गैस की eKYC के लिए एक हजार किलोमीटर का सफर! दिल्ली के ग्राहक को रांची आने का फरमान

Arohi Raj | Sootr Creatives | Nov 02, 2026, 18:38 IST
दिल्ली में रह रहे ग्राहक को eKYC के लिए रांची बुलाया गया।
'Digital India' promises to make government services more accessible, with the assurance that most tasks can be completed via mobile. Yet, often, the mobile apps themselves fail to function properly.
डिजिटल इंडिया में सरकारी सेवाएं आसान बनाने की बात होती है। लोगों को बताया जाता है कि ज्यादातर काम मोबाइल से होंगे। लेकिन कई बार मोबाइल ऐप ही ठीक से काम नहीं करता। जरूरी सेवा के लिए ग्राहक को दूसरे शहर बुलाया जाता है। मामला इंडेन गैस कनेक्शन से जुड़ा है। दिल्ली में रहने वाले एक ग्राहक को eKYC के लिए रांची बुलाया गया है।

दरअसल, ग्राहक का गैस कनेक्शन झारखंड की राजधानी रांची में है। लेकिन नौकरी और दूसरे कारणों से वह दिल्ली में रहते हैं। उनका परिवार रांची में ही रहता है। इसी गैस कनेक्शन से परिवार का खाना बनता है। अब ग्राहक को गैस सिलेंडर बुक कराने में परेशानी हो रही है। बुकिंग के दौरान eKYC पूरी नहीं होने से जुड़ा मैसेज मिलता है। ग्राहक का कहना है कि वह कई दिनों से मोबाइल से वेरिफिकेशन कर रहे हैं। लेकिन हर बार प्रक्रिया बीच में ही रुक जाती है।



खबरों के मुताबिक, कभी फेस वेरिफिकेशन नहीं हो पाता। कभी ऐप की स्क्रीन आगे नहीं बढ़ती। इससे परेशान होकर ग्राहक ने रांची की एस.के गैस सर्विस से संपर्क किया। एजेंसी ने उन्हें खुद रांची आने के लिए कहा। एजेंसी के मुताबिक, eKYC के लिए उनका आना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर गैस सिलेंडर मिलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि पहचान साबित करने का दूसरा रास्ता क्यों नहीं है?



नए गैस कनेक्शन मिलने में अप्रैल से हो रही परेशानी

ग्राहक के मुताबिक, एक एजेंसी ने बताया कि अप्रैल से नए गैस कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। ऐसे में पुराने ग्राहकों को eKYC पूरी करने के लिए कहा जा रहा है। इससे दूसरे शहरों में रहने वाले ग्राहकों की परेशानी बढ़ सकती है। कई लोगों के गैस कनेक्शन उनके गांव या दूसरे शहर में हैं। लेकिन नौकरी और कारोबार के कारण वे कहीं और रहते हैं। उनका परिवार पुराने शहर में ही रहता है।



ऐसे ग्राहकों के लिए ऑनलाइन वेरिफिरेशन की सुविधा जरूरी है। लेकिन ऐप से eKYC पूरी नहीं हो रही है। एजेंसी भी खुद आने के लिए कह रही है। ऐसे में डिजिटल सुविधा का फायदा कैसे मिलेगा? ग्राहक ने रांची में गैस की कमी का आरोप भी लगाया है।



उनका दावा है कि वहां सिलेंडर मिलने में परेशानी हो रही है। उन्होंने ब्लैक मार्केटिंग का आरोप भी लगाया है। उनके मुताबिक, एक सिलेंडर के लिए दो हजार दो सौ से दो हजार 500 रुपए मांगे जा रहे हैं। इससे आम परिवारों की मुश्किल बढ़ सकती है।



घर बैठे eKYC की सुविधा, फिर एजेंसी क्यों बुला रही है?

