SIR वाले फॉर्म-6 से हटा अतिरिक्त घोषणा पत्र, चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति

Sumit Kumar | Sept 30, 2026, 12:11 IST
Share
चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पूरा कर चुके राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से अतिरिक्त घोषणा पत्र हटा दिया है।<br>
चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पूरा कर चुके राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से अतिरिक्त घोषणा पत्र हटा दिया है।

चुनाव आयोग (Election Commission) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पूरा कर चुके राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से अतिरिक्त घोषणा पत्र हटा दिया है। फॉर्म-6 में आवेदक से पूछा जा रहा था कि क्या उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज था। अब नए मतदाता बनने के लिए आवेदन करने वालों से एसआईआर से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी नहीं मांगी जाएगी।

हालांकि जिन राज्यों में अभी SIR प्रक्रिया चल रही है, वहां फॉर्म-6 में यह जानकारी देनी होगी। यह बदलाव ECINET पोर्टल पर किया गया है।

क्या जानकारी मांगी जा रही थी?

फॉर्म-6 में जोड़े गए अतिरिक्त घोषणा पत्र में आवेदक से पूछा जा रहा था कि क्या उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज था।

अगर नाम दर्ज था तो आवेदक से EPIC नंबर, राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर जैसी जानकारी मांगी जा रही थी।

चुनाव आयोग में आंतरिक कलह: दो आयुक्तों की आपत्तियों पर नौ नए फैसले, वोटर लिस्ट पर सवाल | Internal conflict in Election Commission: Nine new decisions on objections of two commissioners, questions on voter list
चुनाव आयोग के 9 फैसले: संधू-जोशी की आपत्तियों के बाद बदले नियम, फॉर्म 6 पर सवाल बरकरार
27 Sept 2026 ,
By Sumit Kumar
शनिवार को हुई बैठक में चुनाव आयोग ने नौ बड़े फैसले लिए। ये फैसले चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की करीब 10 महीने पुरानी आपत्तियों के जवाब माने जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में एजेंडा बांटने से लेकर आईटी सिस्टम तक कई बदलाव किए गए।
शनिवार को हुई बैठक में चुनाव आयोग ने नौ बड़े फैसले लिए। ये फैसले चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की करीब 10 महीने पुरानी आपत्तियों के जवाब माने जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में एजेंडा बांटने से लेकर आईटी सिस्टम तक कई बदलाव किए गए।

SIR पूरा होने के बाद क्यों हटाया गया?

एसआईआर के दौरान पुराने मतदाता रिकॉर्ड और मौजूदा वोटर लिस्ट की जांच की जाती है। ऐसे में जिन राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए वोटर से दोबारा यह जानकारी लेना जरूरी नहीं माना गया।

वहीं जिन राज्यों में SIR अभी जारी है, वहां पुराने रिकॉर्ड से मिलान के लिए यह जानकारी ली जा रही है।

फॉर्म-6 विवाद: नए वोटर आवेदन में क्या बदला? 5 किरदारों से समझें पूरा मामला | Form-6 Controversy: What Changed in New Voter Applications? Understand the Whole Matter with 5 Characters
Form-6 विवाद: नए वोटर आवेदन में क्या बदला, जिस पर उठे सवाल? 5 किरदारों से समझिए पूरा मामला
25 Sept 2026 ,
By Sumit Kumar
भारत में मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया को लेकर इन दिनों विवाद चल रहा है। मामला चुनाव आयोग के फॉर्म-6 और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया से जुड़ा है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया को नियमों के तहत बताया है।
भारत में मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया को लेकर इन दिनों विवाद चल रहा है। मामला चुनाव आयोग के फॉर्म-6 और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया से जुड़ा है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया को नियमों के तहत बताया है।

दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म-6 में SIR से जुड़ी जानकारी जोड़ने पर आपत्ति जताई थी।

