1 अक्टूबर से बदल गए आधार से जुड़े ये नियम: UIDAI ने आधार फेस रिकग्निशन समेत पांच बदलाव किए, अपडेट कराने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 01, 2026, 15:24 IST
UIDAI ने आधार फेस रिकग्निशन समेत पांच नए बदलाव किए हैं।
देश में अब चेहरा दिखाकर भी आधार की पहचान होगी। 1 अक्टूबर से आधार से जुड़े नियम बदल गए हैं। UIDAI (यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने आधार फेस रिकग्निशन समेत पांच अहम बदलाव किए हैं। इसका फायदा राशन बांटने में होने वाली गड़बड़ियां कम करने में होंगी। साथ ही आधार फेस रिकग्निशन से कार्ड धारकों के चेहरे की पहचान की जा सकेगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- आधार को अब नए हाईटेक सिस्टम से लिंक किया जा रहा है।
- आधार फेस रिकग्निशन से कार्ड धारक के चेहरे की पहचान होगी।
- इसका फायदा राशन बांटने में होने वाली गड़बड़ियां कम करने में होंगी।
- UIDAI ने आधार फेस रिकग्निशन समेत पांच बदलाव किए गए हैं।
- आधार को 23 भाषाओं में उपलब्ध कराने पर भी काम होगा।
इससे क्या लाभ होगा
UIDAI का नया नियम
- पहला-फेस ऑथेंटिकेशन
- दूसरा-आधार पोर्टल 2.0
- तीसरा-वेबसाइट और ऐप का नया डिजाइन है
- चौथा- नया फ्रेमवर्क
- पांचवां-आधार टोकन सिस्टम है।
आधार फेस रिकग्निशन से क्या बदलेगा
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (UTs) इसे अपने-अपने सिस्टम में शामिल कर सकते हैं। यानी इसे अपनाना राज्यों के हाथ में रहेगा।
e-PDS में फेस ऑथेंटिकेशन का फायदा
आधार पोर्टल 2.0 में क्या नया है
वेबसाइट और ऐप में कौन सी सुविधाएं जुड़ीं
आधार टोकन सिस्टम से किसे फायदा मिलेगा
नया फ्रेमवर्क निजी क्षेत्र को क्या देगा
डिजिटल गवर्नेंस पर क्या असर होगा
23 भाषाओं में आधार की तैयारी
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQs
- आधार फेस रिकग्निशन क्या है और यह कैसे काम करेगा?
आधार फेस रिकग्निशन एक नया सिस्टम है जिसमें कार्ड धारक के चेहरे की पहचान कैमरे के माध्यम से की जाएगी, जिससे राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियां कम होंगी। यह फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैनिंग के साथ एक विकल्प प्रदान करेगा। - UIDAI ने आधार में कौन-कौन से बदलाव किए हैं?
UIDAI ने आधार में पांच महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं: फेस ऑथेंटिकेशन, आधार पोर्टल 2.0, वेबसाइट और ऐप का नया डिजाइन, नया फ्रेमवर्क, और आधार टोकन सिस्टम। - आधार की 23 भाषाओं में उपलब्धता का क्या महत्व है?
आधार की 23 भाषाओं में उपलब्धता का मकसद सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुँचाना है, जिससे भाषा की दीवारें हटा सकें और लोगों को बेहतर जानकारी और सेवाएं मिल सकें।
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