023 में आईपीएस रूपा मौदगिल ने सोशल मीडिया पर आईएएस रोहिणी सिंधुरी के खिलाफ कई पोस्ट किए। इनमें रोहिणी पर आय से अधिक संपत्ति रखने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए। इसके बाद रोहिणी ने अदालत से निषेधाज्ञा हासिल की और मामला निचली अदालत से होता हुआ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
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