भारत बना दुनिया का छठा सबसे अमीर देश, अल्ट्रा-रिच लोगों की संख्या में उछाल
News in short
- भारत दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में अब छठे स्थान पर पहुंच गया है।
- 250 करोड़ से ज्यादा संपत्ति वाले लोगों की संख्या 2026 में 19 हजार 877 है, जो 2031 तक 25 हजार के पार होगी।
- देश में फिलहाल 207 अरबपति हैं, जिनकी संख्या 2031 तक 51% बढ़कर 313 होने का अनुमान है।
- मुंबई 35.4% अमीरों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि दिल्ली और हैदराबाद में भी तेजी से संपत्ति बढ़ रही है।
- डिजिटल बिजनेस, शेयर बाजार और स्टार्टअप्स ने भारत में धन सृजन की रफ्तार को नई दिशा दी है।
News in detail
भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार अब केवल विकास दर के आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर अब देश में बन रही संपत्ति पर भी दिखने लगा है। नाइट फ्रैंक की ताजा वेल्थ रिपोर्ट ने इस बदलती तस्वीर को साफ कर दिया है।
भारत अब दुनिया में अल्ट्रा-रिच यानी बेहद संपन्न लोगों की संख्या के मामले में (अमीरों की लिस्ट) सातवें पायदान से उछलकर छठे स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक ताकत का वैश्विक प्रमाण है।
2031 तक करोड़पतियों की संख्या 25 हजार के पार
रिपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत में उन लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है जिनकी संपत्ति 250 करोड़ रुपए से अधिक है। साल 2026 में ऐसे अति-संपन्न लोगों की संख्या 19 हजार 877 तक पहुंच चुकी है।
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2031 तक यह आंकड़ा 25 हजार को पार कर जाएगा, जो करीब 27 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी को दर्शाता है। दिलचस्प बात यह है कि यह ट्रेंड वैश्विक स्तर पर भी है। जहां 2021 में दुनिया भर में 5 लाख 51 हजार 435 सुपर-रिच लोग थे, वहीं 2026 तक यह संख्या सात लाख के पार जा चुकी है।
भारत में पढ़ती अमीरी?
भारत में अमीरों की इस बढ़ती संख्या के पीछे नई अर्थव्यवस्था का बड़ा हाथ है। डिजिटल कारोबार, स्टार्टअप कल्चर, शेयर बाजार में उछाल और तकनीक ने धन सृजन के नए रास्ते खोले हैं।
इसके अलावा, पारंपरिक पारिवारिक व्यवसायों ने भी आधुनिकता को अपनाकर अपनी संपत्ति में कई गुना इजाफा किया है। यही कारण है कि अब अमीरी सिर्फ कुछ पुराने घरानों तक सीमित नहीं रही।
मुंबई अभी भी वेल्थ हब
देश में सुपर-रिच लोगों का सबसे पसंदीदा ठिकाना आज भी मायानगरी मुंबई है। जहां देश के कुल अमीरों का करीब 35.4 फीसदी हिस्सा रहता है। हालांकि, अब दिल्ली, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहर भी तेजी से इस लिस्ट में ऊपर आ रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि संपत्ति का वितरण अब देश के अलग-अलग हिस्सों में ज्यादा व्यापक होता जा रहा है।
अरबपतियों की संख्या में 51%
भारत में केवल करोड़पति ही नहीं, बल्कि अरबपतियों (10 अरबपतियों की सूची) की संख्या में भी ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। साल 2026 में देश में 207 अरबपति हैं, जिनकी नेटवर्थ 8 हजार करोड़ रुपए या उससे ज्यादा है।
अनुमान है कि अगले पांच सालों (2031 तक) में यह संख्या 313 तक पहुंच सकती है। यानी अरबपतियों की संख्या में लगभग 51 फीसदी का उछाल आने की उम्मीद है। यदि यही रफ्तार जारी रही, तो भारत जल्द ही दुनिया के टॉप-5 सबसे अमीर देशों में शामिल हो सकता है।
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