पेट्रोलियम मंत्रालय और सरकारी तेल कंपनियां आधार (AADHAR) आधारित वेरिफिकेशन करा रही हैं। इसे बायोमेट्रिक eKYC कहा जाता है। इसका मकसद फर्जी गैस कनेक्शन की पहचान करना है। इससे डुप्लीकेट कनेक्शन रोकने में भी मदद मिलेगी।



साथ ही सरकारी सब्सिडी सही लोगों तक पहुंच सकेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य गलत नहीं है। लेकिन परेशानी तब होती है, जब ग्राहक वेरिफिकेशन नहीं कर पाता। तकनीकी दिक्कतों के कारण कई बार प्रक्रिया अधूरी रह जाती है।



पेट्रोलियम मंत्रालय ने 19 सितंबर 2026 को जानकारी जारी की थी। इसमें घर बैठे बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की सुविधा बताई गई थी। मंत्रालय के मुताबिक, हर ग्राहक को एजेंसी जाना जरूरी नहीं है। इंडेन ग्राहक इंडियन ऑयल वन (IndianOil ONE) ऐप से eKYC कर सकते हैं।



इसके अलावा डिलीवरी के समय भी वेरिफिकेशन कराया जा सकता है। डिलीवरी कर्मचारी अपने मोबाइल ऐप से यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है। तीसरा विकल्प गैस एजेंसी के शोरूम पर जाने का है। यानी ग्राहकों के पास वेरिफिकेशन के तीन रास्ते हैं।



लेकिन ऐप से प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर क्या होगा? क्या ग्राहक को दूसरे शहर की एजेंसी जाना पड़ेगा? कंपनी को पहले तकनीकी परेशानी का कारण समझना चाहिए। इसके बाद ग्राहक को दूसरा ऑथोराइज्ड ऑप्शन देना चाहिए।



ऐप में दिक्कत तो ग्राहक क्यों होती परेशानी?

जानकारी के मुताबिक, बैंकिंग से सरकारी योजनाओं तक कई सेवाएं ऑनलाइन हैं। मोबाइल ऐप से लोगों का समय बचता है। उन्हें दफ्तरों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ते। लेकिन डिजिटल सुविधा तभी फायदेमंद है, जब वह सही चले। आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) में कई चीजें जरूरी होती हैं।



इसमें कैमरा, इंटरनेट और रोशनी की अहम भूमिका होती है। चेहरे की सही पहचान भी जरूरी है। इन कारणों से वेरिफिकेशन बीच में रुक सकता है। UIDAI भी बेहतर वेरिफिकेशन के लिए कुछ सावधानियां बताता है। इनमें अच्छी रोशनी और साफ कैमरा शामिल हैं। लेकिन ग्राहक कई दिनों तक कोशिश करता रहे। फिर भी उसका वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो। ऐसे में उसे क्या करना चाहिए? क्या बार-बार कोशिश करना ही एकमात्र रास्ता है?



खबरों के मुताबिक, ग्राहक का कहना है कि उन्होंने इंडेन (Indane) में शिकायत की। लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कस्टमर केयर से संपर्क करने पर भी समाधान नहीं मिला। उन्हें eKYC के लिए एजेंसी जाने को कहा गया। ग्राहक के मुताबिक, वेरिफिकेशन की तय तारीख भी खत्म हो चुकी है।



ऐसे में कंपनी की व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। ऐप में तकनीकी दिक्कत आए तो समाधान कौन देगा? क्या कंपनी के पास शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए? ग्राहक को समय पर मदद मिलना भी जरूरी है।



FAQs



  1. Indane गैस कनेक्शन की eKYC क्यों कराई जा रही है?
    Indane गैस कनेक्शन के लिए eKYC का उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शन की पहचान करना और सरकारी सब्सिडी को सही लोगों तक पहुँचाना है।
  2. क्या Indane गैस की eKYC घर बैठे हो सकती है?
    हां, Indane ग्राहक IndianOil ONE ऐप के माध्यम से घर बैठे eKYC कर सकते हैं।
  3. क्या eKYC के लिए गैस एजेंसी जाना जरूरी है?
    नहीं, मंत्रालय के अनुसार eKYC के लिए गैस एजेंसी जाना जरूरी नहीं है। ग्राहक ऐप के जरिए या डिलीवरी के समय वेरिफिकेशन करवा सकते हैं।
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