उनका कहना था कि फॉर्म-6 एक तय वैधानिक फॉर्म है और इसमें बदलाव के लिए नियमों में संशोधन जरूरी है।

सुखबीर सिंह संधू ने ऑनलाइन फॉर्म-6 में जोड़े गए इस हिस्से को हटाने की बात कही थी।

अब SIR पूरा कर चुके राज्यों में फॉर्म-6 प्रक्रिया पहले की तरह सरल कर दी गई है।

कितने राज्यों में हो चुका है SIR?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के पहले और दूसरे चरण में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल रहे। इन राज्यों में मतदाता सूची के पुराने रिकॉर्ड और नए मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया गया।

एसआईआर के बाद हुए चुनावों में बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम में भाजपा की जीत हुई। वहीं केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में थलापति विजय की राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' (Tamilaga Vettri Kazhagam) ने जीत दर्ज की। चुनाव आयोग ने असम में SIR की जगह स्पेशल रिवीजन (SR) की थी। यहां भी भाजपा की सरकार बनी।

तीसरे चरण में 16 राज्यों में शरू होगी SIR की प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने 14 मई को दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और उत्तराखंड समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कराने की घोषणा की थी। इसे SIR का तीसरा चरण बताया गया है।

इस पूरी प्रक्रिया को 30 मई से 23 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है।

तीसरे चरण में शामिल राज्यों में पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं अन्य राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव प्रस्तावित हैं।
Tags:
  • epic
  • Election Commission of India
  • चुनाव आयोग
  • sir
  • वोटर लिस्ट
  • voter list
  • एसआईआर
  • Form-6
  • द इंडियन एक्सप्रेस
  • ECINET
मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 जिलों के कलेक्टर बदले; CM मोहन यादव के कुनबे में भी बढ़ोतरी

By Sumit Kumar

मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 जिलों के कलेक्टर बदले; CM मोहन यादव के कुनबे में भी बढ़ोतरी
सरकार ने जारी की नई किराया दरें, साधारण से लेकर एसी और स्लीपर बसों तक यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर

By VINAY VERMA

सरकार ने जारी की नई किराया दरें, साधारण से लेकर एसी और स्लीपर बसों तक यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर
भजनलाल शर्मा की समीक्षा बैठक के बाद पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई, 9 अफसरों पर गिरी गाज

By Ashish Bhardwaj

भजनलाल शर्मा की समीक्षा बैठक के बाद पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई, 9 अफसरों पर गिरी गाज
Fire Safety Rules 2026: आग लगी तो जिम्मेदार कौन? MP में अब हर साल देना होगा भवनों की सुरक्षा का हिसाब

By Ramanand Tiwari

Fire Safety Rules 2026: आग लगी तो जिम्मेदार कौन? MP में अब हर साल देना होगा भवनों की सुरक्षा का हिसाब
पुलिस होती कौन है हमें रोकने वाली? AISF कार्यकर्ता श्रावणी का बड़ा आरोप, इटारसी हिरासत से हाईकोर्ट तक की पूरी कहानी

By Neel Tiwari

पुलिस होती कौन है हमें रोकने वाली? AISF कार्यकर्ता श्रावणी का बड़ा आरोप, इटारसी हिरासत से हाईकोर्ट तक की पूरी कहानी
CG Top News: CM हाउस के बाहर हंगामा, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का WhatsApp हैक, मंत्रालय में 162 कर्मचारियों के तबादले समेत पढ़े बड़ी खबरें

By Umeshwari Baghel

CG Top News: CM हाउस के बाहर हंगामा, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का WhatsApp हैक, मंत्रालय में 162 कर्मचारियों के तबादले समेत पढ़े बड़ी खबरें
Rajasthan Top News: जयपुर जिला परिषद चुनाव में भाजपा-कांग्रेस ने घोषित किए प्रत्याशी

By Ashish Bhardwaj

Rajasthan Top News: जयपुर जिला परिषद चुनाव में भाजपा-कांग्रेस ने घोषित किए प्रत्याशी