मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत ने बनाया प्लान, 41 देशों से आ रहा कच्चा तेल

Sandeep Kumar | Aug 10, 2026, 23:53 IST
मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत ने बनाया प्लान
भारत ने तेल-गैस आयात के देशों की संख्या बढ़ाई है। अब 41 देशों से कच्चा तेल और 15 देशों से LNG मंगाया जा रहा है। सरकार ने राज्यसभा में यह जानकारी दी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भारत ने तेल और गैस आयात नेटवर्क बढ़ाया है।
  • अब 41 देशों से कच्चा तेल आएगा।
  • LNG सप्लाई के लिए 15 देश जुड़े हैं।
  • सरकार ने राज्यसभा में जानकारी साझा की।
  • मकसद ऊर्जा सप्लाई जोखिम कम करना है।

41 देशों से आ रहा कच्चा तेल

भारत ने तेल और गैस आयात के देशों की संख्या बढ़ाई है। अब भारत 41 देशों से कच्चा तेल मंगा रहा है। LNG के लिए अब 15 देशों से सप्लाई ली जा रही है। सरकार ने राज्यसभा में यह जानकारी लिखित जवाब में दी। मकसद है सप्लाई में रुकावट के खतरे को कम करना।



केंद्र का कई देशों से संपर्क

भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लगातार मजबूत कर रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने कई देशों से नए सिरे से संपर्क साधा है। राज्यसभा में सरकार ने इसकी पूरी जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, भारत ने अपने एनर्जी इंपोर्ट का दायरा काफी बढ़ाया है। पहले भारत सिर्फ छह देशों से लिक्विफाइड नेचुरल गैस मंगाता था। अब यह संख्या बढ़कर 15 देश हो गई है। कच्चे तेल के मामले में भी यही ट्रेंड दिखा है। पहले भारत 27 देशों से कच्चा तेल खरीदता था। अब यह आंकड़ा बढ़कर 41 देशों तक पहुंच गया है।



मिडिल ईस्ट संकट का असर

यह कदम ऐसे समय उठाया गया जब दुनिया भर में तनाव बढ़ा है। अहम समुद्री रास्तों पर भी कई बार रुकावटें आई हैं। इससे एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोमवार को राज्यसभा में यह बात रखी। मंत्रालय ने बताया कि बड़ा सोर्सिंग नेटवर्क बनाने का मकसद साफ है। किसी एक मार्केट या रूट में रुकावट का असर कम करना जरूरी है।



डायवर्सिफिकेशन से मिलेगी मजबूती

पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने इस पर लिखित जवाब दिया। उन्होंने बताया कि डायवर्सिफिकेशन से निर्भरता घटी है। अब किसी एक देश या रूट पर दबाव नहीं रहेगा।



इससे भारत की क्षमता भी बढ़ी है। सप्लाई में रुकावट या मार्केट में उतार-चढ़ाव को संभालना अब आसान होगा। LNG सप्लायर बेस बढ़ना इसी रणनीति का हिस्सा है।



कच्चे तेल की सोर्सिंग बढ़ाने की जानकारी पहले भी सामने आई थी। यह तब हुआ जब मिडिल ईस्ट से शिपमेंट में जोखिम बढ़ा था। भारत ने समय रहते विकल्प तलाशने शुरू कर दिए थे।



ग्लोबल सप्लाई पर सरकार की नजर

मंत्रालय पब्लिक सेक्टर की तेल-गैस कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। साथ ही अन्य स्टेकहोल्डर्स से भी लगातार संपर्क बना हुआ है। मकसद है संभावित खतरों पर पैनी नजर रखना। सरकार लगातार ग्लोबल सप्लाई की स्थितियों का आकलन करती है। कच्चे तेल, LNG (Liquefied Natural Gas) और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई बिना रुकावट चले, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके लिए जरूरी कदम समय-समय पर उठाए जाते हैं।



तेल भंडार बढ़ाने की तैयारी

आयात में विविधता के साथ-साथ सरकार भंडारण क्षमता भी बढ़ा रही है। इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड अभी तीन फैसिलिटी चलाती है। ये आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में मौजूद हैं।



इनकी कुल क्षमता 5.33 मिलियन मीट्रिक टन है। ओडिशा के चंडीखोल और कर्नाटक के पादुर में दो और रिजर्व को मंजूरी मिली है। इनसे 6.5 मिलियन टन की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी।



हालांकि ये दोनों फैसिलिटी अभी इस्तेमाल के लिए तैयार नहीं हैं। इनका काम पूरा होने के बाद भारत का तेल भंडार और मजबूत होगा। इससे आपातकाल में देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी।



FAQ

  1. भारत अब कितने देशों से LNG मंगा रहा है?
    भारत अब 15 देशों से LNG मंगा रहा है। पहले यह संख्या सिर्फ छह थी। सरकार ने राज्यसभा में यह जानकारी दी है।
  2. कच्चे तेल के लिए भारत की सोर्सिंग कितनी बढ़ी है?
    भारत अब 41 देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है। पहले यह संख्या 27 देश थी। यह बदलाव मिडिल ईस्ट संकट के बाद हुआ है।

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